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काॅमरेड किम जंग उन की रुस यात्रा के मायने

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  जनवादी कोरिया के स्टेट अफेयर्स कमीशन के चेयरमैन, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के जेनरल सेक्रेट्री काॅमरेड किम जंग उन की 12 सितम्बर 2023 से 17 सितम्बर 2023 तक 6 दिवसीय रुस की राजकीय यात्रा इस साल की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटना रही. 13 सितम्बर 2023 को रुस के आमूर ओब्लास्त (राज्य) स्थित वोस्तोचनई अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र (Vostochny Cosmodrome) में काॅमरेड किम जंग उन और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता हुई.इस शिखर वार्ता के एक दिन पहले ही यानि 12 सितम्बर की रात राष्ट्रपति पुतिन वोस्तोचनई कोस्मोड्रोम पहुँच गए थे और काॅमरेड किम जंग उन को दिखाए जाने वाले कोस्मोड्रोम के विभिन्न स्थानों की सघन जाॅंच की . क्या राष्ट्रपति पुतिन जनवादी कोरिया के प्रमुख काॅमरेड किम जंग उन के अलावा किसी और देश के प्रमुख के साथ शिखर वार्ता की तैयारी के लिए देर रात तक इस तरह शिखर वार्ता की जगह की सघन जाॅंच की है?  राष्ट्रपति पुतिन ने पत्रकारों के सवालों का जबाब देते हुए यह भी कहा कि काॅमरेड किम जंग उन के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत होगी और इस शिखर वार्ता को लेकर उनका मन प्रफुल्लित है. जनवादी को...

रुस की यात्रा

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इन दिनों जनवादी कोरिया के स्टेट अफेयर्स कमीशन के चेयरमैन, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन रुस की राजकीय यात्रा पर हैं और एक बार फिर से उनकी ट्रेन के बारे में काॅरपोरेट जीवी मीडिया द्वारा भ्रामक खबरें चलाईं जा रही है कि यह ट्रेन एक आलीशान लक्जरी ट्रेन है और वहाँ के करदाताओं के पैसे से चलाई जाती है. सबसे पहली बात काॅमरेड किम जंग उन की यह ट्रेन उनकी निजी संपत्ति नहीं है और यह राजकीय संपत्ति है और जनवादी कोरिया ने अपनी आय के स्त्रोत के रूप में 1974 में ही अपनी जनता से टैक्स लेने की व्यवस्था को खत्म कर दिया. जनवादी कोरिया में उत्पादन के सभी साधनों पर शत प्रतिशत समाजवादी स्वामित्व है और वहाँ एक भी निजी कंपनी नहीं है. राजकीय उद्यमों से हुई आय से राज्य का खर्च चलता है और सारी जनकल्याणकारी योजना चलाई जातीं हैं. इसके अलावा यह ट्रेन लगभग 40 साल पुरानी है और कुछ विशेष सुरक्षा इंतजाम और सुविधाओं को छोड़कर एक आम जनवादी कोरिया की ट्रेन की तरह ही है. हवाई मार्ग की तुलना में रेल मार्ग सस्ता और पर्यावरण अनुकूल भी है. और यहाँ तो किसी तथाकथित दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्र...

क्या है जनवादी कोरिया की सनगुन राजनीति (선군정치)?

