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समाजवादियों को जनवादी कोरिया का समर्थन क्यों करना चाहिए?

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समाजवादियों को जनवादी कोरिया  का समर्थन क्यों करना चाहिए? यह प्रश्न ही अजीब प्रतीत होना चाहिए, यह देखते हुए कि कोरिया जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य  एक समाजवादी और साम्राज्यवाद-विरोधी देश है, एक ऐसा देश जहां राजनीतिक-आर्थिक शक्ति मेहनतकश जनता के हाथों में है. पश्चिम में विभिन्न प्रकार के जनसंचार माध्यमों मुख्यतः काॅरपोरेट के पैसे से चलने वाले जनसंचार माध्यमों के द्वारा बहुत बड़े पैमाने पर जनवादी कोरिया विरोधी दुष्प्रचार किया गया है और किया जा रहा है, और वहीं से समाजवादी और प्रगतिशील भी इस दुष्प्रचार का उपयोग अनजाने में अपनी बहसों में कर बैठते हैं.  समाजवादियों (इसमें कम्युनिस्ट भी शामिल हैं) में जनवादी कोरिया को लेकर पश्चिम के दुष्प्रचार और अनभिज्ञता का अंधेरा बहुत ही ज्यादा इस हद तक घना है  कि जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी से बिरादराना ताल्लुक़ात रखने वाली कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल कमिटी तक के कुछ नेता इस गलत बात को कहते या सहमति जताने लगते हैं कि जनवादी कोरिया को अंतर्राष्ट्रीयतावाद अपनाना चाहिए , या वहाँ की राजनीति में ऐसा कुछ नहीं है कि एक स्वस्थ दिमाग वाला ...

फ्यंगयांग की जगमगाती खूबसूरत रात

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जनवादी कोरिया के बारे में दक्षिण कोरियाई और पश्चिमी मीडिया द्वारा फैलाए गए इस गोयबल्सी झूठ को पूरी तरह से दफन हो जाना चाहिए कि जनवादी कोरिया में रात को बिजली नहीं रहती. फ्यंगयांग शहर की जगमगाहट में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले और 5 लाख किलोवाट की क्षमता वाले पूर्वी फ्यंगयांग ताप बिजलीघर(동평양화력발전소) के मजदूर वर्ग का उद्देश्य हर दिन ज्यादा से ज्यादा बिजली का उत्पादन करना है जिससे की क्रांति की राजधानी फ्यंगयांग रात में भी खूबसूरत दिखे.   बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए  सक्रिय रूप से बायलरों की क्षमता बढ़ाने और उनकी विशेष देखभाल की जा रही है  और बिजली उत्पादन में नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं. केवल राजधानी फ्यंगयांग ही नहीं जनवादी कोरिया के बाकी शहर और गांव भी बिजली से रौशन हैं. जनवादी कोरिया जरूरत पड़ने पर पड़ोसी चीन को बिजली निर्यात भी करता है वह भी गीगावाट में.

फसलों का बंपर उत्पादन

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जनवादी कोरिया में इन दिनों फसलों की कटाई का काम तेजी से चल रहा है. इस साल वहाँ फसलों की बंपर पैदावार हुई है. देश के उत्तर फ्यंगआन प्रांत मे स्थित छलसान काउंटी(평안북도 철산군) ,दक्षिण फ्यंगआन प्रांत की सुकछन काउंटी (평안남도 숙천군) और उत्तर ह्वांगहे प्रांत की उनफा काउंटी (황해북도 은파군) के सहकारी फार्मों में  बिना एक दाना बर्बाद किए निर्धारित तिथि से पहले फसल कटाई का काम पूरा होने की उम्मीद है.कार्य कुशल मशीनों का उपयोग कर हर रोज ज्यादा से ज्यादा फसलों की कटाई हो रही है और इसके लिए कृषि यंत्रों के  आवश्यक पुर्जे और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई  है. वहीं फ्यंगयांग शहर के राकरांग और सादोंग क्षेत्र (평양시 락랑구역, 사동구역) के सहकारी फार्मों में पिछले वर्ष की तुलना में प्रति हेक्टेयर एक टन ज्यादा की उपज हो रही है. फसलों के बंपर उत्पादन के पीछे वर्कर्स पार्टी के प्लेनरी मीटिंग के निर्णय और पार्टी के जेनरल सेक्रेट्री काॅमरेड किम जंग उन द्वारा खेती और उससे जुड़े मसलों पर उनके विशेष ध्यान और त्वरित कदमों का हाथ है. उधर उत्तर ह्वांगहे प्रांत के कोकसान काउंटी (황해북도 곡산군) के सहकारी फार्मों ...

