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चीन पर निर्भरता का मिथक

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  जनवादी कोरिया के दुश्मन जनवादी कोरिया को "चीन पर निर्भर" के रूप में चित्रित करना पसंद करते हैं और यहां तक कि वामपंथी कुछ लोग भी इसे दोहराते हैं. इससे भी बदतर , कुछ अति-वामपंथी तत्व यह कहने की कोशिश करते हैं कि जनवादी कोरिया चीन का "नव-उपनिवेश" है और इसी तरह का अन्य बकवास करते हैं. इसके अलावा जनवादी कोरिया के बारे में ऐसी गलत धारणाएं जानबूझकर फैलाने वाले पूंजीपति मुख्यधारा मीडिया और पूंजीपति , भाड़े के बुद्दिजीवियों ,लेखकों के साथ-साथ संशोधनवादी और हठधर्मितावादी तत्व तो हैं हीं.     वास्तव में , 2020 और 2021 में चीन के साथ व्यापार लगभग समाप्त हो गया था और अब भी यह जनवादी कोरिया में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल एक छोटा प्रतिशत है.   क्योंकि जनवादी कोरिया एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था है , विदेशी व्यापार जीडीपी का केवल 5 प्रतिशत है. जनवादी कोरिया अपनी जरूरत की अधिकांश चीजें घर पर ही पैदा करता है और जो घर पर नहीं पैदा किया जा सकता , उसे आयात किया जाता है. विदेशी व्यापार अपने आप में एक साध्य नहीं है , बल्कि एक साध्य को प्राप्त करने का एक साधन है. ...

जनवादी कोरिया की पारंपरिक सैन्य शक्ति का विकास

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  2020 को आधार बिंदु मानते हुए जनवादी कोरिया पारंपरिक सैन्य शक्ति का व्यापक आधुनिकीकरण कर रहा है. पहले यह आकलन अधिक था कि जनवादी कोरिया पारंपरिक सैन्य शक्ति को छोड़कर केवल परमाणु हथियारों और मिसाइलों जैसी असममित शक्ति पर ध्यान केंद्रित करता है , लेकिन स्पष्ट रूप से पारंपरिक शक्ति में भी कुछ हद तक विकास देखा गया था , और 2020 के बाद यह तेज़ी से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. जनवादी कोरिया की पारंपरिक सेना का विकास पैदल सैनिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले हथियारों से लेकर टैंक , बख्तरबंद वाहनों , लड़ाकू विमानों और विध्वंसकों तक बहुत व्यापक रूप से हो रहा है. जब भी नए हथियार सार्वजनिक किए जाते हैं , वे व्यापक ध्यान आकर्षित करते हैं और इतने उच्च स्तर पर विकसित हो रहे हैं कि बड़ा आश्चर्य पैदा करते हैं.   अब तक जब जनवादी कोरियाई सेना की बात होती थी , तो साधारण खाकी रंग की वर्दी और बिना किसी अतिरिक्त उपकरण के AK राइफल उठाए सैनिकों की छवि सामने आती थी. आधुनिक युद्धक्षेत्र में विभिन्न प्रकार की छलावरण वर्दियाँ और लक्ष्य साधने के उपकरणों (जैसे स्कोप , वर्टिकल ग्रिप आदि) से लैस हथियार मान...