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दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और पाठ्यक्रमों में भारत की छवि

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यह पोस्ट मुझ जैसे मामूली कोरियाई मामलों के जानकार के नितांत निजी अनुभव और पढ़ाई पर आधारित है. मुझे एक सीधी बात समझ में आती है कि ताली एक हाथ से नहीं बजती खासकर दो देशों के संबंधों में हलांकि अमेरिका ने इस चीज को तार तार कर दिया है. इसका मतलब यह नहीं कि गैर बराबरी को ही परम् सत्य मान लिया जाए. भारत के ज्यादातर लोगों में दक्षिण कोरिया के बारे में बहुत ही अच्छी छवि बनी हुई है. दक्षिण कोरिया में भी ऐसे व्यक्ति या समूह हैं जो भारत के बारे में सकारात्मक समझ रखते हैं और मेरा यह मानना है कि यह उनका भारत को जानने का व्यक्तिगत या सामूहिक प्रयास होगा. क्योंकि नीचे के दो उदाहरणों से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि  दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भारत के बारे में बुनियादी समझ ही नहीं है या फिर वे जानबूझकर भारत की सही छवि पेश ही नहीं करना चाहते. तो आम जनता के बीच अच्छी छवि कैसे बनेगी. इस वीडियो को देखकर तो यही समझ में आता है कि दक्षिण कोरिया का मीडिया भारत के शहरों और राज्यों को नक्शे में सही रुप से नहीं दर्शा सकता और ये कोई मामूली चैनल नहीं दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा  शिक्षा चैनल ...

जनवादी कोरिया के ड्राइवर दंपत्ति और उनका आलीशान आशियाना

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 एक आलीशान घर के मालिक ड्राइवर दंपत्ति जनवादी कोरिया की समाजवादी व्यवस्था में अभूतपूर्व योगदान देने वाले आम मजदूरों और किसानों के लिए जनवादी कोरिया की  वर्कर्स पार्टी की जनवरी 2021 में पार्टी की आठवीं कांग्रेस में राजधानी फ्यंगयांग के बोथोंग  नदी के किनारे एक आलीशान आवासीय क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया गया जिसके तहत  कुल 800 आलीशान घरों वाला एक शानदार टाउनशिप एक साल के भीतर बनकर तैयार हो गया और 13 अप्रैल 2022 को इसका उद्घाटन कर लोगों का गृहप्रवेश कराया गया. ऐसे घरों के मालिक सरकारी उच्चाधिकारी, मंत्री, सासंद, विधायक या बड़े धनपशु नहीं बल्कि साधारण मजदूर हैं.   चीन में रहने वाले जनवादी कोरिया के नागरिक द्वारा चीन के लोगों जनवादी कोरिया की असल सच्चाई बताने वाले इस यूट्यूब वीडियो चैनल ( यूट्यूब का कोई भरोसा नहीं कि कब इस चैनल को बंद कर दे क्योंकि यूट्यूब आखिर जनवादी कोरिया के खिलाफ अमेरिकी साम्राज्यवाद के सूचना युद्ध (Information War) का ही अंग है और यूट्यूब  पहले भी जनवादी कोरिया की असल हकीकत बयान  करने वाले चैनलों को बंद कर चुका है. इसलिए इस वीडियो ...

