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(तस्वीरों में) जनवादी कोरिया में स्वच्छ उर्जा का उपयोग

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जनवादी कोरिया में पर्यावरण रक्षा को क्रांतिकारी कार्य भार माना जाता है. तस्वीरों में जनवादी कोरिया में स्वच्छ ऊर्जा का व्यापक उपयोग

अमेरिकी साम्राज्यवाद पर जीत

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27 जुलाई  साम्राज्यवाद पर जीत का दिन है . इसी दिन 69 साल पहले सन् 1953 में  विश्व साम्राज्यवाद के सरगना अमेरिका को जनवादी कोरिया के सामने झुकते हुए युद्धविराम समझौता करना पड़ा था. अमेरिका अपनी स्थापना के 180 सालों के दौरान दूसरे देशों के खिलाफ 110 युद्धों में कभी नहीं हारा था पर जनवादी कोरिया के साथ 3 साल तक चले युद्ध में पहली बार अमेरिका को बिना जीत के ही जनवादी कोरिया के साथ युद्धविराम समझौता करना पड़ा. 1950 से 1953 के दौरान जनवादी कोरिया और अमेरिका के बीच चले युद्ध को कोरिया युद्ध के नाम से जाना जाता है पर यह गलत है ये उत्तर- दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध नहीं , यह कोरियाई जनता और अमेरिकी साम्राज्यवादियों के बीच युद्ध था. कोरिया युद्ध को पितृभूमि मुक्ति युद्ध (Fatherland Liberation War) कहना ज्यादा उचित है. साम्राज्यवादी ताकतें जनवादी कोरिया के इस महान पितृभूमि मुक्ति युद्ध के बारे में ज्यादा बात करना पसंद नहीं करतीं.  इस युद्ध को तथाकथित मुख्यधारा का मीडिया एक भूला हुआ अनजाना युद्ध कहता है . ऐसा क्यों? इससे संबंधित कुछ बयानों पर नजर डालते हैं. अमेरिका के दक्षिणपंथ...

खाने के मामले में आत्मनिर्भर उत्पादन इकाईयां-2

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समाजवादी जनवादी कोरिया में स्थानीय स्तर पर भी खाद्य आत्मनिर्भरता को बहुत बढ़ावा दिया जाता है. जनवादी कोरिया की सभी ईकाईयां जैसे सहकारी फार्म, कारखाने, सैनिक ईकाईयां, विश्वविद्यालय, बड़े निर्माण स्थल, अपार्टमेंट समूह अपना खाना खुद उपजाते हैं. इसी काम को करने के लिए इन सभी ईकाईयों में एक दल रहता है जिसे बैक ऑपरेशन (후방사업) दल कहते हैं. ये इन ईकाइयों के ही कर्मचारी होते हैं. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अगर जनवादी कोरिया की किसी बड़ी फैक्ट्री में 12, 000 कर्मचारी हैं तो उनमें से 8, 000 कर्मचारी  बैक ऑपरेशन दल के रूप में काम करते हैं. बैक ऑपरेशन दल का काम जानवरों को पालना और सब्जियां उगाना और इन कार्यों को प्रभावी ढंग से करने के लिए विभिन्न प्रकार के अनुसंधान करना और संबंधित कठिनाइयों को दूर करना और इन ईकाइयों के सभी कर्मचारियों को खाने पीने की चीजों की आपूर्ति करना है. इस वीडियो में जनवादी कोरिया के एक शीतल पेय कारखाने और एक किंडरगार्टन की बात की जा रही है,  जिन्होंने अपने स्थिति के अनुसार इस बैक ऑपरेशन के काम को कई सालों तक किया और अब उन्हें इसका लाभ मिलना शुरू हुआ है. इस शीतल पेय क...

