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जनवादी कोरिया का समाज

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  जनवादी कोरिया के समाज की वास्तविक विशेषताएं पिछले 24 मई को संयुक्त राज्य अमेरिका में टेक्सास के एक प्राथमिक स्कूल  में गोलीबारी से  19 बच्चों सहित 21 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी. इससे पहले, 19 मई को शिकागो शहर में किशोरों के बीच झगड़े के बाद गोलीबारी हुई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और आठ अन्य घायल हो गए थे। इस दौरान, जनवादी कोरिया में पूरी तरह से विपरीत चीजें हुईं.घातक वायरस COVID-19 के जनवादी कोरिया में प्रवेश करने के बाद देश उच्चतम स्तर की आपातकालीन महामारी प्रणाली लागू कर दी गई. सरकारी मदद के अलावा कई अधिकारियों, मेहनतकश लोगों और यहां तक ​​कि छात्रों और बच्चों ने स्वेच्छा से इन कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न और दवाएं दान कीं. जनवादी कोरिया में एक दूसरे की मदद करने के ऐसे  उदाहरण आम  हैं. साल 2020 के अंत में, एक दुर्घटना में बुरी तरह झुलसे दो कर्मचारियों को देश के पूर्वी हिस्से में हामहुंग सिटी अस्पताल ले जाया गया. यह पता चलने पर कि उनके त्वचा निरोपण (Skin Grafting) के लिए ऑपरेशन किया जाएगा, उनके रिश्तेदार और सहकर्मी अस्प...

जनवादी कोरिया और कतर वर्ल्ड कप

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 कतर में इन दिनों चल रहे फीफा वर्ल्ड कप पर दुनिया के सभी देशों की निगाहें हैं और सभी अपने अपने हिसाब से इस वर्ल्ड कप के विजेता का अनुमान लगा रहे हैं. जनवादी कोरिया (जिसे लोग उत्तर कोरिया के नाम से ज्यादा जानते हैं) में कतर वर्ल्ड कप को लेकर कैसा माहौल है ये वर्ल्ड कप शुरू होने के कुछ दिन पहले बने इस वीडियो(अंग्रेजी सब टाईटल सहित)को देखकर जाना जा सकता है. जिसमें कोई ब्राजील, कोई अर्जेंटीना, फ्रांस, बेल्जियम आदि के विजेता होने का अनुमान लगा रहा है.  पिछले कुछ फीफा वर्ल्ड कप के दौरान जनवादी कोरिया को लेकर पश्चिमी और दक्षिणी कोरियाई मीडिया द्वारा जमकर यह झूठ फैलाया गया था कि 2010 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित वर्ल्ड कप में जनवादी कोरिया की पूरी फुटबॉल टीम को अपने सभी ग्रुप स्टेज के सारे मैच हारने के चलते कड़ी सजा दी गई थी. ये झूठ इतना फैला कि फीफा तक को इसकी जाँच करानी पड़ी और उसने अपनी जांच में सजा दिए जाने वाली बात को आधारहीन बताकर इसपर पूर्ण विराम लगा दिया.  यह अफवाह भी फैलाई गई थी 2010 के वर्ल्ड कप में जनवादी कोरिया के सारे फुटबॉल फैन भाड़े के चीनी कलाकार थे!  2014 क...

