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2023: जनवादी कोरिया के लिए विजय का वर्ष

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 जनवादी कोरिया के लिए विजय का वर्ष 2023 में जनवादी कोरिया ने खुद को एक शक्तिशाली समाजवादी देश के रूप में विकसित करने के लक्ष्य की दिशा में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया. अमेरिका और उसकी कठपुतलियों के, हताश प्रयास ऐसा लगता है कि "दुनिया की एकमात्र महाशक्ति" जनवादी कोरिया से निपटने में ताकत खो रही है.पश्चिमी देशों और अन्य सभी कठपुतली ताकतों को द्विपक्षीय टकराव में घसीटकर भी, संयुक्त राज्य अमेरिका स्थिति को बदलने में विफल रहा है. 2023 में, पिछले वर्षों के विपरीत, कोरियाई प्रायद्वीप और आसपास के क्षेत्र में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं द्वारा आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास वर्ष के अधिकांश समय तक जारी रहा. ऐसे अभ्यासों का एक-एक करके नाम लेना और उनके पैमाने के बारे में विस्तार से बताना जरूरी नहीं होगा, लेकिन उल्लेखनीय बात यह है कि अमेरिकी परमाणु विमान वाहक और रणनीतिक परमाणु बमवर्षक हर बार दिखाई दिए. जाहिर है, ऐसी हरकतें जनवादी कोरिया को अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने और आर्थिक निर्माण पर संसाधनों को केंद्रित करने से रोकने के लिए बनाई गई है. 2023 में कोरियाई प्रायद्वीप के आसपास के क्षेत...

9वें प्लेनम के मायने और अंतर कोरियाई संबंध

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जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी के 9 वें प्लेनम के फैसले कई मायनों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं सबसे पहले इसलिए, क्योंकि  वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 8वीं सेंट्रल कमेटी के 9वें प्लेनम के फैसले और विचार-विमर्श बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे भविष्य की दिशा में रास्ता तय करते हैं, दूसरे,  विभिन्न प्रकार के तथाकथित 'उत्तर कोरिया विशेषज्ञ'  कुछ मुद्दों, विशेष रूप से कोरिया के एकीकरण के मुद्दे पर 9 वीं प्लेनम के निर्णयों के बारे में सभी प्रकार की अफवाहें, अनुमान, विकृतियाँ और अटकलें फैलाने की कोशिश कर रहे है, तीसरा, कोरियाई प्रायद्वीप पर स्थिति तनावपूर्ण है और युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं हाल ही में जनवादी कोरिया के दुश्मनों ने बिना सबूतों के साथ दावा किया कि 'किम जंग उन ने युद्ध में जाने का रणनीतिक निर्णय लिया है'  बेशक अगर हमला हुआ तो जनवादी कोरिया न केवल अपनी रक्षा करेगा बल्कि जवाबी कार्रवाई करेगा और दक्षिण कोरिया को आजाद कराने के लिए एक अभियान भी शुरू करेगा. केवल दो सप्ताह पहले दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों ने जनवादी कोरिया पर पश्चिमी सागर में सीम...

9 वीं प्लेनरी मीटिंग के निर्णय

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 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 8वीं सेंट्रल कमिटी ने पार्टी महासचिव काॅमरेड किम जंग उन की उपस्थिति में अपनी 9वीं प्लेनरी मीटिंग जनवादी कोरिया की क्रांतिकारी राजधानी फ्यंगयांग में आयोजित की थी. इस मीटिंग में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के सदस्यों के साथ-साथ मंत्रालयों के अधिकारियों और पार्टी के क्षेत्रीय अधिकारियों ने भाग लिया. मीटिंग में पिछले साल के संघर्ष के परिणामों की समीक्षा की गई और आगामी कार्य के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश निर्धारित किए गए.  सबसे पहले, 9वीं प्लेनरी मीटिंग में साल 2023 में जनवादी कोरिया में हुई आश्चर्यजनक प्रगति की जानकारी दी गई. राष्ट्रीय आर्थिक विकास के 12 लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई . रिपोर्ट में कहा गया है कि "राष्ट्रीय आर्थिक विकास के सभी 12 लक्ष्यों को 103 प्रतिशत अनाज उत्पादन, 100 प्रतिशत बिजली, कोयला और नाइट्रोजन उर्वरक उत्पादन  के साथ प्राप्त किया गया था. इसके अलावा 102 प्रतिशत रोल्ड स्टील प्रतिशत, 131 प्रतिशत अलौह धातु, 109 प्रतिशत लॉग, 101 प्रतिशत सीमेंट और साधारण कपड़ा, 105 प्रतिशत स...