जनवादी कोरिया के सासंद , विधायक और पार्षद

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 पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई मीडिया द्वारा जनवादी कोरिया के खिलाफ बनाई गई  गलत सलत अवधारणा के विपरीत वहाँ  उपर से निचले स्तर तक लोकतंत्र है और बाकायदा जनता द्वारा निश्चित अवधि के लिए  प्रतिनिधि चुने जाते हैं. वहाँ किस तरह के लोग जनता के प्रतिनिधि बन सकते हैं  यही इस वीडियो में दिखाया गया है. इस वीडियो में तीन अलग महिलाओं की कहानी है जो क्रमशः जनवादी कोरिया की संसद, प्रांतीय विधानसभा और जिला जन समिति की प्रतिनिधि चुनीं गई हैं. जनवादी कोरिया में मजदूर किसान केंद्रित समाजवादी व्यवस्था है और वहाँ साधारण मजदूर और किसान देश के कानूनों का निर्माता होता है, अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता से गहराई से जुड़ा होता है, जनता के दुख सुख का हमदर्द होता है. जनवादी कोरिया में जनता अपने बीच से ही समाज के लिए पूर्ण समर्पण के साथ असाधारण योगदान करने वाले व्यक्ति को ही अपना प्रतिनिधि चुनती है. वहाँ चुनाव के वक्त जनता अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र में  ऐसे कर्मठ व्यक्ति की अनुशंसा पार्टी को करती है. पार्टी में ऐसे व्यक्ति की उम्मीदवारी के लिए नीचे से उपर तक विचार विमर्श होता है और अंतत...

नए कारखाने-1

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 जनवादी कोरिया के खिलाफ आतंकवादी दक्षिण कोरिया की व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी और उसी को फारवर्ड करने वाले पश्चिमी साम्राज्यवादी मीडिया से लेकर विषगुरू  के मोडिया और उसे जस का तस दुहराने वाले दक्षिणपंथियों, लिबरलों और यहाँ तक कि स्वघोषित "असली कम्युनिस्टों' " की मानें तो जनवादी कोरिया में केवल राजधानी फ्यंगयांग ही थोड़ी बहुत विकसित है और देश के बाकी इलाके बहुत ही पिछड़े हुए हैं और वहाँ पर जो भी उद्योग धंधे हैं वो बाबा आदम के जमाने के हैं. पर सच्चाई ऐसी चीज है कि सामने आ ही जाती है. 21 जून 2022 को जनवादी कोरिया के खांगवन प्रांत के किम्ह्वा काउंटी में स्थानीय औद्योगिक विकास के लिए एक औद्योगिक परिसर का पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण कर उद्घाटन किया गया. जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी की 8वीं कांग्रेस और पार्टी की केंद्रीय कमेटी की बैठकों में लिएए गए निर्णयों के अनुसार, किम्ह्वा काउंटी में एक खाद्य सामग्री का कारखाना, एक कपड़ा कारखाना, एक दैनिक आवश्यकताओं का कारखाना और एक कागज का कारखाना बनाया गया .  ये  कारखाने अन्य स्थानीय उद्योग के विकास  को नई गति प्रदान करेंगे . वर्कर्स ...

कैसे पहुँचा जनवादी कोरिया में कोविड?

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 जनवादी कोरिया जो 2 साल से अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को सख्ती से बंद करने और  नियमित रूप से सावधानी वाला कदम उठाकर कोरोना के कहर से पूरी तरह आजाद था ,वहाँ अप्रैल 2022 के आखिरी सप्ताह से लोगों के सामूहिक रूप से बीमार होने की घटनाएं होने लगीं और जांच करने के बाद पता चला कि ये कोविड है. जनवादी कोरिया ने तुरंत अपनी सारी ताकत कोविड के प्रसार को रोकने में लगा दी और दो महीने में अकेले अपने दम पर ही इस महामारी को विकराल होने से रोक लिया. देश में कोरोना कैसे आया इसकी वैज्ञानिक जांच भी शुरू हुई और 30 जून 2022 को राष्ट्रीय आपातकालीन महामारी रोकथाम मुख्यालय (DPRK State Emergency Epidemic Prevention Headquarters) ने अपने आधिकारिक बयान (वीडियो अंग्रेजी सब टाईटल सहित)  में देश में कोविड का प्रसार के लिए  बिना किसी शक के दक्षिण कोरिया(नाम लिए बिना) से  बैलूनो द्वारा भेजी गई चीजों के स्थानीय लोगों के संपर्क में आने की वजह को जिम्मेदार ठहराया.  जनवादी कोरिया ने  वैज्ञानिक  तरीके से की गई अपनी जांच में पाया कि देश में कोविड का प्रसार अप्रैल के अंत में शुरू हुआ और इ...

