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एक और आपराधिक कृत्य!!

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 हाल ही में अमेरिका ने अपने चापलूस देशों को एक साथ इकट्ठा करके जनवादी कोरिया के विरुद्ध प्रतिबंधों पर संयुक्त राष्ट्र के "विशेषज्ञों के पैनल" (Panel of Experts)की जगह लेने के लिए एक "बहुपक्षीय प्रतिबंध निगरानी दल" (Multilateral Sanctions Monitoring Team , MSMT) का गठन किया. क्योंकि तथाकथित विशेषज्ञों का पैनल रुस के वीटो के कारण निष्क्रिय हो गया था. अमेरिका ने MSMT की "संचालन समिति" की बैठक बुलाई. इसमें अब तक 11 देश शामिल हैं; अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड, लेकिन अन्य देशों को शामिल करने के लिए इसे और विस्तारित किया जा सकता है. इसका गठन ही जनवादी कोरिया की संप्रभुता और स्वतंत्रता पर एक अक्षम्य हमला है. जनवादी कोरिया के विदेश मंत्रालय के विदेश नीति कार्यालय के प्रमुख ने MSMT की संचालन समिति की बैठक के गठन की निंदा करते हुए कहा कि "MSMT" का गठन उन राज्यों द्वारा किया गया है जो केवल हानिकारक कार्य कर रहे हैं, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में योगदान देना तो दूर, अपने अस्तित...

यूक्रेन में जनवादी कोरिया के सैनिक(?)-4

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 यूक्रेन में जनवादी कोरिया के सैनिकों की मौजूदगी के मिथक का हुआ पर्दाफाश! तीन महीने के गहन प्रचार के बाद सीआईए ने यूक्रेनी दुष्प्रचार योजना को ख़त्म करने का निर्णय लिया. और घोषणा की कि (उत्तर) जनवादी कोरियाई सैनिकों को 'फ्रंट लाइन से हटा दिया जाएगा'। खैर, सवाल यह है कि (उत्तर) जनवादी कोरियाई लोग सबसे पहले फ्रंट लाइन में कैसे पहुंचे? 14 अक्टूबर 2024 को यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलिंस्की ने यूक्रेन के लिए समर्थन बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया एक सूचना-ऑपरेशन शुरू किया.उन्होंने बिना सबूत के आरोप लगाया कि रूस ने (उत्तर)जनवादी कोरिया को युद्ध में शामिल करने की योजना बनाई है. यूक्रेन में अमेरिकी वित्तपोषित मीडिया ने जल्द ही 'यूक्रेन की विशेष सेवाओं के स्रोतों' का हवाला देकर इन अफवाहों को बढ़ावा दिया.अधिक गुमनाम 'स्रोतों' ने आवाज उठाई और जल्द ही (उत्तर) जनवादी कोरिया के 3,000 सैनिकों के लड़ाई में शामिल होने की बात सामने आई.  हालाँकि इस बात का कोई सबूत नहीं था कि ऐसा कुछ भी योजनाबद्ध था, या कभी हुआ था.  जबकि सच्चाई यही है कि रूस में (उत्तर) जनवादी कोरियाई सैन...

असली दुष्ट राष्ट्र

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 हाल ही में, नए नवेले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने जनवादी कोरिया को "दुष्ट राज्य" कहने की हिमाकत की! . यह निर्लज्जता और उद्दंडता की पराकाष्ठा है! . जैसा कि सभी जानते हैं कि अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा दुष्ट राज्य है. यहां तक ​​कि उसके अपने आंकड़ों के अनुसार 1991 से 2022 के बीच उसने 251 बार सैन्य हस्तक्षेप किया है! अमेरिका जनवादी कोरिया को एक दुष्ट राज्य कैसे कह सकता है? जैसा कि जनवादी कोरिया के विदेश मंत्रालय की टिप्पणी है. यह कितना बेतुका और अतार्किक है कि दुनिया का सबसे भ्रष्ट राज्य दूसरे देश को दुष्ट राज्य बताता है. जनवादी कोरिया के विदेश मंत्रालय ने रुबियो की बदनाम टिप्पणियों की सही ढंग से निंदा कर इसे खारिज कर दिया. अमेरिकी विदेश मंत्री की ऐसी हरकत जनवादी कोरिया और इसकी समाजवादी व्यवस्था को बदनाम करने और इसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का एक कुत्सित प्रयास है.  रुबियो का ऐसा बयान साबित करता है कि जनवादी कोरिया के प्रति अमेरिका की शत्रुता जारी है और इसमें कोई बदलाव नहीं आया है. जनवादी कोरिया का विदेश मंत्रालय ठीक ही कहता है, "हम अमेरिका के किसी भी उकसावे क...

