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ह्वासंग टाउनशिप-1

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  जनता के लिए बसाया गया एक और शानदार टाउनशिप!   विगत 16 अप्रैल 2023 को आम जनता के लिए जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग के ह्वासंग में पहले चरण के 10, 000 फ्लैटों वाले शानदार टाउनशिप का उद्घाटन वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन द्वारा किया गया. इस विशालकाय टाउनशिप का शिलान्यास 12 फरवरी 2022 को किया गया और 1 साल 2 महीने 4 दिनों के बाद देश की असली मालिक आम जनता को सुपुर्द कर दिया गया.   समाजवाद के विकास और भविष्य की प्रतीक ये इमारतें जनवादी कोरिया की महान वर्कर्स पार्टी की अमर यात्रा के साथ-साथ दुनिया में देश की जनता की गरिमा और समृद्धि का प्रदर्शन करने और एक नए युग की शुरुआत करने के लिए एक के बाद एक उभर रही हैं. इस आधुनिक टाउनशिप का निर्माण जनवादी कोरिया की जन सेना के जवानों और सामान्य नागरिक निर्माण मजदूरों द्वारा क्रांतिकारी भावना से किया गया है. 2 सालों में फ्यंगयांग में 20,000 फ्लैटों के साथ साथ दो आधुनिक टाउनशिप भी अस्तित्व में आ चुके हैं जो पार्टी की जनवरी 2021 की आठवीं कांग्रेस के निर्णयानुसार पांच सालों में जनता के लिए 50,000 फ्लैट बनाने की परियोजना ...

कारखाने का शिशु पालन केंद्र

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 जनवादी कोरिया में शिशु पालन राज्य का परम कर्तव्य और क्रांतिकारी कार्यभार है. इसलिए वहाँ के कारखानों के परिसरों तक में शिशु पालन केंद्र बने हुए हैं और ऐसी व्यवस्था वाला वह दुनिया का इकलौता देश है.अपने आप को असली कम्युनिस्ट समझने वाले साथियों से गुजारिश है कि थोड़ा जनवादी कोरिया के बारे में सही से थोड़ा पढ़ा लिखा करें क्योंकि जनवादी कोरिया को लेकर तथाकथित कम्युनिस्ट, लिबरल और अंधभक्त अंडोले कमोबेश एक ही भाषा बोलते पाए जाते हैं. बाकी दक्षिण कोरिया के पैसों पर पलने वाले और अपनी जमीर का सौदा करने वाले तथाकथित कोरिया विशेषज्ञों से तो कोई उम्मीद ही नहीं की जा सकती. जनवादी कोरिया के पुनर्निर्माण के दौर में छोटे बच्चों वाली कामकाजी महिलाओं को अपने बच्चों को कारखाने से दूर स्थित शिशु पालन केंद्र में रखना पड़ता था जिनसे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता था. इसी के मद्देनजर जनवादी कोरिया की सरकार ने 1958 में एक कानून बनाया जिसके तहत 20 से ज्यादा मजदूरों वाले कारखानों में शिशु पालन केंद्र का होना अनिवार्य कर दिया गया. इस तरह से वहाँ लगभग सभी कारखानों में शिशु पालन केंद्र है.  हर व...

काॅमरेड किम इल संग की उपलब्धियां (2)