अमेरिकी साम्राज्यवाद विरोधी रैली

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25 जून  2022 को अमेरिकी साम्राज्यवादियों द्वारा जनवादी कोरिया के खिलाफ आक्रामक युद्ध छेड़ने  के 72 साल  पूरे होने पर फ्यंगयांग में अमेरिकी साम्राज्यवाद विरोधी रैली का आयोजन किया गया.  इस रैली में फ्यंगयांग शहर और आसपास के इलाकों के छात्रों, मजदूरों और किसानों ने भाग लिया. रैली में  वक्ताओं ने अमेरिकी साम्राज्यवादियों की तीखी निंदा की कि उन्होंने नवजात जनवादी कोरिया की स्थापना के दो साल से भी कम समय में विश्व युद्ध के इतिहास में अभूतपूर्व रूप से सबसे भयानक नरसंहार और बर्बर विनाश को अंजाम दिया. अमेरिकी साम्राज्यवादियों द्वारा कोरियाई लोगों पर युद्ध की तबाही ये सबक सिखाती है कि देश की संप्रभुता और दुश्मन के आक्रमण से लोगों की भलाई की रक्षा के लिए अतुलनीय शक्ति होना अनिवार्य है, वक्ताओं ने यह भी कहा कि अगर जनवादी कोरिया 72 साल पहले  आज की तरह मजबूत होता तो 25 जून की बदकिस्मती और दर्द  का सामना जनता को न करना पड़ता ,हमें अपनी राजनीतिक-वैचारिक ताकत और सैन्य बढ़त को हर तरह से मजबूत करना चाहिए ताकि विद्वेष से भरे इतिहास को खुद को दोहराने से रोका जा सके और किस...

बच्चों के लिए डेयरी फार्म

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 जनवादी कोरिया की समाजवादी व्यवस्था में बच्चों का बहुत अच्छे से ख्याल रखा जाता है, क्योंकि वे क्रांति के उत्तराधिकारी हैं.  जनवादी कोरिया में  बच्चों का कल्याण कानूनी रूप से संरक्षित है. 1976 में वहाँ बच्चों के पालन पोषण से संबंधित एक कानून पारित हुआ और उस कानून की धारा 2 के मुताबिक सभी बच्चों के पालन पोषण राज्य और सार्वजनिक खर्च पर किए  जाने का प्रावधान है. इसी कानून की धारा 15 कहती है कि सभी बच्चों को जन्म से ही राज्य के खर्च पर खाने पीने की चीजों की आपूर्ति की जाए.  इसी कानून के तहत कुछ दिनों पहले देश के दक्षिण हामग्यंग प्रांत में  बच्चों के लिए दूध आपूर्ति के लिए एक आधुनिकतम दुग्ध मवेशी फार्म बनाया गया इस मवेशी फार्म  में मवेशियों के लिए उन्नत चारा कक्ष, दुग्ध प्रसंस्करण ईकाई और मवेशी प्रजनन कक्ष है. ये सारी ईकाईयां कम्प्यूटर नियंत्रित हैं. मवेशियों के लिए कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन युक्त जई के उन्नत चारे की व्यवस्था की गई है जिससे वे ज्यादा दूध दे सकें. इस फार्म के बनने से पहले मवेशियों के लिए नजदीकी पहाड़ों से चारा लाया जाता था.पर अब फार्म हाउस मे...