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क्या है जनवादी कोरिया की सनगुन राजनीति (선군정치)?    25 अगस्त 1960 को  काॅमरेड किम जंग इल (तस्वीर में बाऐं) ने कोरियाई पीपुल्स आर्मी (केपीए) के ऐतिहासिक सियोल रयू क्यंग सु गार्ड नंबर 105 टैंक डिवीजन का दौरा करके सनगुन (선군 , सेना सर्वप्रथम) क्रांतिकारी नेतृत्व की शुरुआत की थी.  केपीए का उपरोक्त डिवीजन  28 जून 1950 को दक्षिण कोरिया के सियोल में प्रवेश करने वाला पहला  डिवीजन था  और इसने सियोल को अमेरिकी साम्राज्यवादी और दक्षिण कोरियाई कठपुतली औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराया गया था. इसी डिवीजन के टैंक नंबर 312 यूनिट ने इस साल अमेरिकी साम्राज्यवादी हमलावरों के खिलाफ महान पितृभूमि मुक्ति युद्ध में जीत की 70वीं वर्षगांठ के लिए भव्य सैन्य परेड में गर्व से भाग लिया. केपीए के सियोल रयू क्यंग सु गार्ड नंबर 105 टैंक डिवीजन का दौरा करते समय, काॅमरेड किम जंग इल ने  क्रांतिकारी नारा दिया "आइए हम अपने जीवन के साथ  कॉमरेड किम इल संग की अध्यक्षता वाली पार्टी केंद्रीय समिति की रक्षा करें!"। यह नारा इस विचार का सार था कि जनवादी कोरिया की क्रांतिकारी सशस्त्र सेन...

जनवादी कोरिया में शरण

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 हाल ही में, जनवादी कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने पूर्व अमेरिकी सैनिक ट्रैविस किंग के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जो 18 जुलाई को 15: 30 बजे उत्तर- दक्षिण कोरिया की सीमा पर संयुक्त सुरक्षा क्षेत्र के माध्यम से अवैध रूप से जनवादी कोरिया में प्रवेश कर गया था. केसीएनए की रिपोर्ट में कहा गया है कि "जांच के दौरान, ट्रैविस किंग ने कबूल किया कि उसने जनवादी कोरिया में आने का फैसला किया था क्योंकि वह अमेरिकी सेना के भीतर अमानवीय दुर्व्यवहार और नस्लीय भेदभाव के खिलाफ था. किंग ने जनवादी कोरिया या किसी तीसरे देश में शरण लेने की इच्छा भी व्यक्त की और कहा कि असमान अमेरिकी समाज से उसका मोहभंग हो गया है. सनद रहे कि जनवादी कोरिया की सविधान की धारा 80 कहती है कि कोरिया जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य शांति और लोकतंत्र, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और समाजवाद या वैज्ञानिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के लिए सताए गए विदेशी नागरिकों को शरण देगा. जाहिर है कि साम्राज्यवादियों का मुख्यधारा मीडिया ट्रेविस किंग की पसंद को लेकर नाराज़ है .अमेरिकन ड्रीम' सिर्फ एक बड़...

वाटर पार्क में मस्ती

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 इन दिनों जनवादी कोरिया में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. इसलिए जनता सरकारी वाटर पार्कों की ओर भारी संख्या में जा रही है.  वाटर पार्क के प्रबंधन ने भी जनता को बेहतरीन सेवा मुहैया कराने के लिए इंतजाम किए हैं. सबसे ज्यादा जोर साफ पानी प्रदान करने में दिया जा रहा है ताकि जनता बिना किसी फिक्र के जलक्रीड़ा का भरपूर आनंद ले सके. वाटर पार्क में ज्यादातर कारखाना और खेत मजदूर और उनके परिवारों के ही सदस्य हैं.  अमेरिका, भारत, दक्षिण कोरिया जैसे पूंजीवादी देशों में आम मजदूरों और उनके परिवारों को ऐसे शानदार वाटर पार्क में जाना बहुत बड़ी विलासिता है और एक तरह से असंभव ही है. साथ ही जनवादी कोरिया के वाटर पार्कों का प्रवेश शुल्क भी बहुत कम है क्योंकि समाजवादी व्यवस्था में जनता के मनोरंजन का प्रबंध करना राज्य का परम कर्तव्य है, पूंजीवादी देशों में जनता के मनोरंजन के साधनों पर अधिकतर निजी क्षेत्र का ही कब्जा होता है और उसका परम और एकमात्र उद्देश्य ही मुनाफा होता है. इसके अलावा लोगों के बीच काॅरपोरेटजीवी मीडिया और काॅरपोरेट की मैनेजिंग कमिटी यानि लिबरल डेमोक्रेसी वाली सरकार या खुद काॅरपोरेट ...