साल 2023: जनवादी कोरिया की प्रमुख घटनाएं

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  1.काॅमरेड किम जंग उन का रूस दौरा काॅमरेड किम जंग उन ने 12 से 17 सितंबर तक रूस का दौरा किया और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर सम्मेलन किया. उन्होंने वोस्तोचनी कोस्मोड्रोम, कोम्सोमोल्स्क-ऑन-अमूर हवाई जहाज संयंत्र, केनेविच वायु सेना बेस और प्रशांत बेड़े का भी दौरा किया और जनवादी कोरिया और रुस के बीच सैन्य क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई. इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भी जनवादी कोरिया-रूस संबंध पर रहा. 2.टोही उपग्रह का सफल प्रक्षेपण दो असफलताओं के बाद, जनवादी कोरिया 21 नवंबर की रात को टोही उपग्रह 'माल्लीग्यंग-1' लॉन्च करने में सफल रहा. इसने पूर्वोत्तर एशिया के सैन्य परिदृश्य में एक नया परिवर्तन ला दिया. जनवादी कोरिया को इस टोही उपग्रह द्वारा भेजे गए अमेरिकी सैन्य ठिकानों सहित दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान में प्रमुख सैन्य सुविधाओं की तस्वीरों की दैनिक रिपोर्ट प्राप्त होने लगी. 3.विभिन्न परमाणु हथियारों का विकास और संविधान में संशोधन इस साल, जनवादी कोरिया ने बड़ी संख्या में नए परमाणु हथियारों का अनावरण किया, जिसमें ह्वा...

जनवादी कोरिया के तीव्र विकास का रहस्य

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जनवादी कोरिया शत्रुतापूर्ण ताकतों के कठोर प्रतिबंधों के बावजूद निरंतर विकास करते हुए आश्चर्यजनक गति से आगे बढ़ रहा है. इसका रहस्य क्या है? पिछली पीढ़ियों की संघर्ष की भावना को हमेशा याद रखना और उनकी इसी परंपरा को आगे बढ़ाना जनवादी कोरिया की जनता के उत्कृष्ट लक्षणों में से एक कहा जा सकता है. इतना ही नहीं इस देश के पास अमेरिका द्वारा शुरू किए गए कोरियाई युद्ध (1950-1953) के विध्वंस को कम समय में दूर करने और केवल 14 वर्षों में समाजवादी औद्योगिकीकरण पूरा करने का रिकॉर्ड है.विशेष रूप से, 1970 और 1980 के दशक में अर्थव्यवस्था और संस्कृति के सभी क्षेत्रों में इसने जो तीव्र प्रगति की, वह आज भी इसके लोगों को उनके संघर्ष में प्रोत्साहित कर रही है. 1970 के दशक में इसने दस लाख बुद्धिजीवियों को प्रशिक्षित किया, उनर्युल खदान की  बड़ी, लंबी दूरी की कन्वेयर बेल्ट और फ्यंगयांग मेट्रो जैसी विशाल निर्माण परियोजनाओं को अंजाम दिया और विनाशकारी मौसम की स्थिति के बावजूद साल-दर-साल अच्छी फसल प्राप्त की.1980 के दशक की शुरुआत में बने ग्रैंड पीपल्स स्टडी हाउस की निर्माण गति 1960 के दशक में बने फ्यंगयांग ग्...

सैन्य टोही उपग्रह- माल्लीग्यंग-1

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 21 नवंबर 2023 की शाम को, जनवादी कोरिया का सैन्य टोही उपग्रह माल्लीग्यंग -1 (만리경 1호) आकाश में ऊंचा उड़ गया(माल्लीग्यंग का अर्थ दसियों हजारों मील तक देखने वाली आंख है). इसका प्रक्षेपण काॅमरेड किम जंग उन के मार्गदर्शन में हुआ. यह उपग्रह लॉन्च करने का तीसरा प्रयास था, जो स्कॉटिश राजा रॉबर्ट द ब्रूस की कहावत को साबित करता है कि ""यदि आप पहली बार में सफल नहीं होते हैं, तो दोबारा तिबारा प्रयास करें.  माल्लीग्यंग -1 के प्रक्षेपण से जनवादी कोरिया ने अंतरिक्ष कार्यक्रम के साथ-साथ मुख्य रूप से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के आक्रमण के खतरों के खिलाफ खुद की रक्षा करने की क्षमता में एक बड़ी छलांग लगाई. ऐसा कर जनवादी कोरिया दुनिया का सातवां ऐसा मुल्क हो गया जिसने खुद के दम पर सैन्य टोही उपग्रह प्रक्षेपित करने का कारनामा कर डाला.अबतक दुनिया के 6 देश अमेरिका,रुस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और इसराइल ही ऐसा कर चुके हैं.  वर्षों से अमेरिका उपग्रहों, जासूसी विमानों और अन्य माध्यमों से जनवादी कोरिया की जासूसी और अवैध निगरानी करता रहा है. अब जनवादी कोरिया के पास अपना स्वयं का सैन्य टोही उपग्रह है जो...