जनवादी कोरिया का बजट

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  जनवादी कोरिया में सार्वजनिक खर्चों में कटौती या मितव्ययिता(Austerity) नाम की चीज क्यों नहीं है?  कुछ लोग कहते हैं कि जनवादी कोरिया पूंजीवादी देशों से अलग नहीं है और यहाँ भी सार्वजनिक खर्चों में कटौती या मितव्ययिता होती है. जनवरी 2025 के तीसरे सप्ताह में जनवादी कोरिया की संसद सुप्रीम पीपुल्स असेंबली (जनवादी कोरिया की सर्वोच्च कानून बनाने वाली संस्था) ने अपने 14वें कार्यकाल का 12वां सत्र आयोजित किया. सत्र की अवधि के दौरान 23 जनवरी को जनवादी कोरिया के वित्त मंत्री काॅमरेड री म्यंग गुक ने वर्ष 2024 के बजट के लक्ष्यों की पूर्ति पर रिपोर्ट और वर्ष 2025 का बजट पेश किया. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष जनवादी कोरिया के बजटीय राजस्व में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और राज्य द्वारा खर्च में 3.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई . यहां ध्यान देने योग्य दो बातें महत्वपूर्ण हैं, पहला, जनवादी कोरिया में खर्च बढ़ाया जा रहा है और कटौती नहीं की जा रही है, दूसरे, जनवादी कोरिया अपनी 'कमाई' से अधिक खर्च नहीं कर रहा है, और वास्तव में एक छोटे बजटीय अधिशेष(Surplus) के साथ काम कर रहा है! और 2025 में सार्वजनिक खर्...

यूक्रेन में जनवादी कोरिया के सैनिक (?)-3

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जनवादी कोरिया के खिलाफ झूठ बोलने का प्रचार युद्ध जारी है!  कई पश्चिमी पत्रकार, राजनेता और तथाकथित विशेषज्ञ मतिभ्रम की दुनिया में जी रहे हैं, एक ऐसी दुनिया जिसमें डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया की कोरियाई पीपुल्स आर्मी के काल्पनिक सैनिक यूक्रेन में पश्चिमी सभ्यता को खतरे में डाल रहे हैं! . अभी ताजातरीन मामला यह है कि यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रुस के कुर्स्क से जनवादी कोरिया के दो सैनिक जिंदा गिरफ्तार किए हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन सैनिकों की तस्वीरें जारी की हैं.    यूक्रेनी सुरक्षा ब्यूरो ने भी घोषणा की, "क्योंकि कैदी यूक्रेनी, अंग्रेजी या रूसी नहीं बोल सकते हैं, इसलिए हम एक कोरियाई दुभाषिया के माध्यम से जानने की कोशिश कर रहे हैं". सुरक्षा ब्यूरो के अनुसार, एक का जन्म 1999 में हुआ था और वह 2016 से स्काउट स्नाइपर के रूप में सेवा कर रहा है, और दूसरा 2005 में पैदा हुआ था और 2021 से सैनिक सेवा में है. हालाँकि, 1999 में जन्मे इस व्यक्ति के जबड़े में चोट लगी है और वह बोलने में असमर्थ है. ज़ेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया हैंड...

