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जनवादी कोरिया के केंद्र में आने से बहुध्रुवीय व्यवस्था में परिवर्तन

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  ■ जनवादी कोरिया–चीन–रूस ने बहुध्रुवीय व्यवस्था के केंद्र को दृढ़ता से संभाला ■ जनवादी कोरिया के शामिल होने से बहुध्रुवीकरण का स्वरूप साम्राज्यवाद-विरोधी आत्मनिर्भरता में बदल गया ■ जनवादी कोरिया की शक्ति और प्रभाव का मूल स्रोत—आत्मनिर्भरता   बहुध्रुवीय व्यवस्था का विकास 9 सितंबर 2025 की सुबह , बीजिंग के तियानआनमेन चौक पर आयोजित “चीनी जन विरोधी-जापानी युद्ध एवं विश्व विरोधी-फासीवादी युद्ध विजय की 80 वीं वर्षगांठ स्मृति सैन्य परेड” (चीन का विजय दिवस). जैसे ही जनवादी कोरिया के राज्य मामलों के अध्यक्ष कॉमरेड किम जंग उन   तियानआनमेन की मीनार पर खड़े हुए , मानो धरती को हिला देने वाला एक बड़ा झटका दुनिया भर में फैल गया. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ , चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ठीक बगल में खड़े कॉमरेड किम जंग उन का दृश्य क्षणभर में पूरी दुनिया में फैल गया. दुनिया भर के मीडिया और विशेषज्ञों ने एक स्वर में कॉमरेड किम जंग उन  को “चीनी परेड का सबसे बड़ा विजेता” , “ ग्लोबल साउथ का नेता” , “ वैश्विक खिलाड़ी” , “ दुनिया के केंद्र में खड़ा” , “ विश्व-स्तरीय...