काॅमरेड किम जंग उन की रुस यात्रा के मायने

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  जनवादी कोरिया के स्टेट अफेयर्स कमीशन के चेयरमैन, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के जेनरल सेक्रेट्री काॅमरेड किम जंग उन की 12 सितम्बर 2023 से 17 सितम्बर 2023 तक 6 दिवसीय रुस की राजकीय यात्रा इस साल की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटना रही. 13 सितम्बर 2023 को रुस के आमूर ओब्लास्त (राज्य) स्थित वोस्तोचनई अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र (Vostochny Cosmodrome) में काॅमरेड किम जंग उन और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता हुई.इस शिखर वार्ता के एक दिन पहले ही यानि 12 सितम्बर की रात राष्ट्रपति पुतिन वोस्तोचनई कोस्मोड्रोम पहुँच गए थे और काॅमरेड किम जंग उन को दिखाए जाने वाले कोस्मोड्रोम के विभिन्न स्थानों की सघन जाॅंच की . क्या राष्ट्रपति पुतिन जनवादी कोरिया के प्रमुख काॅमरेड किम जंग उन के अलावा किसी और देश के प्रमुख के साथ शिखर वार्ता की तैयारी के लिए देर रात तक इस तरह शिखर वार्ता की जगह की सघन जाॅंच की है?  राष्ट्रपति पुतिन ने पत्रकारों के सवालों का जबाब देते हुए यह भी कहा कि काॅमरेड किम जंग उन के साथ सभी मुद्दों पर बातचीत होगी और इस शिखर वार्ता को लेकर उनका मन प्रफुल्लित है. जनवादी को...

रुस की यात्रा

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इन दिनों जनवादी कोरिया के स्टेट अफेयर्स कमीशन के चेयरमैन, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन रुस की राजकीय यात्रा पर हैं और एक बार फिर से उनकी ट्रेन के बारे में काॅरपोरेट जीवी मीडिया द्वारा भ्रामक खबरें चलाईं जा रही है कि यह ट्रेन एक आलीशान लक्जरी ट्रेन है और वहाँ के करदाताओं के पैसे से चलाई जाती है. सबसे पहली बात काॅमरेड किम जंग उन की यह ट्रेन उनकी निजी संपत्ति नहीं है और यह राजकीय संपत्ति है और जनवादी कोरिया ने अपनी आय के स्त्रोत के रूप में 1974 में ही अपनी जनता से टैक्स लेने की व्यवस्था को खत्म कर दिया. जनवादी कोरिया में उत्पादन के सभी साधनों पर शत प्रतिशत समाजवादी स्वामित्व है और वहाँ एक भी निजी कंपनी नहीं है. राजकीय उद्यमों से हुई आय से राज्य का खर्च चलता है और सारी जनकल्याणकारी योजना चलाई जातीं हैं. इसके अलावा यह ट्रेन लगभग 40 साल पुरानी है और कुछ विशेष सुरक्षा इंतजाम और सुविधाओं को छोड़कर एक आम जनवादी कोरिया की ट्रेन की तरह ही है. हवाई मार्ग की तुलना में रेल मार्ग सस्ता और पर्यावरण अनुकूल भी है. और यहाँ तो किसी तथाकथित दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्र...

क्या है जनवादी कोरिया की सनगुन राजनीति (선군정치)?

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क्या है जनवादी कोरिया की सनगुन राजनीति (선군정치)?    25 अगस्त 1960 को  काॅमरेड किम जंग इल (तस्वीर में बाऐं) ने कोरियाई पीपुल्स आर्मी (केपीए) के ऐतिहासिक सियोल रयू क्यंग सु गार्ड नंबर 105 टैंक डिवीजन का दौरा करके सनगुन (선군 , सेना सर्वप्रथम) क्रांतिकारी नेतृत्व की शुरुआत की थी.  केपीए का उपरोक्त डिवीजन  28 जून 1950 को दक्षिण कोरिया के सियोल में प्रवेश करने वाला पहला  डिवीजन था  और इसने सियोल को अमेरिकी साम्राज्यवादी और दक्षिण कोरियाई कठपुतली औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराया गया था. इसी डिवीजन के टैंक नंबर 312 यूनिट ने इस साल अमेरिकी साम्राज्यवादी हमलावरों के खिलाफ महान पितृभूमि मुक्ति युद्ध में जीत की 70वीं वर्षगांठ के लिए भव्य सैन्य परेड में गर्व से भाग लिया. केपीए के सियोल रयू क्यंग सु गार्ड नंबर 105 टैंक डिवीजन का दौरा करते समय, काॅमरेड किम जंग इल ने  क्रांतिकारी नारा दिया "आइए हम अपने जीवन के साथ  कॉमरेड किम इल संग की अध्यक्षता वाली पार्टी केंद्रीय समिति की रक्षा करें!"। यह नारा इस विचार का सार था कि जनवादी कोरिया की क्रांतिकारी सशस्त्र सेन...