स्वतंत्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की ताकत

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  जनवादी कोरिया ने 18 नवंबर 2022 को आत्मरक्षा के लिए लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया पर अपनी जनता के लिए कल्याणकारी नीतियों में बिना किसी सरकारी खर्च में कटौती किए हुए.  वहाँ आत्मरक्षा के लिए मिसाइल भी बनाने के साथ साथ जनता के लिए सरकारी खर्च पर जनता के लिए बेहतर घर बनाकर दिए जा रहे हैं.  जनवादी कोरिया एक सच्चा समाजवादी देश  उसने अपने जन्म से ही अपनी जनता की रक्षा, अपनी मानव केंद्रित समाजवादी व्यवस्था की रक्षा के लिए आत्मरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए समानांतर नीति अपनाई. यानि वहाँ पर सिर्फ अपनी आत्मरक्षा के लिए हथियार विकसित करने में जनता की सुविधा के लिए कोई कटौती नहीं की जाती है. जनवादी कोरिया में वर्कर्स पार्टी की आठवीं पार्टी सम्मेलन के निर्णयानुसार  पर देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कायाकल्प का अभियान चल रहा है. इसी कड़ी में देश के खांगवन प्रांत के गोसान काउंटी के गाँव और उत्तरी हामग्यंग प्रांत के ह्वेरंय्ग शहर के पास के गाँव का कायाकल्प कर वहाँ की जनता को सौंप दिया गया.   जनवादी कोरिया की ये खबरें क्यों तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया में  क...

महिला वस्त्र प्रदर्शनी

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 जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग में 27 अक्टूबर से 9 नवंबर 2022 तक सालाना महिला वस्त्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.  इस प्रदर्शनी में देशभर से वस्त्र उत्पादन से संबंधित 540 कंपनियों (सारी सरकारी. जनवादी कोरिया में एक भी निजी कंपनी नहीं पाई जाती है) ने हिस्सा लिया और विभिन्न प्रकार के 60,000 से ज्यादा हर मौसम में पहने जाने वाले महिला वस्त्रों के साथ साथ उनसे मेल खाते फुटवियर, हैंडबैग, हेयरपिन ,टोपी , मफलर और सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया.   इसका उद्देश्य जनता की पसंद के कपड़े प्रदर्शित कर विकसित समाजवादी जीवन संस्कृति को आगे बढ़ाना था. साथ ही वस्त्र उद्योग से जुड़े मजदूरों की संबंधित तकनीकी दक्षता  और विशेषज्ञों और जनता की रायशुमारी से कपड़ों के डिजाइन और निर्माण में और सुधार लाना भी था.  इस प्रदर्शनी में संवर्धित वास्तविकता  (Augmented Reality AR) तकनीक पर आधारित दर्पण (Mirror) भी लगाया गया था. इस दर्पण के माध्यम से लोग बिना कपड़े का सीधा ट्रायल लिए, उनके शरीर और रूचि के हिसाब से उनपर कौन से रंग का कपड़ा कितना फिट बैठेगा, ये तुरंत ...

नए कारखाने-2

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जनवादी कोरिया में नई आइसक्रीम फैक्ट्री और एक ट्रैक्टर कारखाने का आधुनिकीकरण जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) एक बार फिर से सुर्खियों में है वही मिसाइल को लेकर (जो कि एक संप्रभु देश की आत्मरक्षा का अधिकार है). क्या तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया जनवादी कोरिया से संबंधित कभी उपर के शीर्षक वाली खबर प्रमुखता से देती है? विगत 26 अक्टूबर 2022 को जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग के नजदीक तेसंग पर्वत की तलहटी में बने एक आधुनिकतम आइसक्रीम फैक्ट्री का उद्घाटन किया गया.  यह फैक्ट्री जनता को बेहतर स्वाद और गुणवत्ता  वाली आइसक्रीम और विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक पेय उपलब्ध कर वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के जनता केंद्रित नीतियों को लागू करने में अपना योगदान करेगी. इस फैक्ट्री का उद्घाटन वर्कर्स पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य और पार्टी के केंद्रीय समिति के सचिव काॅमरेड छन ह्यन छल ने किया. अपने भाषण में काॅमरेड छन ने कहा कि यह फैक्ट्री पार्टी के सदस्यों और अन्य मेहनतकश लोगों के समर्पित संघर्ष द्वारा एक गौरवपूर्ण रचना है, वर्कर्स पार्टी का सर्वोच्च सिंद्धांत ही लोगों के जीवन स्तर में लगातार सुधार ...