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    महान नेता कॉमरेड किम इल संग का जन्म 111 साल पहले 15 अप्रैल 1912 को मानग्यंगदे (अब जनवादी कोरिया की राजधानी और समाजवादी शहर फ्यंगयांग का एक सुखद, सुंदर और आकर्षक उपनगर) गांव में हुआ था.उनका जन्म एक अत्यंत देशभक्त और क्रांतिकारी परिवार में हुआ था, लेकिन पूंजीवादी देशों के नेताओं के विपरीत उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था .काॅमरेड किम इल संग के जन्मस्थान पर एक पुआल फूस का घर है जिसमें वे अपने परिवार के साथ रहते थे.घर में न तो देश की बर्फीली सर्दी से बचने के लिए कोई हीटिंग सिस्टम था और न ही घर में कोई चमक और बर्तन भी बहुत साधारण थे, एक पानी का जार भी है जिसे कई बार ठीक किया गया था. पूंजीवादी देशों के शासकों और राजनेताओं के विपरीत, काॅमरेड किम इल संग अपने मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए थे.   एक आम आदमी के घर में पले बढ़े काॅमरेड किम इल संग जनवादी कोरिया के संस्थापक और विश्व प्रसिद्ध राजनेता बने और अंतरराष्ट्रीय कम्युनिस्ट आंदोलन में एक बड़ा नाम भी (अब कम्युनिस्टों में भी कुछ अनपढ़ किस्म के तत्व अव्वल तो उनका नाम तक नहीं जानते और जानकारी के अभाव में उन...

छेजू नरसंहार

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3 अप्रैल 1948  को कोरिया  के दक्षिण (अब दक्षिण कोरिया) के  छेजू द्वीप पर कोरियाई जनता ने एक स्वतंत्र और एकीकृत कोरिया के लिए  सशस्त्र विद्रोह छेड़ दिया .उन्होंने अपने देश के विभाजन का विरोध किया और अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित धांधली वाले चुनावों का बहिष्कार किया। जवाब में, अमेरिकी सेना और दक्षिण कोरियाई  कठपुतली सरकार ने 30,000-60,000 लोगों का नरसंहार किया. छेजू नरसंहार कोरिया के इतिहास की सबसे काली घटनाओं में से एक है. छेजू की 20% आबादी मार दी गई थी, और 3 में से 1 व्यक्ति विस्थापित हो गया था. इस नरसंहार का राज दशकों से दबा हुआ था, और आज दक्षिण कोरिया का मोदी सरीखा फासीवादी राष्ट्रपति यून दक्षिण कोरियाई इतिहास की किताबों से इसे फिर से सेंसर करने की कोशिश कर रहा है. अमेरिका ने नरसंहार में अपनी भूमिका को कभी स्वीकार नहीं किया और साम्यवाद से कोरिया को "बचाया" करने का दावा किया. लेकिन इतिहास बताता है कि अमेरिका कोरिया में स्वतंत्रता या लोकतंत्र नहीं   केवल विभाजन और सामूहिक नरसंहार लाया.

दुनिया की सबसे आलीशान मजदूर बस्ती

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जनवादी कोरिया एक अद्भुत देश है! अब जनवादी कोरिया यानि नार्थ कोरिया की तुलना अमेरिका , यूरोप, आस्ट्रेलिया के छीनाझपटी वाले लोकतंत्र और भारत के "गुजरात माॅडल" या उसके पहले के "नेहरूवादी समाजवाद"  के लोकतंत्र से करना तबतक बेमानी है, जबतक इन तथाकथित लोकतंत्र के पुजारियों वाले देशों में मजदूरों को इतने आलीशान टाउनशिप  में मुफ्त में फ्लैट नहीं मिल जाते. इसे प्रोपेगेंडा समझने वाले अपनी सूचना का स्त्रोत देखें, उसका विश्लेषण करें और अपनी समझ लगाऐं कि कैसे एक देश कठोर आर्थिक प्रतिबंधों के अलावा हमेशा युद्ध के खतरे का सामना करते हुए अपनी जनता के लिए बेहतर से बेहतरीन करने की कोशिश करता रहता है. जनवादी कोरिया की राजधानी में नया नया बना विशालकाय सोंगह्वा स्ट्रीट टाउनशिप (송화거리). इसका निर्माण कार्य 23 मार्च 2021 को शुरू हुआ और 11 अप्रैल 2022 से इसमें लोग रहने भी लगे.इस टाउनशिप में फ्लैट के अलावा स्कूल, अस्पताल, सांस्कृतिक मनोरंजन केंद्र, पार्क, शापिंग काम्प्लेक्स, खेलकूद के मैदान समेत अन्य जन सुविधाएं भी हैं. इस टाउनशिप में 80 मंजिला फ्लैट काम्प्लेक्स से लेकर कई अन्य बहुमंजिली इमार...