महामारी से सफलतापूर्वक लड़ाई-1

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शैतान दक्षिण कोरियाई और पश्चिमी मीडिया के बकवास खबरों के विपरीत जनवादी कोरिया कोविड से सफलतापूर्वक अपने दम और संसाधनों से लड़ रहा है.  देश के राजकीय आपातकालीन महामारी रोकथाम मुख्यालय (State Emergency Epidemic Prevention Headquarters) के प्रमुख ने महामारी से संबंधित आंकड़े (18 मई  2022 ) पेश करते हुए महामारी रोकथाम में एक एक पल के अहमियत पर जोर दिया, साथ ही सच्चे कम्युनिस्ट की तरह  शुरुआती दौर में अपने महकमे की गैर जिम्मेदाराना और ढीले ढाले रवैये को भी स्वीकार किया . कम्युनिस्ट अपनी कमी खुलकर स्वीकार करते हैं और जनता से कुछ नहीं छुपाते.  राजधानी फ्यंगयांग समेत देश के अन्य शहर वनसान, सिनउईजू  हामहुंग  में  महामारी के रोकथाम के लिए सारे जरूरी जांच ( PCR) की जा रही है साथ ही एक त्वरित दस्ते का गठन किया गया है जिसमें महामारी विशेषज्ञ, जीवाणु और रोगाणु विशेषज्ञ, पृथकवास (Quarantine) विशेषज्ञ कीटाणुशोधन (Disinfection) विशेषज्ञ  शामिल हैं और वे घर घर जाकर जांच कर रहे हैं और बुखार के लक्षण वाले मरीजों को तुरंत अलग रखा जा रहा है. सारे दवाई दुकानों पर जनता ...

जनवादी कोरिया में कोविड संबंधित झूठ का पर्दाफाश

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  कोविड के जनवादी कोरिया में प्रसार से संबंधित बदमाश दक्षिण कोरिया और पश्चिम के तमाम झूठों का पर्दाफाश करो! जनवादी कोरिया में  हाल ही में फैली कोविड महामारी के बारे में 17 मई 2022 को ब्रिटेन के "तथाकथित प्रगतिशील" माने जाने वालेअखबार द गार्जियन(The Guardian) में एक खबर आई है और एक "तथाकथित स्वास्थ्य विशेषज्ञ"  डाॅक्टर जाॅन कैम्पबेल (Dr. John Campbell) ने यूट्यूब पर एक वीडियो डाला है और  ये खबर और वीडियो दोनों ही जनवादी कोरिया के बारे में गंभीर रूप से गलत, अतिरंजित (Exaggerated) और विकृत (Distorted) तस्वीर पेश करते हैं. द गार्जियन की ये खबर भी साम्राज्यवादी फ्रांस(फ्रांस भी एक साम्राज्यवादी मुल्क है और अफ्रीका के कई देशों में इसकी सेना भी तैनात है)के AFP(Agence France Presse) समाचार एजेंसी के हवाले से दी गई है. AFP का एशिया प्रशांत क्षेत्र का संपादक कोई और नहीं बल्कि ओलिवर हाॅथम (Oliver Hotham) है, हाॅथम इसके पहले जनवादी कोरिया से संबंधित कुख्यात  CIA की गलत खबरों और दुष्प्रचार की वेबसाइट NK News का मुख्य संपादक भी रह चुका है. और गार्जियन की इस खबर के पीछे भी...

सूखे से बचाव और धान की रोपनी

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इन दिनों जनवादी कोरिया के कई भाग सूखे का सामना कर रहे हैं तो सूखे से फसलों को क्षति से बचाने के लिए कमर कस ली गई है. और धान की रोपनी भी शुरू हो गई है. जनवादी कोरिया के अनाज के कटोरे के रूप में जाने वाले उत्तरी ह्वांगहे, दक्षिणी ह्वांगहे और दक्षिणी फ्यंगआन प्रांत के शहरों और काउंटियों के सहकारी फार्म में  कोविड गाइडलाइन का सख्त पालन करते हुए गेहूँ , जौ और धान की फसलों को सूखे से बचाने के लिए पार्टी स्तर पर पानी के नियमित अंतराल पर छिड़काव के लिए पानी के चलंत(Mobile) पंपों और निकटतम जल स्त्रोतों से पानी ढोने के लिए टैंकरों को लामबंद कर पानी के छिड़काव को योजनानुसार अंजाम दिया जा रहा है. साथ ही  एक हफ्ते के अंतराल पर फसलों पर सूखे के असर को कम करने के लिए कई पोषक तत्वों का छिड़काव भी जारी है. वहीं इन प्रांतों के कुछ सहकारी फार्मों में धान की रोपनी भी योजनानुसार शुरू हो चुकी है. धान रोपने की मशीन भी सहकारी फार्मों द्वारा ही विकसित की गई हैं और ये कोशिश है कि खेती में मशीनों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो. दक्षिण कोरिया के जनवादी कोरिया संबंधित झूठ को परोसने वाले BBC और CNN कुछ मह...