जनवादी कोरिया के चुनाव का दृश्य

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 विगत 26 नवंबर 2023 को जनवादी कोरिया में राजधानी फ्यंगयांग समेत सभी प्रातींय जन समितियों शहरों और जिलों की जन समितियों यानि पीपुल्स कमिटी के लिए मतदान हुआ. हमारे संदर्भ में कहें तो देश की सभी विधानसभाओं और स्थानीय निकायों यानि नगर निगमों, नगरपालिकाओं और जिला परिषदों के प्रतिनिधियों के लिए मतदान हुआ. देश भर में लोग जनता की शक्ति को और मजबूत करने और चुनावों के माध्यम से लोकप्रिय जनता पर केंद्रित कोरियाई शैली के समाजवाद के फायदों को एक बार फिर प्रदर्शित करने के लिए एक मन से मतदान केंद्रों पर एकत्र हुए.  चुनावों में क्रांतिकारी अग्रदूतों ने भाग लिया, जिन्होंने कोरिया की मुक्ति के पहले दिन से दशकों तक जनवादी कोरिया की सरकार में असीम विश्वास रखते हुए, देशभक्ति की राह तय की. इस चुनाव में युवा पीढ़ी समेत विभिन्न क्षेत्रों के अन्य लोगों ने भाग लिया. शुद्ध विवेक और दायित्व के साथ जनवादी कोरिया की सरकार को बनाए रखने की लोगों की इच्छा पूरी तरह से प्रदर्शित हुई और देश भर के सभी लोगों ने चुनावों में अपने देशभक्तिपूर्ण उत्साह को व्यक्त किया.  देश भर के खेत मजदूरों ने भी, जनता के प्रतिन...

जनवादी कोरिया में स्थानीय निकायों के चुनाव

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  आगामी 26 नवंबर 2023  को जनवादी कोरिया में राजधानी फ्यंगयांग समेत सभी प्रातींय जन समितियों शहरों और जिलों की जन समितियों यानि पीपुल्स कमिटी के लिए वोट डाले जाऐंगे. हमारे संदर्भ में कहें तो देश की सभी विधानसभाओं और स्थानीय निकायों यानि नगर निगमों, नगरपालिकाओं और जिला परिषदों के प्रतिनिधियों के लिए वोट डाले जाऐंगे. जनवादी कोरिया में चुनाव एक उत्सव की तरह होता है और सारी जनता इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती है.  "हमारे देश की जनता केंद्रित समाजवादी व्यवस्था जिंदाबाद"!, (인민대중중심의 우리나라 사회주의제도 만세!)  "आइए हम सब चुनाव में भाग लेकर हमारे क्रांतिकारी संप्रभुता को चट्टान की तरह मजबूत करें"! (모두 다 산거에 참가하여 우리혁명주권을 반석같이 다지자!) ये सभी नारे वाले बैनर देश भर के चौराहे पर देखे जा सकते हैं. लाल झंडे को लहराते हुए जनवादी कोरिया की समाजवादी महिला समिति की महिलाऐं और कलाकार दल के सदस्य आते जाते लोगों को चुनाव के महत्व और इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. किसी को पहली बार इस चुनाव में भाग लेने का उत्साह है तो कारखानों में मजदूर अपने प्रतिनिधि को पीपुल्स कमिटी में भेजने के लिए उत्साह...

स्वावलंबी अर्थव्यवस्था का राज

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 जनवादी कोरिया एक स्वावलंबी अर्थव्यवस्था के निर्माण की वकालत करता है. इसका निर्माण कैसे संभव है? आत्मनिर्भरता की भावना आत्मनिर्भरता की भावना पहला कारक है जो स्वावलंबी अर्थव्यवस्था के निर्माण को बढ़ावा देती है.यह भावना जूछे विचार में निहित है जिसे राष्ट्रपति काॅमरेड किम इल संग (1912-1994) द्वारा बनाया गया था और काॅमरेड किम जंग इल (1942-2011) द्वारा विकसित किया गया था. जूछे विचार, एक शब्द में, यह विचार है कि मनुष्य अपने भाग्य का स्वामी स्वयं है और उसके पास अपने भाग्य को आकार देने की ताकत भी है.इसी विचार को मार्गदर्शक मानकर जनवादी कोरिया के लोगों ने क्रांति और निर्माण को आगे बढ़ाया है. पीछे मुड़कर देखें, तो अमेरिका द्वारा शुरू किए गए कोरियाई युद्ध (1950-1953) में कोरियाई लोगों को अवर्णनीय रूप से गंभीर क्षति हुई. अकेले राजधानी फ्यंगयांग के मामले में, कुछ इमारतों को छोड़कर सब कुछ नष्ट हो गया. अमेरिका ने दावा किया कि कोरिया सौ साल में भी कभी दोबारा उठ खड़ा नहीं हो पाएगा. हालाँकि, कोरियाई लोगों ने तीन साल से भी कम समय में देश की अर्थव्यवस्था का पूरी तरह से पुनर्निर्माण किया और 14 वर्षों म...