जनवादी कोरिया में शरण

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 हाल ही में, जनवादी कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने पूर्व अमेरिकी सैनिक ट्रैविस किंग के बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जो 18 जुलाई को 15: 30 बजे उत्तर- दक्षिण कोरिया की सीमा पर संयुक्त सुरक्षा क्षेत्र के माध्यम से अवैध रूप से जनवादी कोरिया में प्रवेश कर गया था. केसीएनए की रिपोर्ट में कहा गया है कि "जांच के दौरान, ट्रैविस किंग ने कबूल किया कि उसने जनवादी कोरिया में आने का फैसला किया था क्योंकि वह अमेरिकी सेना के भीतर अमानवीय दुर्व्यवहार और नस्लीय भेदभाव के खिलाफ था. किंग ने जनवादी कोरिया या किसी तीसरे देश में शरण लेने की इच्छा भी व्यक्त की और कहा कि असमान अमेरिकी समाज से उसका मोहभंग हो गया है. सनद रहे कि जनवादी कोरिया की सविधान की धारा 80 कहती है कि कोरिया जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य शांति और लोकतंत्र, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और समाजवाद या वैज्ञानिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने के लिए सताए गए विदेशी नागरिकों को शरण देगा. जाहिर है कि साम्राज्यवादियों का मुख्यधारा मीडिया ट्रेविस किंग की पसंद को लेकर नाराज़ है .अमेरिकन ड्रीम' सिर्फ एक बड़...

वाटर पार्क में मस्ती

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 इन दिनों जनवादी कोरिया में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. इसलिए जनता सरकारी वाटर पार्कों की ओर भारी संख्या में जा रही है.  वाटर पार्क के प्रबंधन ने भी जनता को बेहतरीन सेवा मुहैया कराने के लिए इंतजाम किए हैं. सबसे ज्यादा जोर साफ पानी प्रदान करने में दिया जा रहा है ताकि जनता बिना किसी फिक्र के जलक्रीड़ा का भरपूर आनंद ले सके. वाटर पार्क में ज्यादातर कारखाना और खेत मजदूर और उनके परिवारों के ही सदस्य हैं.  अमेरिका, भारत, दक्षिण कोरिया जैसे पूंजीवादी देशों में आम मजदूरों और उनके परिवारों को ऐसे शानदार वाटर पार्क में जाना बहुत बड़ी विलासिता है और एक तरह से असंभव ही है. साथ ही जनवादी कोरिया के वाटर पार्कों का प्रवेश शुल्क भी बहुत कम है क्योंकि समाजवादी व्यवस्था में जनता के मनोरंजन का प्रबंध करना राज्य का परम कर्तव्य है, पूंजीवादी देशों में जनता के मनोरंजन के साधनों पर अधिकतर निजी क्षेत्र का ही कब्जा होता है और उसका परम और एकमात्र उद्देश्य ही मुनाफा होता है. इसके अलावा लोगों के बीच काॅरपोरेटजीवी मीडिया और काॅरपोरेट की मैनेजिंग कमिटी यानि लिबरल डेमोक्रेसी वाली सरकार या खुद काॅरपोरेट ...