जनवादी कोरिया में कोविड

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2 साल 4 महीने बाद जनवादी कोरिया में मिला कोविड का मामला. इस खबर के आते ही तथाकथित मुख्यधारा की कारपोरेटी टुकड़खोर मीडिया पूरी दुनिया में हुंआ हुंआ करने लगी है.  12 मई 2022 को जनवादी कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी की खबर के मुताबिक वर्कर्स पाटी की 8 वीं सेंट्रल कमिटी की 8 वीं पोलित  ब्यूरो की बैठक हुई जिसमें कहा गया  देश में  एक सबसे गंभीर आपातकालीन मामला  आया है . हमारी आपातकालीन महामारी रोकथाम मोर्चे पर एक ब्रेक लगा है जिसने फरवरी, 2020 से दो साल तीन महीने तक(हमारा महामारी से) मजबूती से बचाव किया . राज्य आपातकालीन महामारी रोकथाम कमान और संबंधित इकाइयों ने 8 मई को राजधानी फ्यंगयांग में एक संगठन से संबंधित बुखार के लक्षण वाले व्यक्तियों के नमूनों के गहन जीनोम विश्लेषण के  पश्चात  यह निष्कर्ष निकाला कि ये नमूना  ओमिक्रोन बीए.2 वेरिएंट के साथ मेल खाता है जो कि हाल ही में दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है' .  जनवादी कोरिया ने कोविड 19 के  वायरस को और फैलने से रोकने के लिए  अधिकतम आपातकालीन महामारी रोकथाम प्रणाली का आदेश दिया ...

कोरियाई आश्चर्य

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तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया और अकादमिक जगत में "कोरियाई आश्चर्य" (Korean Miracle) शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. चूंकि कोरिया अभी दो अलग अलग देशों में विभाजित है तो इस शब्द का इस्तेमाल किस कोरिया के लिए किया जाता है? बेशक दक्षिण कोरिया के लिए कोरियाई आश्चर्य शब्द इस्तेमाल किया जाना चाहिए क्योंकि ज्यादातर कोरिया के तथाकथित  विशेषज्ञों (भारत या अन्य) की रोजी रोटी और प्रचंड झूठ की दुकान भी तो चलनी है.अब उनके पेट पर लात मारने वाली बात जो है. पर क्या करें सच्चाई कड़वी जो है और इस तथाकथित अकादमिक जगत (खासकर दक्षिण कोरिया या उससे सहायता प्राप्त) को या तो सच्चाई से डर लगता है  या फिर वो पापी पेट के लिए तमाम झूठ फैलाने पर मजबूर हैं . या फिर कुछ और वजहों से. तो पहेलियाँ न बुझाते हुए सीधा मुद्दे पर आते हैंं कोरियाई आश्चर्य नामक शब्द का अकादमिक जगत में  सबसे पहली बार इस्तेमाल 1964 में ब्रिटिश अर्थशास्त्री जोआन वायलेट राबिंस (Joan Violet Robinson) द्वारा जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) के लिए किया गया था और जिस दक्षिण कोरिया की आर्थिक चमत्कार की पुरजोर मिसाल दी जाती है  1964 में ...