आक्रामक साम्राज्यवाद विरोधी चौकी

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 दिसंबर 2024 के अंत में आयोजित वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 8वीं सेंट्रल कमिटी की 11 वें प्लेनम के अपने संबोधन में, काॅमरेड किम जंग उन ने स्पष्ट किया कि "अमेरिका सबसे प्रतिक्रियावादी राज्य है जो कम्युनिस्ट विरोध को अपनी अपरिवर्तनीय राज्य नीति मानता है. अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के बीच गठबंधन आक्रामकता के लिए एक परमाणु सैन्य ब्लॉक में विस्तारित हो गया है, और दक्षिण कोरिया अमेरिका का कट्टर कम्युनिस्ट विरोधी चौकी बन गया है." काॅमरेड किम जंग उन ने कहा कि "सबसे कठोर अमेरिका-विरोधी प्रतिकार के लिए रणनीति बनाने की शुरुआत की जानी चाहिए ". पिछले नवंबर में अमेरिकी चुनावों के बाद "राष्ट्रीय रक्षा 2024" प्रदर्शनी में काॅमरेड किम जंग उन ने यह भी कहा कि "हमने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वार्ता में पहले से ही हर संभव प्रयास किया था, और अंततः हमें इस चीज के प्रति आश्वस्त हो गए कि महाशक्ति (अमेरिका) की हमारे साथ सह-अस्तित्व की इच्छा नहीं थी, बल्कि उसका दबंग रुख और जनवादी कोरिया के प्रति अपरिवर्तनीय आक्रामक और शत्रुतापूर्ण नीति थी. अमेरिकी राजनीतिज्ञ...

मानव जाति का भविष्य कहाँ है?

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दुनिया की तथाकथित सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका के आवास और शहरी विकास विभाग द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वहाँ बेघरों की संख्या 18% बढ़ गई, जो जनवरी 2024 में 770,000 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई.  रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अमेरिकी समाज की पूरी तस्वीर प्रस्तुत करती है - अमीर लगातार अमीर होते जा रहे हैं और गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। वहीं फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे यूरोपीय देश बेघरों की संख्या, जिनकी संख्या दस लाख से अधिक है, के मामले में अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं. वहाँ कैच-22 स्थिति (एक दुविधा या कठिन परिस्थिति जिससे परस्पर विरोधी या आश्रित स्थितियों के कारण छुटकारा नहीं मिलता) बनी हुई है जहां किसी को स्थायी निवास के बिना नौकरी नहीं मिल सकती है और कोई बिना वेतन के निवास का खर्च वहन नहीं कर सकता है, जैसा कि कई विदेशी मीडिया ने विस्तार से बताया है. तो फिर क्या कारण है कि पश्चिमी देशों में अपनी सभ्यता, अत्यधिक विकसित अर्थव्यवस्था और विशाल धन-संपदा के बावजूद इतने सारे लोग सड़कों पर भिखारी बनकर रह गए हैं? ऐसा इसलिए है क्योंकि पूंजीवादी व्यवस्थ...

साल 2024 की जनवादी कोरिया की प्रमुख घरेलू घटनाएं

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  आर्थिक. सामाजिक. सास्कृतिक घटनाएं     स्थानीय विकास 20×10 नीति 23-24 जनवरी को आयोजित वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की 8वीं केंद्रीय समिति के पोलिट ब्यूरो की 19वीं विस्तारित बैठक में, महासचिव काॅमरेड किम जंग उन ने '20×10 स्थानीय विकास नीति' की घोषणा की. यह अगले 10 वर्षों तक हर साल 20 शहरों और काउंटियों में स्थानीय औद्योगिक कारखानों का निर्माण करके स्थानीय अर्थव्यवस्था को संतुलित तरीके से विकसित करने की नीति है. यालू नदी बेसिन के बाढ़ क्षतिग्रस्त इलाकों का भव्य पुनर्निर्माण 27 जुलाई को, भारी बारिश के कारण यालू नदी उफान पर आ गई, जिससे उत्तरी फ्यंगआन प्रांत, छागांग प्रांत और रयांगगांग प्रांत में व्यापक बाढ़ से क्षति हुई. काॅमरेड किम जंग उन ने सीधे राहत कार्य का नेतृत्व किया और यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए कि सभी बाढ़ पीड़ित बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुर्ननिर्माण के दौरान राजधानी फ्यंगयांग में पूरे आराम और सत्कार से रह सकें. महज 130 दिनों में बाढ़ग्रस्त इलाकों का पुर्ननिर्माण कर 21 दिसंबर को सभी बाढ़ पीड़ितों को बसा भी दिया गया.     खांगदोंग ग्रीनहाउस फार्म का उद्...