महामारी से सफलतापूर्वक लड़ाई-3

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सामूहिक प्रयासों से महामारी के खिलाफ जंग में जीत हासिल कर रहा जनवादी कोरिया. जनवादी कोरिया की जन सरकार और वर्कर्स पार्टी के नेतृत्व में  महामारी के खिलाफ जंग जारी है. कोरियाई जन सेना के काॅमरेडों की तैनाती भी इसके मद्देनजर की गई है, आम जनता भी अपने सैनिक काॅमरेडों का इसमें बखूबी साथ दे रही है और अपने व्यक्तिगत दुख और पीड़ा को परे रख समाज के लिए आगे आ कर स्वयंसेवा भी कर रही है. केवल राजधानी फ्यंगयांग में ही नहीं बल्कि प्रांतीय शहरों में भी सेवानिवृत्त स्वास्थ्यकर्मी अपने देश और समाज की सेवा के लिए खुद से आगे आ रहे हैं. उधर एक एक संक्रमितों की खोज के लिए देश के गाँव गाँव और दूर दराज बसे इलाकों में भी स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम जा रही है. महामारी गाइडलाइन का सख्ती से पालन करते हुए कारखानों और अन्य उत्पादन कार्य को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है. घर के जानवरों से भी संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष कीटाणुशोधन किया जा रहा है. विपरीत परिस्थितियों में भी जनवादी कोरिया की जनता का एक दूसरे के लिए उठ खड़ा होना एक कम्युनिस्ट सद्गुण और सदाचार है और जनता की इसी भावना ने भी चंद दिनों में ही जनवाद...

दक्षिण कोरिया की नारकीय स्थिति

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 सारी दुनिया में अपनी "तथाकथित समृद्धि, उन्नति और विकास" का ढिंढोरा बहुत जोर से पिटवाने वाले दक्षिण कोरिया को वहीं की जनता उसे एक नरक जैसी दुनिया कहती है. साल 2021 में ऐसे नारकीय दक्षिण कोरिया की स्थिति को इस वीडियो (अंग्रेजी सब टाईटल सहित) में बताया गया है. इस वीडियो को चीन में रहने वाले कोरियाई मूल के लोगों द्वारा चलाए जाने वाले  जनवादी कोरिया की सच्चाई बताने वाले एक वेबसाईट के द्वारा बनाया गया है. इस वीडियो में दक्षिण कोरिया की नारकीय स्थिति  वहीं के मीडिया रिपोर्टोंं पर आधारित है. साईट वालों ने अपनी तरफ से कोई मिर्च मसाला नहीं लगाया है.   युवा वर्ग को आशा और उमंग का पर्याय माना जाता है ,पर दक्षिण कोरिया जैसे पूंजीवादी नरक में  वो युवा  दुख और दर्द का पर्याय बना हुआ है. असुरक्षित रोजगार के चलते वहाँ ऐसे भयानक हालात हैं कि युवाओं ने प्यार, शादी, बच्चा जनना, अपने घर की आस और सामाजिक संबंधों तक को छोड़ दिया है. अधिकतर युवा भारी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं. साथ ही गरीबी अमीरी की खाई साल दर साल चौड़ी होती जा रही है.  पैरासाईट और स्किवड गेम जैसे पूरी...

महामारी से सफलतापूर्वक लड़ाई-2

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 अप्रैल 2022 के आखिरी सप्ताह से  फैलनी शुरू हुई कोविड महामारी के खिलाफ जनवादी कोरिया की लड़ाई  बिना किसी बाहरी मदद के खुद के संसाधनों से सफलतापूर्वक जारी है.  देश की राजधानी फ्यंगयांग ही नहीं  देश के दूर दराज में बसे इलाकों में भी महामारी से सफलतापूर्वक लड़ा जा रहा है. जनवादी कोरिया के उत्तर पश्चिम में स्थित छागांग प्रांत (자강도) का अधिकांश भाग दुर्गम पहाड़ों से घिरा हुआ है परंतु प्रांत के ऐसे दुर्गम और दूर दराज वाले इलाकों के भी एक एक घर में कोविड संक्रमितों की जांच और इलाज के लिए त्वरित चलंत दस्ता (Quick Mobile Squad) जा रहा है. गंभीर मरीजों के इलाज के लिए टेलि मेडिसिन (Tele Medicine) की मदद ली जा रही है. जनवादी कोरिया में किसी को तथाकथित "विकसित और लोकतांत्रिक" देशों के नागरिकों की तरह तिल तिल कर मरने के लिए नहीं छोड़ा जा रहा पर शैतान  दक्षिण कोरिया के एक कारपोरेटी कठपुतली अखबार द कोरिया टाईम्स ने अनुमान लगाया है कि कोविड से जनवादी कोरिया में एक लाख मौतें हुई हैं. पर असल में जनवादी कोरिया में अब तक यानि 31 मई 2022 तक केवल 70 लोग ही मरे हैं जो दक्षिण क...

दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और पाठ्यक्रमों में भारत की छवि

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यह पोस्ट मुझ जैसे मामूली कोरियाई मामलों के जानकार के नितांत निजी अनुभव और पढ़ाई पर आधारित है. मुझे एक सीधी बात समझ में आती है कि ताली एक हाथ से नहीं बजती खासकर दो देशों के संबंधों में हलांकि अमेरिका ने इस चीज को तार तार कर दिया है. इसका मतलब यह नहीं कि गैर बराबरी को ही परम् सत्य मान लिया जाए. भारत के ज्यादातर लोगों में दक्षिण कोरिया के बारे में बहुत ही अच्छी छवि बनी हुई है. दक्षिण कोरिया में भी ऐसे व्यक्ति या समूह हैं जो भारत के बारे में सकारात्मक समझ रखते हैं और मेरा यह मानना है कि यह उनका भारत को जानने का व्यक्तिगत या सामूहिक प्रयास होगा. क्योंकि नीचे के दो उदाहरणों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि  दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भारत के बारे में बुनियादी समझ ही नहीं है या फिर वे जानबूझकर भारत की सही छवि पेश ही नहीं करना चाहते. तो आम जनता के बीच अच्छी छवि कैसे बनेगी. इस वीडियो को देखकर तो यही समझ में आता है कि दक्षिण कोरिया का मीडिया भारत के शहरों और राज्यों को नक्शे में सही रुप से नहीं दर्शा सकता और ये कोई मामूली चैनल नहीं दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा  शिक्षा चैनल ...

जनवादी कोरिया के ड्राइवर दंपत्ति और उनका आलीशान आशियाना

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 एक आलीशान घर के मालिक ड्राइवर दंपत्ति जनवादी कोरिया की समाजवादी व्यवस्था में अभूतपूर्व योगदान देने वाले आम मजदूरों और किसानों के लिए जनवादी कोरिया की  वर्कर्स पार्टी की जनवरी 2021 में पार्टी की आठवीं कांग्रेस में राजधानी फ्यंगयांग के बोथोंग  नदी के किनारे एक आलीशान आवासीय क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया गया जिसके तहत  कुल 800 आलीशान घरों वाला एक शानदार टाउनशिप एक साल के भीतर बनकर तैयार हो गया और 13 अप्रैल 2022 को इसका उद्घाटन कर लोगों का गृहप्रवेश कराया गया. ऐसे घरों के मालिक सरकारी उच्चाधिकारी, मंत्री, सासंद, विधायक या बड़े धनपशु नहीं बल्कि साधारण मजदूर हैं.   चीन में रहने वाले जनवादी कोरिया के नागरिक द्वारा चीन के लोगों जनवादी कोरिया की असल सच्चाई बताने वाले इस यूट्यूब वीडियो चैनल ( यूट्यूब का कोई भरोसा नहीं कि कब इस चैनल को बंद कर दे क्योंकि यूट्यूब आखिर जनवादी कोरिया के खिलाफ अमेरिकी साम्राज्यवाद के सूचना युद्ध (Information War) का ही अंग है और यूट्यूब  पहले भी जनवादी कोरिया की असल हकीकत बयान  करने वाले चैनलों को बंद कर चुका है. इसलिए इस वीडियो ...

