संदेश

जनवादी कोरिया के ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प

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जनवादी कोरिया के बारे में पश्चिम और दक्षिण कोरियाई सूत्रों से प्राप्त तमाम झूठी सूचनाओं से लबालब कई लोग ऐसा सोचने लगते हैं कि जनवादी कोरिया में वहाँ की राजधानी फ्यंगयांग ही थोड़ी बहुत विकसित है(कईयों को तो इतना भी पता नहीं) और वहाँ के ग्रामीण क्षेत्र दुनिया के पिछड़े क्षेत्रों में से एक है. पर इस वीडियो में देखिए वहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों का कैसे कायाकल्प हो रहा है और स्थानीय ग्रामीणों के लिए कैसे घर बनाए गए हैं. वर्कर्स पार्टी की 8 वीं केंद्रीय समिति के चौथे अधिवेशन में पार्टी ने ग्रामीण क्षेत्रों के समाजवादी विकास के लिए एक महान नए युग का आह्वान किया जो पार्टी की स्थापना से ही हमेशा उसका मुख्य कार्यभार और जिम्मेदारी रही है. पार्टी ने इस अधिवेशन में आधुनिक तकनीक के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के क्रांतिकारी रूपांतरण का कार्यक्रम तैयार किया और इसपर तुरंत अमल भी शुरू हो गया. जनवादी कोरिया के उत्तर में छागांग प्रांत और उत्तरी हामग्यंग प्रांत से दक्षिण के उत्तरी ह्वांगहे प्रांत, पश्चिम के उत्तरी फ्यंगआन प्रांत से लेकर पूर्व के दक्षिणी हामग्यंग और खांगवन प्रांत तक देश के चारों कोनों में स्...

दक्षिण कोरिया की नजर में जनवादी कोरिया की चौथी औद्योगिक क्रांति

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 आजकल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) , थ्रीडी प्रिंटिंग (3D Printing) जैसे शब्द आप में से कईयों ने सुने होंगे, इन्हें चौथी औद्योगिक क्रांति की तकनीक भी कहा जाता है तो जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) में चौथी औद्योगिक क्रांति की इन तकनीकों पर कैसा काम हो रहा है? क्या कहा उत्तर कोरिया में चौथी औद्योगिक क्रांति??? ये कैसे संभव है? जनवादी कोरिया का मीडिया अगर इसकी बात करे तो वो कईयों को झूठा प्रोपेगेंडा ही लगेगा क्योंकि लोगों की मानसिकता ही ऐसी बना दी गई है. मगर जनवादी कोरिया यानि उत्तर कोरिया के खिलाफ तमाम झूठ और जहरीले प्रोपेगेंडा की दुनिया में सबसे बड़ी फैक्ट्री दक्षिण कोरिया और वहाँ का दैनिक जागरण सरीखा अखबार जब जनवादी कोरिया की चौथी औद्योगिक क्रांति के बारे में बोले तब?  नहीं तो दक्षिण कोरिया की मीडिया के माध्यम से उत्तर कोरिया के बारे में जानना वैसा ही है जैसे किसी संघी से समानता, भाईचारा , सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता इत्यादि को जानना.   ​ फासीवादी दक्षिण कोरिया में तमाम अवरोधों के बावजूद कुछ गिने चुने प्रगतिशील कहे जाने वाले कुछ संगठन और कुछ निजी कंपनियों के रिसर्च सेंटर है जो ...

जनवादी कोरिया की एक सड़क सफाईकर्मी

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 हाल ही में वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने देश के उत्तरी भाग में स्थित एक दूरदराज के  छोटे कस्बे की वयोवृद्ध वरिष्ठ महिला सड़क सफाईकर्मी काॅमरेड किम संग न्य की मृत्यु पर  गहरा शोक व्यक्त किया और उनकी अर्थी पर माल्यार्पण के लिए फूलमाला भेजा. काॅमरेड किम संग न्य खुद तो जीवन भर सड़क सफाई कर्मी रही ही अपने सारे बच्चों को भी सड़क सफाईकर्मी बनाया. वे सेवानिवृत्त होने तक अपने इस काम के प्रति पूर्ण समर्पित रहीं यह दर्शाता है कि जनवादी कोरिया में कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं है. सारे काम समाज के लिए जरूरी और बराबरी वाले हैं. वहीं भारत समेत दुनिया के सभी पूंजीवादी देशों में सफाईकर्मी के काम को हीनता की नजर से देखा जाता है, इसका उपहास उड़ाया जाता है और सभी ने तो यह सुना ही होगा कि मेहनत से पढ़ लिख लो नहीं तो सफाई करने वाले ही बनकर रह जाओगे. पर जनवादी कोरिया में तो उल्टी गंगा ही बहती है. वहाँ तो अपने बच्चों को भी सफाईकर्मी बनने के लिए प्रेरित किया जाता है और बच्चे भी आगे चलकर सफाईकर्मी बनकर गौरवान्वित होते हैं कि वे देश और समाज के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं...