सेना में भर्ती का उत्साह

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  अमेरिकी साम्राज्यवादियों और दक्षिण कोरिया के कठपुतली देशद्रोहियों के प्रति बढ़ती नाराजगी और शत्रुता के बीच देश की रक्षा के अभियान में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या हर बीतते दिन के साथ बढ़ रही है. 19 मार्च 2023 तक देश भर में कोरियाई पीपुल्स आर्मी (केपीए) में शामिल होने और फिर से शामिल होने के लिए उत्साहपूर्वक स्वेच्छा से भाग लेने वाले युवाओं की संख्या लगभग 14 लाख हो गई. देश भर के कार्यस्थलों और स्कूलों में सेना में शामिल होने के लिए युवाओं का उत्साह चरम पर है. जनवादी कोरिया के मजदूरों और किसानों के बेटे बेटियां अपनी समाजवादी पितृभूमि और क्रांति की रक्षा के संघर्ष में शानदार जीत और सम्मान हासिल करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. इनके दिलों में देश और लोगों के लिए प्रबल प्रेम और शत्रु  को निर्मम सजा देने की भावना है . देश के अलग-अलग हिस्सों में सभाएं हुईं. देशभक्त नौजवानों  और नवयुवतियों ने जमीन पर मंडराते परमाणु युद्ध के काले बादलों को लाने वाले दुश्मनों को निर्मम सजा देने, "फ्यंगयांग पर कब्जा करने" का इरादा रखने वाले शत्रुओं और  राष्ट्रीय एकीकरण के लिए महान युद्...

साम्राज्यवादी सहायता से इंकार

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 जनवादी कोरिया साम्राज्यवादी सहायता को अस्वीकार करने में क्यों सही है?  इन दिनों साम्राज्यवादी पश्चिमी देशों के मुख्यधारा का मीडिया पूरी दुनिया में चिल्ला चिल्लाकर कह रहा है कि "उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने भोजन की कमी के बावजूद 'जहरीली कैंडी' समान विदेशी सहायता को अस्वीकार करने का आग्रह किया! "  यहाँ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जनवादी कोरिया की मीडिया ने वास्तव में 'जहरीली कैंडी' शब्द का उपयोग नहीं किया है और न ही जनवादी कोरिया में किसी प्रकार का 'खाद्य संकट' है. जनवादी कोरिया के प्रमुख अखबार 'रोदोंग सिनमुन' ( 로동신문, Rodong Sinmun) के 22 फरवरी 2023 के कोरियाई और अंग्रेजी भाषा संस्करण(स्क्रीनशॉट नीचे, इसमें देख लीजिए कहाँ लिखा है "जहरीली कैंडी Poisoned Candy जैसा शब्द) .  खबर का लिंक (अंग्रेजी)   http://www.rodong.rep.kp/en/index.php?OEAyMDIzLTAyLTIyLUgwMDFAM0BAQDFANA== कोरियाई लिंक http://www.rodong.rep.kp/ko/index.php?OEAyMDIzLTAyLTIyLU4wMjhAMTFAQEAxMjg= ये लिंक कईयो की आदर्श "लिबरल डेमोक्रेसी" दक्षिण कोरिया को छोड़कर सारी...