70 वर्षों के अमेरिका विरोधी टकराव का निष्कर्ष

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  विगत 27 जुलाई 2023 को पितृभूमि मुक्ति युद्ध में जीत की 70 वीं वर्षगांठ पर जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग में एक विशाल हथियार प्रदर्शनी (무장장비전시회 2023 ) आयोजित की गई. इसके एक दिन पहले 26 जुलाई को वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने इस विजय दिवस की बधाई देने जनवादी कोरिया की यात्रा पर आए रुस के रक्षा मंत्री सेर्गेई शोईगू और रूसी सैन्य प्रतिनिधिमण्डल के साथ इस प्रदर्शनी को  देखा. इस विशालकाय हथियार प्रदर्शनी में अमेरिका के साथ 70 वर्षों से युद्धरत जनवादी कोरिया द्वारा उस दौरान अर्जित सैन्य विज्ञान और तकनीक से बनाए गए उच्च कोटि के अत्याधुनिक हथियारों की भरमार थी. इस प्रदर्शनी को देख रहे रुसी रक्षा मंत्री शोईगू और सैन्य प्रतिनिधिमण्डल ने अब तक केवल सुनते आ रहे जनवादी कोरिया के अत्याधुनिक हथियारों को सीधे अपनी आँखों से देखा. प्रदर्शनी के दौरे के दौरान, रक्षा मंत्री शोइगू और रूसी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने जनवादी कोरिया द्वारा विकसित रणनीतिक मानवरहित टोही विमान  सेब्यल-4 (새별-4) और  बहुउद्देशीय हमलावर  ड्रोन सेब्यल-9 (새별-9) में विशेष रुचि दिखाई. , इसका ...

लैंगिक समानता का कानून

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  आज से 77 साल पहले 30 जुलाई 1946 को महान नेता कॉमरेड किम इल संग की अध्यक्षता में उत्तर कोरिया की प्रोविजनल पीपुल्स कमेटी ने कोरिया में लैंगिक समानता पर कानून पारित किया था। .इतिहास में पहली बार कोरियाई महिलाओं को पुरुषों के बराबर बनाया गया और सदियों से  कोरियाई महिलाओं द्वारा सहन करती आ रही सामंती अधीनता को समाप्त कर दिया, उसके पहले कोरियाई महिलाऐं सामंतवाद और साम्राज्यवाद द्वारा दोहरे और तिगुने शोषण का शिकार थीं.  इस लैंगिक समानता कानून ने घोषणा की कि कोरियाई महिलाएं, जो लंबे समय से समाज में उपेक्षित थीं और अपमान सहती और दुख में रहती थीं, अब उन्हें राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति सहित सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ समान अधिकार हैं. सबसे पहले, इसने महिलाओं को पुरुषों के समान राजनीतिक स्वतंत्रता और अधिकार प्रदान किए. सभी महिलाएं पुरुषों के समान अधिकारों के साथ सभी स्तरों पर सत्ता अंगों के प्रतिनिधियों के चुनाव में भाग लेने और चुनाव लड़ने और चुने जाने के अधिकार का इस्तेमाल करने में सक्षम हो गईं.इसमें यह भी निर्धारित किया गया कि महिलाओं को पुरुषों के ...

अमेरिकी साम्राज्यवाद पर जीत के गौरवपूर्ण 70 साल

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दुनिया के इतिहास में कई युद्धों का जिक्र है पर कोई भी युद्ध 1950 के दशक में हुए पितृभूमि मुक्ति युद्ध (कोरिया युद्ध) जैसा खूनी और विध्वंसकारी नहीं था. 27 जुलाई 1953 को यानि आज से 70 साल पहले इस युद्ध की परिणिति जनवादी कोरिया की जीत के रूप में हुई. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद कोरिया के दक्षिणी भाग यानि दक्षिण कोरिया पर बलपूर्वक कब्जा करने के बाद अमेरिका ने जनवादी कोरिया यानि उत्तर कोरिया जिसने पूर्ण स्वतंत्रता की राह अपनाई, उसके खिलाफ युद्ध की तैयारी तेज कर दी और इस तरह अमेरिका ने पूरे कोरिया को अपना उपनिवेश बनाने के लिए 25 जून 1950 की सुबह आक्रामक युद्ध छेड़ दिया. यह युद्ध एक असमान युद्ध था. इस युद्ध में अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने अपने विशाल सशस्त्र बलों और अपने 15 सहयोगी(कठपुतली) देशों के सैनिकों के साथ-साथ जापानी सैन्यवादियों और दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों को भी शामिल किया था. इस युद्ध में आश्चर्यजनक रूप से अमेरिका, जो आक्रामकता के अपने 100 साल के इतिहास में कभी नहीं हारा था और जो दुनिया में "सबसे मजबूत" होने का दावा कर रहा था, को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा, जबकि जन...