जनवादी कोरिया के 74 साल

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  74 साल पहले   9सितंबर 1948   को डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया, यानि जनवादी कोरिया  नामक एक समाजवादी राज्य का जन्म हुआ था.अब अपने आठ दशक में, जनवादी कोरिया शुरू से ही बिना कोई संशोधनवादी नीति  अपनाए सबसे टिकाऊ साम्राज्यवाद विरोधी समाजवादी राज्य साबित हुआ है. जनवादी कोरिया एशिया का पहला समाजवादी देश बना, जहाँ एक जनवादी लोकतंत्र था, जो एक नए प्रकार की जनशक्ति थी. जनवादी कोरिया  की स्थापना के साथ कोरियाई जनता खुद अपनी नियति की मालिक बन बैठी. जनवादी कोरिया   को महान नेता राष्ट्रपति किम इल संग के नेतृत्व में जापानी विरोधी क्रांतिकारी सशस्त्र संघर्ष की गौरवपूर्ण परंपराएं विरासत में मिलीं. इससे प्रेरित होकर ही जनवादी कोरिया की जनता ने सबसे शक्तिशाली साम्राज्यवादी सरगना अमेरिका को भी हराया और अपने क्षेत्र की संप्रभुता की रक्षा की.                                    जनवादी...

अमेरिकी कब्जे के 77 साल

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8 सितम्बर 2022 को 77 साल पूरे हो गए हैं जब अमेरिका ने  दक्षिण कोरिया पर कब्जा किया था .   8 सितंबर 1945 को अमेरिकी सैनिक दक्षिण कोरिया में उतरे. कोरिया को पहले ही 15 अगस्त को महान नेता कॉमरेड किम इल संग की कमान में कोरियाई पीपुल्स रिवोल्यूशनरी आर्मी के वीर गुरिल्लाओं द्वारा मुक्त कर दिया गया था. कोरियाई लोग एक नया देश बनाने के लिए  संकल्पित थे लेकिन दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैनिकों ने इसे बर्बाद कर दिया. शुरू से ही अमेरिकी सैनिकों ने कोरियाई जनता पर अत्याचार किए.उनकी पहली कार्रवाइयों में से एक दक्षिण कोरिया में लोगों द्वारा स्थापित जन समितियों(People's Committee) का दमन करना था.उन्होंने दक्षिण कोरिया में कम्युनिस्ट और प्रगतिशील ताकतों का बेरहमी से दमन किया, जिसमें कई लोग मारे गए. जब लोगों ने विद्रोह किया तो अमेरिकी सैनिकों ने  अपने दक्षिण कोरियाई पिट्ठुओं के साथ छेजू द्वीप को खून से लथपथ कर दिया. यह अमेरिका ही था जिसने दक्षिण कोरिया में पाक चंग ही फासीवादी शासन (तीसरी दुनिया के उत्पीड़ित देशों में साम्राज्यवादी प्रतिक्रियावादी फासीवादी तानाशाही के लिए एक प्रोटोटाइ...

कोविड प्रबंधन

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 फासिस्ट अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया में कोविड-19 का कहर जारी है. कोविड 19 से दक्षिण कोरिया में अबतक 27,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 5 करोड़ की आबादी में अबतक 2 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं.  इधर जनवादी कोरिया में कोविड 19 को 100 दिनों के भीतर समाप्त कर दिया गया था और वहाँ की ढाई करोड़ की आबादी में 47 लाख  लोग संक्रमित हुए और केवल 74  मौतें  दर्ज हुईं. इस तरह दक्षिण कोरिया में कोविड 19 से मरने वालों की संख्या जनवादी कोरिया से 388 गुना अधिक है. दक्षिण कोरिया में कोविड-19 महामारी का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है.  जनवादी कोरिया की जनता केंद्रित समाजवादी व्यवस्था   कोविड 19 महामारी से निपटने में  (और भी कई मायनों में)दक्षिण कोरिया की भ्रष्ट, मुनाफाखोर, प्रतिक्रियावादी फासीवादी व्यवस्था से बेहतर है. जनवादी कोरिया के खिलाफ पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई कुत्साप्रचार के शिकार लोगों को इसे समझने की जरूरत है.  वीडियो में जुलाई 2022 तक के आंकड़े हैं.जब जनवादी कोरिया में कोविड के मामले ढलान पर थे.