फ्यंगयांग का नवनिर्माण-2

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  जनवादी कोरिया में अनवरत जारी है निर्माण कार्य विगत 15 फरवरी 2023 को जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग में 10, 000 नए आवासीय फ्लैटों वाले टाउनशिप और ग्रीनहाउस सब्जी फार्म के निर्माण कार्य का शिलान्यास वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन के द्वारा किया गया. जनवरी 2021 में वर्कर्स पार्टी की 8 वीं कांग्रेस में फ्यंगयांग शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य में पड़ने वाली उसकी आवासीय जरूरतों के मद्देनजर आगामी 5 सालों में 50, 000 नए फ्लैट बनाने का निर्णय लिया गया. तब से अबतक 10, 000 नए फ्लैट वाला भव्य टाउनशिप विगत अप्रैल 2022 में अस्तित्व में आ चुका है और पिछले साल ही शुरू किए गए दूसरे 10, 000 फ्लैटों वाला एक दूसरा भव्य टाउनशिप लगभग पूरी तरह बनकर तैयार है और लगभग 2 महीने बाद वहाँ लोग रहने भी लगेंगे और अब यह 10, 000 फ्लैटों वाला भव्य टाउनशिप 2024 में बनकर तैयार हो जाएगा. इसके अतिरिक्त फ्यंगयांग में ही 3700 फ्लैटों वाला एक और टाउनशिप अलग से बनाया जाएगा. इस नए टाउनशिप के शिलान्यास के अवसर पर वर्कर्स पार्टी के पोलिट ब्यूरो के सदस्य और कैबिनेट के प्रीमियर काॅमरेड किम दक हुन न...

काॅमरेड किम जंग इल: स्वतंत्रता के रक्षक

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 आज स्वतंत्रता के महान रक्षक और जनवादी कोरिया के सर्वोच्च नेता काॅमरेड किम जंग इल की 81 वीं जयंती है. कॉमरेड किम जंग इल का जन्म 16 फरवरी 1942 को गोलियों की गूँज के बीच महान जापानी साम्राज्यवाद विरोधी युद्ध के दौरान कोरियाई क्रांतिकारियों के गढ़ माउंट पेकतू के जंगलों में स्थित एक गुप्त सैनिक बैरक में हुआ था. काॅमरेड किम इल संग के नेतृत्व में जापानी साम्राज्यवाद विरोधी सशस्त्र संघर्ष स्वतंत्रता, राष्ट्रीय मुक्ति और न्याय के लिए संघर्ष था.इस प्रकार यह उचित था कि कॉमरेड किम जंग इल को अपना पूरा जीवन स्वतंत्रता के उद्देश्य की रक्षा और उसे आगे बढ़ाने में लगा देना चाहिए.  कोरिया कोई बड़ा देश नहीं है और इसकी सीमा दो बड़े देशों से लगती है; रूस और चीन. कोरिया से समुद्र के उस पार थोड़ी दूरी पर जापान है जो एक आक्रामक और साम्राज्यवादी देश है जिसकी लंबे समय से कोरिया पर कब्जे की मंशा रही थी.1910 से 1945 तक, कोरिया एक जापानी उपनिवेश था और इससे पहले भी जापान ने कोरिया में अपने प्रभाव का चतुराई से विस्तार किया था. कोरिया ने अपनी स्वतंत्रता खो दी थी क्योंकि उस समय कोरियाई सामंती शासक वर्ग युद्धर...

99x99 का पहाड़ा

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 जनवादी कोरिया(उत्तर कोरिया) के पांचवीं क्लास के बच्चे जानते 99 तक का पहाड़ा जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग का एक प्राइमरी स्कूल. इस स्कूल के पांचवीं क्लास के बच्चे 2 से लेकर 99 तक की संख्या को इनके बीच की किसी भी संख्या से  तीन से पांच सेकेंड के अंदर मुंहजबानी  गुणा करने में सक्षम हैं.ये बच्चे केवल दहाई संख्या को ईकाई संख्या (99x9) से ही नहीं दहाई संख्या को दहाई संख्या से (99x99) तक को फटाक से मुंहजबानी गुणा कर लेते हैं.  वीडियो में देखिए की बच्चे किस तेजी के साथ स्क्रीन पर दिख रहे गणित के सवालों के जबाब दे रहे हैं) इसके पीछे इनकी क्लास टीचर काॅमरेड किम सु रिम(김수림)की मेहनत है.  हमें अपने रोजमर्रा की जिंदगी में हिसाब किताब का सामना करना ही पड़ता है तो उसके लिए कैलकुलेटर है ही फिर मुंहजबानी गुणा भाग के लिए क्यों इतना दिमाग लगाना. सीधी सी बात है दिमाग का इस्तेमाल न करें तो दिमाग भोथरा हो जाएगा. बच्चों की गणितीय क्षमता को बढ़ावा देने के लिए काॅमरेड किम ने आसान और तेज तरीके से मुंहजबानी हिसाब करने का फार्मूला बनाया. जनवादी कोरिया के सभी प्राइमरी स्कूलों के सिलेब...