क्यूबा मिसाइल संकट और जनवादी कोरिया

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  अभी हाल में ही क्यूबा मिसाइल संकट या कैरेबियन संकट के  60 साल पूरे हुए . 22 अक्टूबर 1962  को अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने घोषणा की कि उसके जासूसी उपग्रहों ने सोवियत संघ द्वारा क्यूबा  में लंबी दूरी की मिसाइलों को ले जाने का पता लगाया था.  अमेरिका के तत्कालीन साम्राज्यवादी सरदार कैनेडी ने सोवियत संघ और क्यूबा को  धमकी दी। और क्यूबा पर एक नौसैनिक नाकाबंदी लगाई गई और आक्रमण की धमकी दी गई  और सोवियत संघ को परमाणु हमले की धमकी दी गई थी. इस घटना के  6 दिन बाद  28 अक्टूबर 1962 को तत्कालीन सोवियत नेता संशोधनवादी ख्रुश्चोव भागा भागा अमेरिका गया और ये घोषणा की कि सोवियत सरकार ने  पहले से चल रहे हथियारों के निर्माण कार्य के अलावा  आगे के कामों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं, हथियारों को नष्ट करने पर एक नया आदेश जारी किया गया है जिसे आप '(अमेरिका) आक्रामक' बताते हैं इसलिए हम ऐसे हथियारों की सोवियत संघ में वापसी करते हैं . जनवादी कोरिया के नेता कॉमरेड किम जंग इल ने उस समय कहा था, "आधुनिक संशोधनवादी अमेरिकी साम्राज्यवादियों के सामने झुक ग...

महज 230 दिनों में बना विशालकाय समाजवादी आश्चर्य

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  विगत 10 अक्टूबर 2022 को जनवादी कोरिया  की वर्कर्स पार्टी की स्थापना के 77 साल पूरे होने के अवसर पर दक्षिणी हामग्यंग प्रांत की हामजू काउंटी के रय्नफो  गाँव में  देश और दुनिया के सबसे बड़े ग्रीनहाउस सब्जी फार्म का उद्घाटन पार्टी महासचिव काॅमरेड किम जंग उन के द्वारा किया गया. दक्षिणी हामग्यंग प्रांत की राजधानी और जनवादी कोरिया के प्रमुख वैज्ञानिक और औद्योगिक शहर हामहुंग समेत पूरे प्रांत के निवासियों के लिए सालों भर ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने का मुद्दा वर्कर्स पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल था. अत: वर्कर्स पार्टी की  8 वीं केंद्रीय कमिटी की चौथी प्लेनरी  मीटिंग में  प्रांत के रय्नफो  नामक गाँव में दुनिया का सबसे बड़ा और अत्याधिक स्वचालित(Highly Automated) एक अत्याधुनिक ग्रीनहाउस सब्जी उद्यान और फार्म मजदूरों के लिए आवासीय क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया गया. इस विशालकाय फार्म हाउस के लिए जमीन के निर्धारण करने में पार्टी महासचिव और जनवादी कोरिया की सेनाओं के सुप्रीम कमांडर काॅमरेड किम जंग उन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्होंने उसी जगह पर स्थित ...

भारतीय राजनीतिक दलों द्वारा वर्कर्स पार्टी की स्थापना की बधाई

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 जनवादी कोरिया के मुख्य अखबार रोदोंग सिनमुन(19 अक्टूबर 2022) में छपी खबर.  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी),  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय पीपुल्स पार्टी, भारत की अल्पसंख्यकों की राष्ट्रीय समिति और अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक  ने  वर्कर्स पार्टी ऑफ़ कोरिया (WPK) की 77वीं स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर 11 अक्टूबर को एक संयुक्त प्रेस बयान जारी किया . उन्होंने प्रेस वक्तव्य में कोरियाई जनता को वर्कर्स पार्टी की स्थापना की बधाई दी.उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वर्कर्स पार्टी ने अतीत में कोरियाई जनता की वास्तविक और मातृ पार्टी  के रूप में एक विशिष्ट भूमिका निभाई है और  भविष्य में भी जीत के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में अपनी ताकत का पूरी तरह से प्रदर्शन करेगी.उन्होंने कोरियाई जनता के साथ दोस्ती और एकजुटता की पुष्टि की और एक शक्तिशाली समाजवादी देश के निर्माण के लिए उनके संघर्ष में अधिक सफलता की कामना की.