टैक्स प्रथा का उन्मूलन

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  जहाँ दुनिया के तथाकथित " सबसे बड़े लोकतंत्र " में जनता से जमकर टैक्स वसूली होने के बावजूद  अधिकांश लोग जीवन की बुनियादी जरूरतों तक से महरूम है. वहीं तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया द्वारा दिन रात धरती के नरक के रूप में  दुष्प्रचारित जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) दरअसल  दुनिया का पहला ऐसा देश  है जहाँ जनता से किसी प्रकार की टैक्स वसूली नहीं होती और उन्हें सभ्य और सुसंस्कृत जीवन के लिए सरकार की तरफ से ढेरों लाभ भी मिलते हैं.जनवादी कोरिया ने दशकों पहले अपनी मजबूत समाजवादी और स्वतंत्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के बल पर ऐसी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां पैदा कर दी कि वहाँ पुराने पूंजीवादी समाज के एक अवशेष के रूप में जनता से टैक्स वसूली की जरूरत ही खत्म हो गई और वहाँ की संसद ने 21 मार्च 1974 को देश में सभी तरह के टैक्स को खत्म करने का कानून बना दिया. इससे संबंधित जनवादी कोरिया के महान नेता और राष्ट्रपति काॅमरेड किम इल संग की रचना " टैक्स प्रणाली के उन्मूलन के संबंध में "( On Abolishing the Tax System) पढ़ी जानी जरूरी है कि जनवादी कोरिया में कैसी परिस्थितियां बनाई गईं कि दु...

जूछे विचारधारा

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  जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया)  की जूछे विचारधारा संक्षेप में 1.जूछे विचार क्या है और यह कैसे अस्तित्व में आया?   जूछे का शाब्दिक अर्थ होता है जू  (주,主)  यानि मुख्य और छे (체,體 ) यानि शक्ति या घटक  यानि मुख्य शक्ति. ये मुख्य शक्ति है मनुष्य (जनता) . जूछे विचार धारा कहती है कि  मनुष्य ( जनता) ही क्रांति और निर्माण और साथ ही अपनी नियति का मालिक है . मनुष्य(जनता) को अपने दम पर अपनी जिम्मेदारी से क्रांति करनी चाहिए और क्रांति के दौरान उत्पन्न होने वाली सभी समस्याओं का समाधान स्वतंत्र और रचनात्मक तरीके से करना चाहिए और क्रांति के विजयी होने के लिए जनता को खुद को शिक्षित और संगठित करना चाहिए. जूछे विचार के तीन मूलभूत तत्व हैंं 1. राजनीतिक स्वतंत्रता 2. आर्थिक आत्मनिर्भरता 3. रक्षा आत्मनिर्भरता जूछे विचार जापानी साम्राज्यवाद के खिलाफ कोरियाई जनता के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महान नेता काॅमरेड किम इल संग द्वारा 1930 में चीन के कालून नामक स्थान में हुई क्रांतिकारियों की बैठक में दिया गया. जूछे विचार वास्तविक स्थिति की मांगों का पालन करने के लिए अस्तित्व ...

पूर्ण स्वतंत्र और आत्मनिर्भर देश जनवादी कोरिया

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क्या जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) अपने अस्तित्व के लिए चीन पर आश्रित है?   नहीं जनवादी कोरिया पूरा आजाद और आत्मनिर्भर है!   जनवादी कोरिया के खिलाफ साम्राज्यवादी दुष्प्रचार का वायरस दक्षिणपंथियों और लिबरलों को छोड़ भी दें तो वामपंथी तबकों में भी मौजूद है! वे समझते हैं कि जनवादी कोरिया (क्यूबा भी) रूस और चीन पर अपने अस्तित्व के लिए निर्भर हैं!  थोड़ा और पीछे जाऐं तो ये बात भी सामने आती है कि जनवादी कोरिया सोवियत संघ के दिनों में उसकी मदद से बना और पल रहा था या वह चीन की सहायता से अपना अस्तित्व बचाए हुए है. बात तो यहाँ तक की जाती है कि जनवादी कोरिया सोवियत संघ या चीन की नकल है.  ऐसी समझ को बढ़ावा देने वाले लोगों में  ऐसे लोग शामिल हैं जो सचमुच जनवादी कोरिया के बारे में कम या नहीं के बराबर जानते हैं या वे बड़ी शक्तियों के पूजक (Big Power Chauvinist) हैं  या अपने आप को  स्वतंत्र और प्रगतिशील(?) कहने वाले अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ हैं या अपने आप को शत प्रतिशत शुद्ध बताने वाले मार्क्सवादी भी! ( अमेरिका और दक्षिण कोरिया या अन्य और उनसे जुड़ी संस्थाओं...