बच्चों के भविष्य के लिए

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जनवादी कोरिया के एक छोटे शहर का किंडरगार्टन अकसर जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) के बारे में कारपोरेट मीडिया की झूठी और मनगढंत खबरों से लोगों को लगता है कि वहाँ क्या ही पढ़ाई होती होगी. इस वीडियो के माध्यम से पता चल सकता है कि वहाँ के छोटे शहरों तक के किंडरगार्टन  में बच्चों को किस स्तर की शिक्षा दी जाती है और वहाँ कैसी कैसी विलक्षण प्रतिभा वाले बच्चे हैं. इस वीडियो में जिस किंडरगार्टन के बारे में दिखाया गया है, वो जनवादी कोरिया के किसी बड़े शहर में नहीं है. लोगों को वहाँ के बारे में यह गलतफहमी भी है कि वहाँ सारे अच्छे अच्छे शिक्षण संस्थान राजधानी फ्यंगयांग में ही हैं  पर यह किंडरगार्टन जनवादी कोरिया के एक प्रांतीय शहर हेजू (해주시)में है जो दक्षिण ह्वांगहे प्रांत की राजधानी भी है . अगर फ्यंगयांग जनवादी कोरिया का दिल्ली है तो हेजू वहाँ का भुवनेश्वर या इम्फाल सरीखा शहर है. जनवादी कोरिया में 2 साल तक किंडरगार्टन में शिक्षा दी जाती है.पहला साल ऐच्छिक है माता पिता चाहें तो  बच्चे को घर पर सीखा पढ़ा सकते हैं या घर के नजदीक  के किंडरगार्टन में भेज सकते हैं. पर दूसरे साल किंड...

जनवादी कोरिया का शिशु पालन कानून

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आए दिन आप तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया द्वारा जनवादी कोरिया जिसे उत्तर कोरिया के नाम से ज्यादा लोग जानते हैं, के तथाकथित "अजीबोगरीब" "खतरनाक" कानूनों के बारे में जानते  रहते हैं और आप इसे सच भी मानने लगते हैं  पर सच में जनवादी कोरिया में ऐसे ऐसे  खतरनाक कानून हैं जो मानव द्रोही, रक्त पिपासु और मुठ्ठी भर धनपशुओं के उज्ज्वल पर बहुसंख्यक जनता के लिए अंधकारमय भविष्य वाली पूंजीवादी व्यवस्था और उसकी संगिनी " लिबरल डेमोक्रेसी' के लिए खतरा तो हैं अब जनवादी कोरिया के शिशु पालन(Child Care) कानून को ही देख लिया जाए. जनवादी कोरिया की स्थापना से ही बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य में पालना  वर्कर्स पार्टी और सरकार की सबसे महत्वपूर्ण नीति और सर्वोच्च इच्छा है. देश में बच्चे पार्टी और सरकार की स्नेहपूर्ण देखभाल के तहत खुशी और अच्छे स्वास्थ्य में पलते बढ़ते आए हैं. अब वहाँ ऐसा कानून बना दिया गया है कि देश के सभी बच्चों को हर हाल में बिना किसी कटौती के सरकारी खर्चे से  दूध और पौष्टिक भोजन और स्कूल ड्रेस समेत स्टेशनरी की चीजें मुफ्त में दी जाएंगी क्योंकि वर्कर्स पार्टी के अनुसार द...