जनवादी कोरिया की कोविड -19 पर जीत

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बीते 10 अगस्त 2022 जनवादी कोरिया ने अपने यहाँ कोविड 19 के प्रसार को काबू में करने के लिए तीन महीने पहले बनाए गए शीर्ष स्तरीय आपातकालीन महामारी विरोधी व्यवस्था को हटा दिया. इस दिन जनवादी कोरिया के राज्य कार्य समिति ( State Affairs Commission)  के अध्यक्ष और वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने महामारी विरोधी कार्य के राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में अपने भाषण में जनवादी कोरिया की सरजमीं पर कोविड 19 के वायरस के खात्मे और जनता के जीवन और सेहत को बचाने की लड़ाई में जीत की घोषणा की. जबकि दुनिया अभी भी इस महामारी से जूझ रही है. जनवादी कोरिया की इस महामारी पर जीत स्वास्थ्य सेवा के इतिहास में एक आश्चर्य ही है जिसके गहरे मायने हैं. बीती मई में देश में अप्रत्याशित आपात स्थिति उत्पन्न हुई क्योंकि घातक वायरस ने जनवादी कोरिया की सरजमीं में घुस गया था, उसी जनवादी कोरिया में  जो दुनिया में इस महामारी के प्रकोप के शुरुआती दिनों से ही  सरकार द्वारा उठाए गए  सख्त उपायों से दो साल से अधिक वक्त तक  कोरोना वायरस से आज़ाद  रहा था. जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी और सरकार ने...

जनवादी कोरिया में कोविड 19 संकट का प्रमुख कारण

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पूरी दुनिया में 2 साल 9 महीने से जारी कोविड 19 का कहर अभी भी थमता नजर नहीं आ रहा है. फिलहाल दुनिया भर में कोविड 19 से 60 करोड़ से ज्यादा संक्रमित और  60 लाख से ज्यादा मौतें दर्ज हैं  कोविड 19 के इस हाहाकारी दौर  में जनवादी कोरिया (जिसे उत्तर कोरिया के नाम से भी जाना जाता है) ने अपनी सारी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को  बंद कर अपनी पूर्णतः आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के दम पर कोरोना को अपने यहाँ फैलने नहीं देने की एक मिसाल कायम कर दी थी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इस बात की पुष्टि आधिकारिक रूप से की थी कि जनवादी कोरिया में कोविड का एक भी मामला नहीं है.पर अप्रैल 2022 के आखिरी सप्ताह से वहाँ लोगों के सामूहिक रूप से बीमार होने की घटनाएं होने लगीं और लक्षणों की जांच के बाद ये कोविड के मामले साबित हुए,इस तरह अब जनवादी कोरिया में कोविड का प्रवेश हो चुका था, शुरुआत में रोजाना संक्रमण के 2 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे थे, देश में उथल पुथल वाली स्थिति आ गई थी. जनवादी कोरिया ने सर्वोच्च आपातकालीन व्यवस्था लागू कर, नागरिक और सैनिक स्वास्थ्य कर्मियों को अधिकाधिक संख्या में लामब...

(फोटो वीडियो स्लाईड ) जनवादी कोरिया में जुलाई 2022 की प्रमुख घटनाएं

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 जनवादी कोरिया में जुलाई 2022 की प्रमुख घटनाएं ( अंग्रेजी में वर्णित) इस   फोटो वीडियो स्लाइड के द्वारा. हलांकि अभी भी कई लोगों के बीच साम्राज्यवाद का जनवादी कोरिया के खिलाफ जहरीले प्रोपेगेंडा का असर इतना ज्यादा है कि इस वीडियो की तस्वीरें भी उन्हें झूठ ही लगेगी. जनवादी कोरिया विरोधी अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई कचरे को पूरी तरह साफ करने में वक्त लगेगा ही.