जनवादी कोरिया की लोकतांत्रिक पद्धति

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 अक्सर काॅरपोरेट जीवी तथाकथित मुख्यधारा की मीडिया और रिसर्च सेंटर के द्वारा जनवादी कोरिया (उत्तर कोरिया) को लोकतंत्र की कब्रगाह, तानाशाही उत्तराधिकार और ब्रेनवाश्ड लोगों वाले अत्यंत गरीब मुल्क के रूप में पूरी दुनिया में प्रचारित किया जाता है. इतना ही नहीं इनके द्वारा हर साल एक तथाकथित 'डेमोक्रेसी इंडेक्स "(Democracy Index) जारी किया जाता है. इस बार 167 देशों में जनवादी कोरिया की " डेमोक्रेसी " रैंकिंग 165 है और ये डेमोक्रेसी वाले इस बात से हैरान हैं कि जनवादी कोरिया की रैंकिंग सबसे नीचे यानि 167 क्यों नहीं है. जनवादी कोरिया में सरकार द्वारा मुफ्त में घर दिए जाते हैं. शिक्षा और इलाज भी मुफ्त है और सबसे बड़ी बात इन सबके लिए जनता से किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाता है. वहाँ के शासन का दर्शन ही है कि "जनता ही मालिक है" ( 이민위천) "हम जनता की सेवा करते हैं ( 인민을 위하여 복무함)और यह दर्शन वहाँ के सर्वोच्च स्तर के नेताओं से लेकर निचले स्तर तक रग रग में है और यह दिखाई भी देता है. उस देश की " डेमोक्रेसी " की रैंकिंग लगभग निम्नतम होना लोगों के दिमाग में ...

एक और आधारहीन झूठ

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 13 जुलाई 2023 को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद की बैठक में ब्रिटेन के राजदूत जेम्स कारिउकी (James Kariuki) ने न केवल जनवादी कोरिया के आत्मरक्षा जैसे जायज हक के मामले में हस्तक्षेप किया बल्कि कई झूठे और आधारहीन आरोप भी लगाए.  जेम्स ने अपने बयान में यह कहा कि जनवादी कोरिया ने अपने यहाँ से सभी विदेशी राजनयिकों को निकाल दिया है. यह सच नहीं है. चीन, रुस, क्यूबा, वियतनाम, लाओस के राजनयिक वहाँ अभी मौजूद हैं. पश्चिमी देशों के राजनयिक अपनी मर्जी से खुद जनवादी कोरिया से चले गए हैं, उन्हें निकाला नहीं गया है. इसलिए यह कहना कि जनवादी कोरिया उन राजनयिकों को वापस अपने यहाँ आने दे, ये एक बेहूदे बकवास से ज्यादा कुछ भी नहीं. यही चीज तथाकथित गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के संबंध में भी है, उन्होंने भी अपनी मर्जी से जनवादी कोरिया छोड़ा है. वैसे भी जनवादी कोरिया को ऐसे NGOs की जरूरत भी नहीं है, जनवादी कोरिया उनके बिना भी बेहतर है. जहाँ तक तथाकथित परमाणु अप्रसार संधि के पालन का सवाल है, जनवादी कोरिया जनवरी 2003 से ही इस संधि से हट चुका है, इसलिए वह इस संधि का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है. ब्रि...