फर्जी है दक्षिण कोरिया का लोकतंत्र-2

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पश्चिमी कारपोरेट मीडिया  इस बात का दावा करता है कि जनवादी कोरिया ( उत्तर कोरिया) अपने नागरिकों पर दक्षिण कोरियाई सीरियल या फिल्म देखने के चलते मुकदमा चलाता है और कभी मौत की भी सजा देता है और  कई लोग इस बात को सच भी मानते हैं. इस बात का कई बार भंडाफोड़ हो चुका है कि  पश्चिमी मीडिया में जनवादी कोरिया से संबंधित लगभग सारी खबरें एक "फेक न्यूज़" से ज्यादा कुछ नहीं होती हैं. इनकी सूचना का मुख्य स्तोत्र कुछ जनवादी कोरिया से भागे हुए लोगों की गवाही होती है, जिन्हें बाकायदा प्रशिक्षण देकर एक पेशेवर झुठ्ठा(Professional Lier) बनाया जाता है और इनके मुंह से जनवादी कोरिया के खिलाफ अतिशयोक्तिपूर्ण झूठ कहवाया जाता है और इसके लिए उन्हें हजारों डाॅलर भी दिए जाते हैं और इन भगोड़ों की संलिप्तता लैटिन अमेरिका में चुनी हुई सरकारों के तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली धुर दक्षिणपंथी थिंक टैंकों के साथ भी है. पर इसके बावजूद भी कई लोगों पर इस झूठ का बहुत असर है कि जनवादी कोरिया में विदेशी फिल्में देखने के जुर्म में जेल या मौत की सजा दी जाती है. पर अगर हम यह कहें कि जनवादी कोरिया में दक...

शुक्रवारीय श्रमदान

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  अफसर चले खेतों में काम करने!   जनवादी कोरिया में विभिन्न मंत्रालयों, संस्थानों के बड़े बड़े अफसरान खेती से संबंधित सामानों को ट्रकों पर लादकर खेतों में काम करने जा रहे हैं. विगत 13 जनवरी 2023 यानि शुक्रवार को जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग के बड़े बड़े अफसर लोग शहर के मुख्य चौराहे पर जमा हुए और वहाँ से  शहर के अलग अलग सहकारी फार्म हाउसों में काम करने के लिए रवाना हुए. इसमें जनवादी कोरिया की संसद की स्टैंडिंग कमिटी , कैबिनेट सचिवालय के अफसरों समेत निर्माण एवं भवन निर्माण सामग्री उद्योग मंत्रालय(건설건재공업성 Ministry of Construction and Building-Materials Industry) गुणवत्ता नियंत्रक आयोग(품질감독위원회 T he Quality Control Commission),समाजवादी महिला संघ की सेंट्रल कमिटी  ( 사회주의녀성동맹 중앙위원회 Central Committee of the Socialist Women's Union) , बोंगह्वा ट्रेड ब्यूरो (봉화무역국, Bonghwa Trade Bureau)रसायन उद्योग मंत्रालय(화학공업성 Ministry of Chemical Industry) , और जनवादी कोरिया के केंद्रीय बैंक(조선민주주의인민공화국 중앙은행,  Central Bank of the Democratic People's Republic of Korea)के अफसर शा...