काॅमरेड किम य जंग

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जनवादी कोरिया में 10 अगस्त 2022 को देश में कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए मई 2022 से शुरू किए गए आपातकालीन महामारी विरोधी कार्य की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय बैठक आयोजित की गई. जिसमें कोरिया की वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति की उप विभाग निदेशक( Vice Department Director) काॅमरेड किम य जंग ने भाषण दिया (अंग्रेजी सब टाईटल सहित).  उन्होंने  स्पष्ट किया कि जनवादी कोरिया ने 80 दिनों के भीतर कोविड 19 पर जीत हासिल कर ली  जब कई देश इस महामारी के प्रकोप के 900 दिनों बाद भी कोविड से पीड़ित थे. अपने भाषण में कॉमरेड किम य जंग ने पार्टी जेनरल सेक्रेट्री काॅमरेड किम जंग उन के  कोविड 19 के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व करने के काम की प्रशंसा की. इतना ही नहीं कॉमरेड किम य जंग ने दक्षिण कोरिया को जबरदस्त तरीके से लताड़ते हुए उसपर जनवादी कोरिया में  कोविड 19 फैलाने के लिए निष्पक्ष और स्पष्ट रूप से  कहा कि यह एक जानीमानी सच्चाई है कि वायरस से संक्रमित वस्तुओं के संपर्क के माध्यम से घातक महामारी  के फैलने का खतरा रहता है,  यह गंभीर चिंता का विषय है कि दक्षिण कोरिया के ...

काॅमरेड री योंग गिल

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क्या आपने कभी ऐसा अजूबा देखा है कि 6 साल पहले मार दिया गया कोई व्यक्ति भाषण दे रहा है. फरवरी 2016 में दुनिया भर की तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया ने यह चिल्लाना शुरू कर दिया कि उत्तर कोरिया ( जिसके लिए मैं सही संबोधन "जनवादी कोरिया"  का इस्तेमाल करता हूँ) ने अपने एक सेना प्रमुख को फांसी दे दी. फांसी दिए गए सेना प्रमुख का नाम री योंग गिल था. दुनिया भर के लोगों के बीच तथाकथित विश्वस्नीय (?) माने जाने वाले BBC और द गार्जियन की मानें तो री योंग गिल को 6 साल पहले फांसी दे दी गई थी.  पर इस हालिया वीडियो में तो काॅमरेड री योंग गिल भाषण दे रहे हैं. तथाकथित 6 साल पहले मार डाले गए जनवादी कोरिया के वर्तमान रक्षा मंत्री काॅमरेड री योंग गिल, जो  रक्षा मंत्रालय के आपातकालीन महामारी विरोधी डिवीजन के डिप्टी कमांडर भी हैं, ने  10 अगस्त 2022 को आपातकालीन महामारी विरोधी कार्य की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में अपने भाषण  में कहा कि जनवादी कोरिया ने कम समय में घातक वायरस के प्रसार की जांच करने और महामारी स्थिति को रोकने में सफलता हासिल की है. यह महामारी  विरोधी अभियान देश के इतिहास...

सर्वहारा का शहर फ्यंगयांग

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जनवादी कोरिया के बारे में  ज्यादातर लोगों के बीच में बहुत सारे मिथक और गलत धारणाएं हैं. और ये गलतफहमी और अज्ञानता के चलते होती है  और इसकी सबसे बड़ी वजह आमतौर पर साम्राज्यवादी मुख्यधारा की मीडिया द्वारा  जनवादी कोरिया से संबंधित बड़े पैमाने पर फैलाई गई झूठी कहानियां  ही हैं , जिसका मकसद ही लोगों को जनवादी कोरिया की समाजवादी व्यवस्था के  खिलाफ करने और  असल सच्चाई जानने के रोकने के उद्देश्य से जनवादी कोरिया को  बदनाम करना है, क्योंकि वह अबतक पश्चिमी साम्राज्यवादी ताकतों के आगे रत्ती भर भी नहीं झुका है. जनवादी कोरिया के खिलाफ फैलाए गए तमाम झूठों में से एक यह है कि फ्यंगयांग अभिजात वर्ग का शहर है" (और वैसे, साम्राज्यवाद के भाड़े के लेखकों द्वारा "अभिजात वर्ग" को वास्तव में कभी भी परिभाषित नहीं किया गया है). ये बात तो स्वीकार करनी ही होगी कि साम्राज्यवाद और उसके पिट्ठूओं के पास इतनी ताकत है कि वे अभी भी जनमानस को बरगलाने की हैसियत रखते हैं. और जनवादी कोरिया जिसने साम्राज्यवादियों के आगे  कभी भी घुटने टेक कर तथाकथित शांति और प्रगति की भीख नहीं मांगी, वै...