70 वर्षों के अमेरिका विरोधी टकराव का निष्कर्ष

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  विगत 27 जुलाई 2023 को पितृभूमि मुक्ति युद्ध में जीत की 70 वीं वर्षगांठ पर जनवादी कोरिया की राजधानी फ्यंगयांग में एक विशाल हथियार प्रदर्शनी (무장장비전시회 2023 ) आयोजित की गई. इसके एक दिन पहले 26 जुलाई को वर्कर्स पार्टी के महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने इस विजय दिवस की बधाई देने जनवादी कोरिया की यात्रा पर आए रुस के रक्षा मंत्री सेर्गेई शोईगू और रूसी सैन्य प्रतिनिधिमण्डल के साथ इस प्रदर्शनी को  देखा. इस विशालकाय हथियार प्रदर्शनी में अमेरिका के साथ 70 वर्षों से युद्धरत जनवादी कोरिया द्वारा उस दौरान अर्जित सैन्य विज्ञान और तकनीक से बनाए गए उच्च कोटि के अत्याधुनिक हथियारों की भरमार थी. इस प्रदर्शनी को देख रहे रुसी रक्षा मंत्री शोईगू और सैन्य प्रतिनिधिमण्डल ने अब तक केवल सुनते आ रहे जनवादी कोरिया के अत्याधुनिक हथियारों को सीधे अपनी आँखों से देखा. प्रदर्शनी के दौरे के दौरान, रक्षा मंत्री शोइगू और रूसी सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने जनवादी कोरिया द्वारा विकसित रणनीतिक मानवरहित टोही विमान  सेब्यल-4 (새별-4) और  बहुउद्देशीय हमलावर  ड्रोन सेब्यल-9 (새별-9) में विशेष रुचि दिखाई. , इसका ...

लैंगिक समानता का कानून

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  आज से 77 साल पहले 30 जुलाई 1946 को महान नेता कॉमरेड किम इल संग की अध्यक्षता में उत्तर कोरिया की प्रोविजनल पीपुल्स कमेटी ने कोरिया में लैंगिक समानता पर कानून पारित किया था। .इतिहास में पहली बार कोरियाई महिलाओं को पुरुषों के बराबर बनाया गया और सदियों से  कोरियाई महिलाओं द्वारा सहन करती आ रही सामंती अधीनता को समाप्त कर दिया, उसके पहले कोरियाई महिलाऐं सामंतवाद और साम्राज्यवाद द्वारा दोहरे और तिगुने शोषण का शिकार थीं.  इस लैंगिक समानता कानून ने घोषणा की कि कोरियाई महिलाएं, जो लंबे समय से समाज में उपेक्षित थीं और अपमान सहती और दुख में रहती थीं, अब उन्हें राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति सहित सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में पुरुषों के साथ समान अधिकार हैं. सबसे पहले, इसने महिलाओं को पुरुषों के समान राजनीतिक स्वतंत्रता और अधिकार प्रदान किए. सभी महिलाएं पुरुषों के समान अधिकारों के साथ सभी स्तरों पर सत्ता अंगों के प्रतिनिधियों के चुनाव में भाग लेने और चुनाव लड़ने और चुने जाने के अधिकार का इस्तेमाल करने में सक्षम हो गईं.इसमें यह भी निर्धारित किया गया कि महिलाओं को पुरुषों के ...

अमेरिकी साम्राज्यवाद पर जीत के गौरवपूर्ण 70 साल

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दुनिया के इतिहास में कई युद्धों का जिक्र है पर कोई भी युद्ध 1950 के दशक में हुए पितृभूमि मुक्ति युद्ध (कोरिया युद्ध) जैसा खूनी और विध्वंसकारी नहीं था. 27 जुलाई 1953 को यानि आज से 70 साल पहले इस युद्ध की परिणिति जनवादी कोरिया की जीत के रूप में हुई. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद कोरिया के दक्षिणी भाग यानि दक्षिण कोरिया पर बलपूर्वक कब्जा करने के बाद अमेरिका ने जनवादी कोरिया यानि उत्तर कोरिया जिसने पूर्ण स्वतंत्रता की राह अपनाई, उसके खिलाफ युद्ध की तैयारी तेज कर दी और इस तरह अमेरिका ने पूरे कोरिया को अपना उपनिवेश बनाने के लिए 25 जून 1950 की सुबह आक्रामक युद्ध छेड़ दिया. यह युद्ध एक असमान युद्ध था. इस युद्ध में अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने अपने विशाल सशस्त्र बलों और अपने 15 सहयोगी(कठपुतली) देशों के सैनिकों के साथ-साथ जापानी सैन्यवादियों और दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों को भी शामिल किया था. इस युद्ध में आश्चर्यजनक रूप से अमेरिका, जो आक्रामकता के अपने 100 साल के इतिहास में कभी नहीं हारा था और जो दुनिया में "सबसे मजबूत" होने का दावा कर रहा था, को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा, जबकि जन...