अमेरिका- दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास मुर्दाबाद!!

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आए दिन जनवादी कोरिया ( जिसे लोग उत्तर कोरिया के नाम से ज्यादा जानते हैं, अपनी मिसाइल परीक्षणों से सुर्खियों में रहता है और बहुतेरों को लगता है कि जनवादी कोरिया विश्व शांति का दुश्मन है और उसके लिए खतरा है. जबकि यह एक संप्रभु देश की आत्मरक्षा के जायज अधिकार की बात है. दुनिया की तमाम सूचनाओं के स्त्रोतों पर काबिज  पश्चिम और उसके पिछलग्गूओं द्वारा  लोगों से यह सच्चाई हमेशा से ही छिपाई जाती रही है अमेरिका ने 1950 में जनवादी कोरिया की चुनी हुई   कम्युनिस्ट सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ा और भीषण बमबारीयों, रासायनिक हथियारों आदि के दम पर वहां की एक चौथाई आबादी को खत्म कर दिया बेशक अपनी एक चौथाई जनता की शहादत की बदौलत जनवादी कोरिया ने अमेरिका को उस युद्ध में पराजित किया और अंततः वापस खदेड़ दिया जिस देश ने साम्राज्यवादी राक्षसों के हाथों इतना भीषण विध्वंस देखा हो, और उसके बाद के तमाम दशक उसकी संप्रभुता पर षड्यंत्र जारी रहे हों, उस देश ने अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए परमाणु हथियार और  मिसाइल बनाया  तो क्या गलत किया  ?  जनवादी कोरिया ने कभी किसी देश पर हमला...

कृषि यंत्रों का लहराता समुद्र

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25 सितम्बर 2022 को जनवादी कोरिया के दक्षिणी ह्वांगहे प्रांत की राजधानी हेजू के मुख्य चौराहे पर कृषि यंत्रों का समुद्र लहराता सा दिखा. इन कृषि यंत्रों को वर्कर्स पार्टी की 8 वीं केंद्रीय समिति की  पोलित ब्यूरो की 10 वीं बैठक के निर्णय के तहत देश का "अनाज का कटोरा" कहे जाने वाले दक्षिणी ह्वांगहे प्रांत की विभिन्न सहकारी फार्मों में बांटने के लिए लाया गया था और इसके लिए आयोजित एक समारोह में  उन्नत किस्म के कुल 5500 कृषि यंत्र बांटे गए. जिसमें 1500 चलंत(mobile) धान  थ्रसर मशीन, 2500 छोटे आकार वाली हार्वेस्टर (धान)मशीन, 500 मक्का थ्रसर मशीन और 1000 मशीनी हल का वितरण किया गया ताकि बर्फ गिरने से पहले ही फसल कटाई का काम तेजी से कुशलतापूर्वक पूरा किया जा सके.इन यंत्रों को जनवादी कोरिया के मजदूर वर्ग ने अपने किसान साथियों के लिए बड़ी लगन से बनाया है. इन मशीनों को सैनिकों के लिए हथियार बनाने वाले कारखानों में बनाया गया है. समारोह में आए लोगों जोश और उत्साह से भरे थे. समारोह स्थल पर "चावल से समाजवाद की रक्षा करो! (쌀로서 사회주의를 지키자! ) " समाजवाद जिंदाबाद! (사회주의 만세!)के नारे वाल...