महामारी से सफलतापूर्वक लड़ाई-1

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शैतान दक्षिण कोरियाई और पश्चिमी मीडिया के बकवास खबरों के विपरीत जनवादी कोरिया कोविड से सफलतापूर्वक अपने दम और संसाधनों से लड़ रहा है.  देश के राजकीय आपातकालीन महामारी रोकथाम मुख्यालय (State Emergency Epidemic Prevention Headquarters) के प्रमुख ने महामारी से संबंधित आंकड़े (18 मई  2022 ) पेश करते हुए महामारी रोकथाम में एक एक पल के अहमियत पर जोर दिया, साथ ही सच्चे कम्युनिस्ट की तरह  शुरुआती दौर में अपने महकमे की गैर जिम्मेदाराना और ढीले ढाले रवैये को भी स्वीकार किया . कम्युनिस्ट अपनी कमी खुलकर स्वीकार करते हैं और जनता से कुछ नहीं छुपाते.  राजधानी फ्यंगयांग समेत देश के अन्य शहर वनसान, सिनउईजू  हामहुंग  में  महामारी के रोकथाम के लिए सारे जरूरी जांच ( PCR) की जा रही है साथ ही एक त्वरित दस्ते का गठन किया गया है जिसमें महामारी विशेषज्ञ, जीवाणु और रोगाणु विशेषज्ञ, पृथकवास (Quarantine) विशेषज्ञ कीटाणुशोधन (Disinfection) विशेषज्ञ  शामिल हैं और वे घर घर जाकर जांच कर रहे हैं और बुखार के लक्षण वाले मरीजों को तुरंत अलग रखा जा रहा है. सारे दवाई दुकानों पर जनता ...

जनवादी कोरिया में कोविड संबंधित झूठ का पर्दाफाश

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  कोविड के जनवादी कोरिया में प्रसार से संबंधित बदमाश दक्षिण कोरिया और पश्चिम के तमाम झूठों का पर्दाफाश करो! जनवादी कोरिया में  हाल ही में फैली कोविड महामारी के बारे में 17 मई 2022 को ब्रिटेन के "तथाकथित प्रगतिशील" माने जाने वालेअखबार द गार्जियन(The Guardian) में एक खबर आई है और एक "तथाकथित स्वास्थ्य विशेषज्ञ"  डाॅक्टर जाॅन कैम्पबेल (Dr. John Campbell) ने यूट्यूब पर एक वीडियो डाला है और  ये खबर और वीडियो दोनों ही जनवादी कोरिया के बारे में गंभीर रूप से गलत, अतिरंजित (Exaggerated) और विकृत (Distorted) तस्वीर पेश करते हैं. द गार्जियन की ये खबर भी साम्राज्यवादी फ्रांस(फ्रांस भी एक साम्राज्यवादी मुल्क है और अफ्रीका के कई देशों में इसकी सेना भी तैनात है)के AFP(Agence France Presse) समाचार एजेंसी के हवाले से दी गई है. AFP का एशिया प्रशांत क्षेत्र का संपादक कोई और नहीं बल्कि ओलिवर हाॅथम (Oliver Hotham) है, हाॅथम इसके पहले जनवादी कोरिया से संबंधित कुख्यात  CIA की गलत खबरों और दुष्प्रचार की वेबसाइट NK News का मुख्य संपादक भी रह चुका है. और गार्जियन की इस खबर के पीछे भी...

सूखे से बचाव और धान की रोपनी

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इन दिनों जनवादी कोरिया के कई भाग सूखे का सामना कर रहे हैं तो सूखे से फसलों को क्षति से बचाने के लिए कमर कस ली गई है. और धान की रोपनी भी शुरू हो गई है. जनवादी कोरिया के अनाज के कटोरे के रूप में जाने वाले उत्तरी ह्वांगहे, दक्षिणी ह्वांगहे और दक्षिणी फ्यंगआन प्रांत के शहरों और काउंटियों के सहकारी फार्म में  कोविड गाइडलाइन का सख्त पालन करते हुए गेहूँ , जौ और धान की फसलों को सूखे से बचाने के लिए पार्टी स्तर पर पानी के नियमित अंतराल पर छिड़काव के लिए पानी के चलंत(Mobile) पंपों और निकटतम जल स्त्रोतों से पानी ढोने के लिए टैंकरों को लामबंद कर पानी के छिड़काव को योजनानुसार अंजाम दिया जा रहा है. साथ ही  एक हफ्ते के अंतराल पर फसलों पर सूखे के असर को कम करने के लिए कई पोषक तत्वों का छिड़काव भी जारी है. वहीं इन प्रांतों के कुछ सहकारी फार्मों में धान की रोपनी भी योजनानुसार शुरू हो चुकी है. धान रोपने की मशीन भी सहकारी फार्मों द्वारा ही विकसित की गई हैं और ये कोशिश है कि खेती में मशीनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो. दक्षिण कोरिया के जनवादी कोरिया संबंधित झूठ को परोसने वाले BBC और CNN कुछ मह...