कोरोना पर विजय

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 जनवादी कोरिया ने अपने दम पर कोरोना पर विजय पा ली है. अप्रैल 2022 के आखिरी सप्ताह में अबतक कोरोना के कहर से 2 साल तक आजाद रहे जनवादी कोरिया में बदमाश दक्षिण कोरिया ने कोरोना संक्रमित वस्तुओं को बैलून के द्वारा ( बैलून अधातु चीज है और वो राडार के पकड़ में भी नहीं आती) जनवादी कोरिया के सीमावर्ती क्षेत्रों में भेजा. किसी जनवादी कोरिया के नागरिक के अनजाने में उस संक्रमित वस्तुओं को हाथ लगाने और दूसरों के संपर्क में आने से देश में कोरोना के प्रसार की बात जनवादी कोरिया की गहन आंतरिक वैज्ञानिक जांच के माध्यम से सामने आई. वरना जनवादी कोरिया ने अपनी सारी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को  बंद कर अपनी पूर्णतः आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के दम पर कोरोना को अपने यहाँ फैलने नहीं देने की एक मिसाल कायम कर दी थी. पश्चिमी साम्राज्यवादी ताकतों और उसके सबसे बड़े वफादार दक्षिण कोरिया को ये बात बिल्कुल हजम नहीं होती थी और उन्होंने अंदाजा (जो कि एकदम गलत था) लगाया कि जनवादी कोरिया में अगर किसी तरह कोरोना वायरस पहुंचा दिया जाए तो वहाँ भारी अफरातफरी फैलेगी और वैक्सीन समेत अन्य कई मदद के लिए जनवादी कोरिया को घुटने...

काॅमरेड किम जंग उन का ओजस्वी भाषण

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  विगत 27 जुलाई 2022 को जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) में साम्राज्यवादी शक्ति अमेरिका की जीत को पहली बार हार का स्वाद चखाने वाले पितृभूमि मुक्ति युद्ध (जिसे कोरिया युद्ध  के के  गलत नाम से भी जाना जाता है) की 69 वीं वर्षगांठ के जश्न समारोह के अवसर पर वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने "पितृभूमि मुक्ति युद्ध के दिग्गज हमारे गणतंत्र की सबसे वीर पीढ़ी हैं "  के शीर्षक वाले अपने द्वारा लिखे गए भाषण  की शुरुआत में   महान पितृभूमि मुक्ति युद्ध के दौरान शिरकत करने वाले वयोवृद्ध सैनिकों के अच्छे स्वास्थ्य और उनके वीर प्रयासों के लिए धन्यवाद देते हुए यह कहा कि "हमने अपने गणराज्य की गरिमा, सम्मान और संप्रभुता की रक्षा की, हमारे गणराज्य के शांतिपूर्ण विकास के लिए अनूकूल वातावरण की रक्षा की , विश्व वर्चस्व के लिए अमेरिकी महत्वाकांक्षा को जांचा और एक नए विश्व युद्ध को रोककर मानव जाति की शांति की रक्षा की यहाँ हमारे राष्ट्र के इतिहास और युद्धों के विश्व इतिहास में पितृभूमि मुक्ति युद्ध का महान महत्व है". काॅमरेड किम जंग उन ने बिल्कुल सही फरमा...

(तस्वीरों में) जनवादी कोरिया में स्वच्छ उर्जा का उपयोग

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जनवादी कोरिया में पर्यावरण रक्षा को क्रांतिकारी कार्य भार माना जाता है. तस्वीरों में जनवादी कोरिया में स्वच्छ ऊर्जा का व्यापक उपयोग

अमेरिकी साम्राज्यवाद पर जीत

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27 जुलाई  साम्राज्यवाद पर जीत का दिन है . इसी दिन 69 साल पहले सन् 1953 में  विश्व साम्राज्यवाद के सरगना अमेरिका को जनवादी कोरिया के सामने झुकते हुए युद्धविराम समझौता करना पड़ा था. अमेरिका अपनी स्थापना के 180 सालों के दौरान दूसरे देशों के खिलाफ 110 युद्धों में कभी नहीं हारा था पर जनवादी कोरिया के साथ 3 साल तक चले युद्ध में पहली बार अमेरिका को बिना जीत के ही जनवादी कोरिया के साथ युद्धविराम समझौता करना पड़ा. 1950 से 1953 के दौरान जनवादी कोरिया और अमेरिका के बीच चले युद्ध को कोरिया युद्ध के नाम से जाना जाता है पर यह गलत है ये उत्तर- दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध नहीं , यह कोरियाई जनता और अमेरिकी साम्राज्यवादियों के बीच युद्ध था. कोरिया युद्ध को पितृभूमि मुक्ति युद्ध (Fatherland Liberation War) कहना ज्यादा उचित है. साम्राज्यवादी ताकतें जनवादी कोरिया के इस महान पितृभूमि मुक्ति युद्ध के बारे में ज्यादा बात करना पसंद नहीं करतीं.  इस युद्ध को तथाकथित मुख्यधारा का मीडिया एक भूला हुआ अनजाना युद्ध कहता है . ऐसा क्यों? इससे संबंधित कुछ बयानों पर नजर डालते हैं. अमेरिका के दक्षिणपंथ...