फ्यंगयांग में रविवार का एक दिन

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जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग समेत पूरे देश में शरद ऋतु का आगमन हो चुका है. लोगों में जोश और उत्साह का संचार करनेवाली शरद ऋतु के एक रविवार के दिन समाजवादी व्यवस्था  में  जीवन की बुनियादी जरूरतों की चिंता से बेफिक्र फ्यंगयांग निवासियों की एक झलकियाँ दिखाते इस वीडियो को देखकर  पश्चिम और दक्षिण कोरिया के फैलाए गए इस झूठ का पर्दाफाश होता है कि जनवादी कोरिया के लोग बोरियत वाला जीवन जीते हैं. फ्यंगयांग निवासियों के तफरीह के ये पल जनवादी कोरिया के समाजवाद के दुश्मनों को फूटी आंखों भी नहीं सुहाऐंगे. रविवार का दिन है और फ्यंगयांग की थेदोंग  नदी के किनारे शौकिया मछली पकड़ने वाले सवेरे से ही इसका लुत्फ उठा रहे हैं. इनमें से ज्यादातर वृद्ध लोग हैं जिन्हें अपनी वृद्धावस्था को लेकर कोई फिक्र नही है. जनवादी कोरिया की समाजवादी व्यवस्था पुरुषों को 60 और महिलाओं को 55 साल की उम्र में ही रिटायर कर पेंशन ,राशन और अन्य कई सुविधाओं का जीवनपर्यंत लाभ देती हैं. समाजवादी व्यवस्था में बूढ़ों को समाज पर बोझ नहीं समझा जाता. वहीं पूंजीवादी सिओल (दक्षिण कोरिया) के वृद्ध बेचारे व्यवस्था के मा...

जनवादी कोरिया के ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प

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जनवादी कोरिया के बारे में पश्चिम और दक्षिण कोरियाई सूत्रों से प्राप्त तमाम झूठी सूचनाओं से लबालब कई लोग ऐसा सोचने लगते हैं कि जनवादी कोरिया में वहाँ की राजधानी फ्यंगयांग ही थोड़ी बहुत विकसित है(कईयों को तो इतना भी पता नहीं) और वहाँ के ग्रामीण क्षेत्र दुनिया के पिछड़े क्षेत्रों में से एक है. पर इस वीडियो में देखिए वहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों का कैसे कायाकल्प हो रहा है और स्थानीय ग्रामीणों के लिए कैसे घर बनाए गए हैं. वर्कर्स पार्टी की 8 वीं केंद्रीय समिति के चौथे अधिवेशन में पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों के समाजवादी विकास के लिए एक महान नए युग का आह्वान किया जो पार्टी की स्थापना से ही हमेशा उसका मुख्य कार्यभार और जिम्मेदारी रही है. पार्टी ने इस अधिवेशन में आधुनिक तकनीक के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के क्रांतिकारी रूपांतरण का कार्यक्रम तैयार किया और इसपर तुरंत अमल भी शुरू हो गया. जनवादी कोरिया के उत्तर में छागांग प्रांत और उत्तरी हामग्यंग प्रांत से दक्षिण के उत्तरी ह्वांगहे प्रांत, पश्चिम के उत्तरी फ्यंगआन प्रांत से लेकर पूर्व के दक्षिणी हामग्यंग और खांगवन प्रांत तक देश के चारों कोनों में स्...

दक्षिण कोरिया की नजर में जनवादी कोरिया की चौथी औद्योगिक क्रांति

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 आजकल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) , थ्रीडी प्रिंटिंग (3D Printing) जैसे शब्द आप में से कईयों ने सुने होंगे, इन्हें चौथी औद्योगिक क्रांति की तकनीक भी कहा जाता है तो जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) में चौथी औद्योगिक क्रांति की इन तकनीकों पर कैसा काम हो रहा है? क्या कहा उत्तर कोरिया में चौथी औद्योगिक क्रांति??? ये कैसे संभव है? जनवादी कोरिया का मीडिया अगर इसकी बात करे तो वो कईयों को झूठा प्रोपेगेंडा ही लगेगा क्योंकि लोगों की मानसिकता ही ऐसी बना दी गई है. मगर जनवादी कोरिया यानि उत्तर कोरिया के खिलाफ तमाम झूठ और जहरीले प्रोपेगेंडा की दुनिया में सबसे बड़ी फैक्ट्री दक्षिण कोरिया और वहाँ का दैनिक जागरण सरीखा अखबार जब जनवादी कोरिया की चौथी औद्योगिक क्रांति के बारे में बोले तब?  नहीं तो दक्षिण कोरिया की मीडिया के माध्यम से उत्तर कोरिया के बारे में जानना वैसा ही है जैसे किसी संघी से समानता, भाईचारा , सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता इत्यादि को जानना.   ​ फासीवादी दक्षिण कोरिया में तमाम अवरोधों के बावजूद कुछ गिने चुने प्रगतिशील कहे जाने वाले कुछ संगठन और कुछ निजी कंपनियों के रिसर्च सेंटर है जो ...