काॅमरेड इन आर्म्स

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फिलीस्तीन के लिए दुनिया भर में समर्थन की लहर सी चल पड़ी है.अगर आप फिलीस्तीन के समर्थन में हैं तो आपको जनवादी कोरिया यानि उत्तर कोरिया का भी समर्थन करना चाहिए. क्यों करना चाहिए? इसका जबाब यह है कि अरब देशों के अलावा जनवादी कोरिया ही इकलौता ऐसा मुल्क है जिसने इजराइल को शुरू से ही एक राष्ट्र के रूप में कभी मान्यता न दी और न कभी उससे कोई राजनयिक संबंध रखे. जबकि सोवियत संघ ने शुरुआत में इजराइल को मान्यता दी और बाद में रुस और चीन ने इजराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए. क्यूबा के भी 1973 तक इजराइल के साथ राजनयिक संबंध रहे हैं. 2000 के दशक की शुरुआत में वेनेजुएला और बोलिविया ने इजराइल से सारे संबंध तोड़ लिए. आज जब कुछ अरब देशों जैसे मिस्र ,जार्डन, मारितानिया , मोरक्को , ओमान ,सूडान और संयुक्त अरब अमीरात ने इजराइल के साथ राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए हैं तो यह कहा जा सकता है कि जनवादी कोरिया कई अरब देशों और समाजवादी देशों से बेहतर है जिसने इजराइल को शुरू से ही कोई मान्यता न दी और न आगे भी उसका कोई ऐसा इरादा है. पहले भी और हाल के सप्ताहों में जनवादी कोरिया ने फिलिस्तीन के समर्थन में कई बयान...

समाजवादियों को जनवादी कोरिया का समर्थन क्यों करना चाहिए?

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समाजवादियों को जनवादी कोरिया  का समर्थन क्यों करना चाहिए? यह प्रश्न ही अजीब प्रतीत होना चाहिए, यह देखते हुए कि कोरिया जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य  एक समाजवादी और साम्राज्यवाद-विरोधी देश है, एक ऐसा देश जहां राजनीतिक-आर्थिक शक्ति मेहनतकश जनता के हाथों में है. पश्चिम में विभिन्न प्रकार के जनसंचार माध्यमों मुख्यतः काॅरपोरेट के पैसे से चलने वाले जनसंचार माध्यमों के द्वारा बहुत बड़े पैमाने पर जनवादी कोरिया विरोधी दुष्प्रचार किया गया है और किया जा रहा है, और वहीं से समाजवादी और प्रगतिशील भी इस दुष्प्रचार का उपयोग अनजाने में अपनी बहसों में कर बैठते हैं.  समाजवादियों (इसमें कम्युनिस्ट भी शामिल हैं) में जनवादी कोरिया को लेकर पश्चिम के दुष्प्रचार और अनभिज्ञता का अंधेरा बहुत ही ज्यादा इस हद तक घना है  कि जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी से बिरादराना ताल्लुक़ात रखने वाली कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल कमिटी तक के कुछ नेता इस गलत बात को कहते या सहमति जताने लगते हैं कि जनवादी कोरिया को अंतर्राष्ट्रीयतावाद अपनाना चाहिए , या वहाँ की राजनीति में ऐसा कुछ नहीं है कि एक स्वस्थ दिमाग वाला ...

फ्यंगयांग की जगमगाती खूबसूरत रात

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जनवादी कोरिया के बारे में दक्षिण कोरियाई और पश्चिमी मीडिया द्वारा फैलाए गए इस गोयबल्सी झूठ को पूरी तरह से दफन हो जाना चाहिए कि जनवादी कोरिया में रात को बिजली नहीं रहती. फ्यंगयांग शहर की जगमगाहट में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले और 5 लाख किलोवाट की क्षमता वाले पूर्वी फ्यंगयांग ताप बिजलीघर(동평양화력발전소) के मजदूर वर्ग का उद्देश्य हर दिन ज्यादा से ज्यादा बिजली का उत्पादन करना है जिससे की क्रांति की राजधानी फ्यंगयांग रात में भी खूबसूरत दिखे.   बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए  सक्रिय रूप से बायलरों की क्षमता बढ़ाने और उनकी विशेष देखभाल की जा रही है  और बिजली उत्पादन में नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं. केवल राजधानी फ्यंगयांग ही नहीं जनवादी कोरिया के बाकी शहर और गांव भी बिजली से रौशन हैं. जनवादी कोरिया जरूरत पड़ने पर पड़ोसी चीन को बिजली निर्यात भी करता है वह भी गीगावाट में.