सारीवन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय

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जनवादी कोरिया में आधुनिकतम सुविधाओं से लैस एक और शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय (Teachers Training College) का उद्घाटन. विगत 13 अप्रैल 2022 को जनवादी कोरिया के उत्तरी ह्वांगहे प्रांत(황해북도) की राजधानी सारीवन (사리원시) में प्रांत में शिक्षा की गुणवत्ता के स्तर को और बेहतर करने  और छात्रों को क्रांतिकारी प्रतिभा के रुप में विकसित करने के लिए आधुनिकतम सुविधाओं से लैस एक नए शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय का उद्घाटन किया गया.  इस महाविद्यालय में छात्रों के लिए बहुउद्देशीय प्रयोगशालाएँ, ई लाईब्रेरी (E Library), जिमखाना, हाॅस्टल  आदि की सुविधाएं हैं(इस शानदार काॅलेज में पढ़ने और बाकी सुविधाओं के उपयोग के लिए छात्रों को एक पैसा भी नहीं देना पड़ेगा क्योंकि जनवादी कोरिया में सभी तरह की शिक्षा और उससे जुड़ी सुविधाओं का उपयोग बिल्कुल मुफ्त है). उद्घाटन समारोह में उत्तरी ह्वांगहे प्रांत के पार्टी सचिव के अलावा इस महाविद्यालय को बनाने वाले मजदूर, अध्यापक, छात्र और कर्मचारी शामिल थे. जनवादी कोरिया की समाजवादी शिक्षा व्यवस्था का लक्ष्य पूंजीपतियों और उसकी मैनेजिंग कमिटी यानि सरकार के लिए गुला...

फ्यंगयांग की रात

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  समाजवादी देश जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) की राजधानी फ्यंगयांग की रात के नजारे का वीडियो ( जनवरी और अप्रैल 2022). फ्यंगयांग शहर की रात की जगमगाहट किसी भी विकसित पूंजीवादी शहरों से कम नहीं है पर  ऐसे शहरों के विपरीत  समाजवादी शहर फ्यंगयांग में जुआ घर, चकलाघर, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के जगमगाते बिलबोर्ड, बेघर, भिखारी , माफिया गैंगस्टर बिल्कुल नहीं हैं.

काॅमरेड किम इल संग की उपलब्धियां (1)

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काॅमरेड किम इल संग के द्वारा अद्वितीय जूछे विचार आधारित समाजवादी देश जनवादी कोरिया की स्थापना. जनवादी कोरिया  के संस्थापक और महान नेता और राष्ट्रपति रहे काॅमरेड किम इल संग की 110 वीं जयंती आने वाले 15 अप्रैल को दुनिया भर के प्रगतिशील लोगों द्वारा मनाई जाएगी. इस अवसर पर काॅमरेड राष्ट्रपति किम इल संग की उपलब्धियों का उल्लेख करना जरूरी हो जाता है. काॅमरेड राष्ट्रपति किम इल संग की महानतम उपलब्धियों में से एक अद्वितीय आत्मनिर्भरता (जूछे) दर्शन पर आधारित एक समाजवादी देश की स्थापना थी और ये देश किसी दूसरे देश की नकल नहीं था और दूसरे समाजवादी देशों से बिल्कुल अलग था. ये इस सच्चाई से साबित होता है कि  1989-1991 के दौरान सोवियत संघ और अन्य समाजवादी देशों का पतन हुआ पर जनवादी कोरिया का पतन नहीं हुआ. बहुत लोग इस बात को समझ पाने में विफल हो जाते हैं कि जनवादी कोरिया में स्वतंत्र और जन केंद्रित जूछे आधारित समाजवाद था और अभी भी है. काॅमरेड राष्ट्रपति किम इल संग जो जापानी साम्राज्यवादियों के साथ 15 से अधिक वर्ष तक लड़े थे और अपनी किशोरावस्था से कोरिया में पहले क्रांतिकारी संगठनों का न...