जनवादी कोरिया की एक सड़क सफाईकर्मी

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 हाल ही में वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने देश के उत्तरी भाग में स्थित एक दूरदराज के  छोटे कस्बे की वयोवृद्ध वरिष्ठ महिला सड़क सफाईकर्मी काॅमरेड किम संग न्य की मृत्यु पर  गहरा शोक व्यक्त किया और उनकी अर्थी पर माल्यार्पण के लिए फूलमाला भेजा. काॅमरेड किम संग न्य खुद तो जीवन भर सड़क सफाई कर्मी रही ही अपने सारे बच्चों को भी सड़क सफाईकर्मी बनाया. वे सेवानिवृत्त होने तक अपने इस काम के प्रति पूर्ण समर्पित रहीं यह दर्शाता है कि जनवादी कोरिया में कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं है. सारे काम समाज के लिए जरूरी और बराबरी वाले हैं. वहीं भारत समेत दुनिया के सभी पूंजीवादी देशों में सफाईकर्मी के काम को हीनता की नजर से देखा जाता है, इसका उपहास उड़ाया जाता है और सभी ने तो यह सुना ही होगा कि मेहनत से पढ़ लिख लो नहीं तो सफाई करने वाले ही बनकर रह जाओगे. पर जनवादी कोरिया में तो उल्टी गंगा ही बहती है. वहाँ तो अपने बच्चों को भी सफाईकर्मी बनने के लिए प्रेरित किया जाता है और बच्चे भी आगे चलकर सफाईकर्मी बनकर गौरवान्वित होते हैं कि वे देश और समाज के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं...

जनवादी कोरिया के 74 साल

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  74 साल पहले   9सितंबर 1948   को डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, यानि जनवादी कोरिया  नामक एक समाजवादी राज्य का जन्म हुआ था.अब अपने आठ दशक में, जनवादी कोरिया शुरू से ही बिना कोई संशोधनवादी नीति  अपनाए सबसे टिकाऊ साम्राज्यवाद विरोधी समाजवादी राज्य साबित हुआ है. जनवादी कोरिया एशिया का पहला समाजवादी देश बना, जहाँ एक जनवादी लोकतंत्र था, जो एक नए प्रकार की जनशक्ति थी. जनवादी कोरिया  की स्थापना के साथ कोरियाई जनता खुद अपनी नियति की मालिक बन बैठी. जनवादी कोरिया   को महान नेता राष्ट्रपति किम इल संग के नेतृत्व में जापानी विरोधी क्रांतिकारी सशस्त्र संघर्ष की गौरवपूर्ण परंपराएं विरासत में मिलीं. इससे प्रेरित होकर ही जनवादी कोरिया की जनता ने सबसे शक्तिशाली साम्राज्यवादी सरगना अमेरिका को भी हराया और अपने क्षेत्र की संप्रभुता की रक्षा की.                                    जनवादी...