संकल्प महारैली

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वर्कर्स पार्टी की आठवीं सेंट्रल कमिटी की छठवीं प्लेनरी मीटिंग के निर्णयों को पूरी तरह से लागू करो!  जनवरी के प्रथम सप्ताह में जनवादी कोरिया की फिजाओं में यह नारा गुंजायमान रहा. वर्कर्स पार्टी की आठवीं सेंट्रल कमिटी की छठवीं प्लेनरी मीटिंग 26 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2022 तक पार्टी मुख्यालय में हुई. तत्पश्चात मीटिंग में लिए गए निर्णयों को लागू कराने के लिए देश की राजधानी फ्यंगयांग समेत सारे प्रांतों उत्तर एवं दक्षिण फ्यंगआन,  उत्तर एवं दक्षिण ह्वांगहे, खांगवन, उत्तर एवं दक्षिण हामग्यंग, रयांग्गांग , छागांग और तीन विशेष प्रशासनिक इकाईयों नाम्फो, केसंग और रासन में संकल्प महारैली और जूलूस का आयोजन किया गया. फ्यंगयांग में संकल्प महारैली दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्टेडियम मई दिवस स्टेडियम में एक लाख लोगों की भागीदारी के साथ आयोजित की गई, पार्टी के अधिकारियों के जोशीले भाषणों के साथ पार्टी के निर्णयों को लागू कराने का संकल्प लिया गया और विशाल जूलूस निकाला गया और अंत में देश के प्रमुख बैंड ने हौसला अफ़ज़ाई के लिए क्रांतिकारी गीत संगीत पेश किए. वहीं सारे प्रांतों की राजधानियों के मुख्य चौ...

भारत की खबरें

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जनवादी कोरिया के टीवी चैनल पर कश्मीर की हस्तकला और जोशीमठ की खबरें इस हफ्ते जनवादी कोरिया के  टीवी चैनल पर रोजाना शाम को प्रसारित होने वाले न्यूज़ बुलेटिन की अंतर्राष्ट्रीय खबरों में भारत से दो खबरें रहीं. कश्मीर की हस्तकला के बारे में यह बताया जा रहा है कि भारत के कश्मीर राज्य में परंपरागत हस्तकला के विकास  की पुरजोर कोशिशें की जा रही है. यहाँ के ढाई लाख लोग पारंपरिक हस्तकला पर निर्भर हैं. यहाँ का रेशम और लकड़ी की बनी वस्तुऐं अपनी गुणवत्ता और कारीगरी के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन कुछ सालों से आर्थिक कारणों से हस्तकला की वस्तुओं के उत्पादन में भारी कमी आई थी पर अब स्थानीय निवासी गायब होती जा रही अपने राज्य की कला को जीवित रखने के लिए इसका पुनरोद्धार और इसमें लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं.    जोशीमठ वाली खबर में यह बताया गया है कि हिमालय में बसे इस कस्बे में जमीन धंसने से नुकसान हुआ है. स्थानीय निवासियों के अनुसार 2012 की बाढ़ के बाद से जमीन में बदलाव शुरू हो गया. जमीन के धंसने से एक मंदिर गिर गया और 600 घरों के दीवारों में दरारें आ गई और प्रभावित लोग...

सिओल की झुग्गियाँ

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  सिओल की झुग्गियाँ - संपन्नता की अट्टालिकाओं से घिरे विपन्नता के टापू इस वीडियो में  तथाकथित विकसित और संपन्न और विकासशील देशों के रोल मॉडल कहे जाने वाले पूंजीवादी दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती का एक हिस्सा दिखाया गया है जो वहाँ की राजधानी सिओल के दक्षिण इलाके में 2 किलोमीटर में फैली हुई है और ये बस्ती जिस इलाके में है उसके तथाकथित स्टाइल पर दुनिया भर के लोग पागल होकर झूमे थे. वही कांगनाम स्टाइल. यह झुग्गी बस्ती कांगनाम में ही है जो देश का सबसे अमीर इलाका है और जहाँ बसना हर दक्षिण कोरियाई का सपना है. दक्षिण कोरिया की इस सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती को कुर्यूंग बस्ती(Kuryung village) कहते हैं, और इस बस्ती में अभी 700 लोग रहते हैं. इस बस्ती के निवासी पहले  1960-70 के दशक में देश के ग्रामीण इलाकों से पलायन कर राजधानी सिओल के विभिन्न इलाकों में बसे थे पर 1980 के दशक में सिओल में पहले एशियाड और उसके बाद ओलंपिक के नाम पर और 1990 के दशक में दक्षिण कोरियाई कारपोरेट द्वारा विकास के नाम पर इन गरीबों को उजाड़ दिया गया और ऐसे लोगों से ही कुर्यूंग बस्ती बसनी शुरू हुई. यूँ क...