अमेरिकी कब्जे के 77 साल

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8 सितम्बर 2022 को 77 साल पूरे हो गए हैं जब अमेरिका ने  दक्षिण कोरिया पर कब्जा किया था .   8 सितंबर 1945 को अमेरिकी सैनिक दक्षिण कोरिया में उतरे. कोरिया को पहले ही 15 अगस्त को महान नेता कॉमरेड किम इल संग की कमान में कोरियाई पीपुल्स रिवोल्यूशनरी आर्मी के वीर गुरिल्लाओं द्वारा मुक्त कर दिया गया था. कोरियाई लोग एक नया देश बनाने के लिए  संकल्पित थे लेकिन दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैनिकों ने इसे बर्बाद कर दिया. शुरू से ही अमेरिकी सैनिकों ने कोरियाई जनता पर अत्याचार किए.उनकी पहली कार्रवाइयों में से एक दक्षिण कोरिया में लोगों द्वारा स्थापित जन समितियों(People's Committee) का दमन करना था.उन्होंने दक्षिण कोरिया में कम्युनिस्ट और प्रगतिशील ताकतों का बेरहमी से दमन किया, जिसमें कई लोग मारे गए. जब लोगों ने विद्रोह किया तो अमेरिकी सैनिकों ने  अपने दक्षिण कोरियाई पिट्ठुओं के साथ छेजू द्वीप को खून से लथपथ कर दिया. यह अमेरिका ही था जिसने दक्षिण कोरिया में पाक चंग ही फासीवादी शासन (तीसरी दुनिया के उत्पीड़ित देशों में साम्राज्यवादी प्रतिक्रियावादी फासीवादी तानाशाही के लिए एक प्रोटोटाइ...

कोविड प्रबंधन

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 फासिस्ट अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया में कोविड-19 का कहर जारी है. कोविड 19 से दक्षिण कोरिया में अबतक 27,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 5 करोड़ की आबादी में अबतक 2 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं.  इधर जनवादी कोरिया में कोविड 19 को 100 दिनों के भीतर समाप्त कर दिया गया था और वहाँ की ढाई करोड़ की आबादी में 47 लाख  लोग संक्रमित हुए और केवल 74  मौतें  दर्ज हुईं. इस तरह दक्षिण कोरिया में कोविड 19 से मरने वालों की संख्या जनवादी कोरिया से 388 गुना अधिक है. दक्षिण कोरिया में कोविड-19 महामारी का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है.  जनवादी कोरिया की जनता केंद्रित समाजवादी व्यवस्था   कोविड 19 महामारी से निपटने में  (और भी कई मायनों में)दक्षिण कोरिया की भ्रष्ट, मुनाफाखोर, प्रतिक्रियावादी फासीवादी व्यवस्था से बेहतर है. जनवादी कोरिया के खिलाफ पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई कुत्साप्रचार के शिकार लोगों को इसे समझने की जरूरत है.  वीडियो में जुलाई 2022 तक के आंकड़े हैं.जब जनवादी कोरिया में कोविड के मामले ढलान पर थे.

जनवादी कोरिया की कोविड -19 पर जीत

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बीते 10 अगस्त 2022 जनवादी कोरिया ने अपने यहाँ कोविड 19 के प्रसार को काबू में करने के लिए तीन महीने पहले बनाए गए शीर्ष स्तरीय आपातकालीन महामारी विरोधी व्यवस्था को हटा दिया. इस दिन जनवादी कोरिया के राज्य कार्य समिति ( State Affairs Commission)  के अध्यक्ष और वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने महामारी विरोधी कार्य के राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में अपने भाषण में जनवादी कोरिया की सरजमीं पर कोविड 19 के वायरस के खात्मे और जनता के जीवन और सेहत को बचाने की लड़ाई में जीत की घोषणा की. जबकि दुनिया अभी भी इस महामारी से जूझ रही है. जनवादी कोरिया की इस महामारी पर जीत स्वास्थ्य सेवा के इतिहास में एक आश्चर्य ही है जिसके गहरे मायने हैं. बीती मई में देश में अप्रत्याशित आपात स्थिति उत्पन्न हुई क्योंकि घातक वायरस ने जनवादी कोरिया की सरजमीं में घुस गया था, उसी जनवादी कोरिया में  जो दुनिया में इस महामारी के प्रकोप के शुरुआती दिनों से ही  सरकार द्वारा उठाए गए  सख्त उपायों से दो साल से अधिक वक्त तक  कोरोना वायरस से आज़ाद  रहा था. जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी और सरकार ने...