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का भव्य पुनर्निर्माण

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 विगत 21 दिसंबर 2024 को, जनवादी कोरिया के उत्तरी फ्यंगआन प्रांत के बाढ़ क्षतिग्रस्त क्षेत्र में नए बने आवासीय इलाके के उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया . इसका उद्घाटन जनवादी कोरिया की राज्य मामलों के अध्यक्ष काॅमरेड किम जंग उन ने किया. इस साल अगस्त में ही देश के उत्तरी फ्यंगआन प्रांत, छागांग प्रांत और रयांगगांग प्रांत में विनाशकारी बाढ़ आई थी. लोगों के घर पूरी तरह से नष्ट हो गए थे. जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी के निर्देशानुसार इस नुकसान की भरपाई के लिए पूरे देश से वर्कर्स पार्टी के सदस्य, सेना और पेकतू माउंटेन हीरो यूथ शॉक ब्रिगेड गए थे. और इन सबों ने महज 130 दिनों में ही एक नया तटबंध हजारों घरों, डेकेयर सेंटरों और किंडरगार्टन, स्कूलों, अस्पतालों और क्लीनिकों का निर्माण कर डाला.   काॅमरेड किम जंग उन ने उद्घाटन समारोह में अपने भाषण में यह कहा कि आज का उद्घाटन समारोह हमारी जनता के लिए है जो हमारे देश की नींव और सब कुछ हैं. साथ ही यह हमारे समाजवादी उद्देश्य को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है, हमारे समाजवाद में सभी कठिनाइयों को पार करने और गर्व से आगे बढ़ने क...

दक्षिण कोरिया का असली मालिक कौन? अमेरिका या जनता?

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अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया में बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच 14 दिसंबर, 2024 को शाम 5 बजे, 300 सदस्यीय नेशनल असेंबली में वर्तमान राष्ट्रपति यून सक यल के खिलाफ महाभियोग विधेयक पक्ष मे, 204 विपक्ष में, 85 वोट, 3 अनुपस्थित और 8 अवैध वोटों के साथ पारित किया गया. तदनुसार, यून सक यल के लिए महाभियोग की प्रक्रिया चालू हो गई. यून ने 3 दिसंबर को अचानक मार्शल लॉ घोषित कर अपनी राजनीतिक कब्र खुद खोद ली .  इसके बाद से यह जोर शोर से प्रचारित किया जा रहा है कि यह दक्षिण कोरिया के असली मालिक जनता की जीत है. लेकिन दक्षिण कोरिया का असली मालिक अमेरिका है. दक्षिण कोरिया की तथाकथित 'जनता " और "लोकतंत्र" के कसीदे पढ़ने वालों को संक्षेप में ये दो बातें अच्छी तरह से मालूम होनी चाहिए कि दक्षिण कोरिया अपने जन्म से ही 1.एक फासीवादी राज्य है  2. अमेरिकी कठपुतली है इसके अलावा दक्षिण कोरिया का जन्म ही अमेरिकी साम्राज्यवादी हितों की सेवा के लिए ही हुआ है. किसी भी अंतर्राष्ट्रीय संबंध के विशेषज्ञ का दक्षिण कोरिया के किसी भी राजनीतिक घटनाक्रम में सबसे पहले अमेरिका की भूमिका का आकलन करना बहुत...

दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ-2

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  अचानक, मंगलवार 3 दिसंबर को लगभग 2300 बजे (स्थानीय समयानुसार) अमेरिकी उपनिवेश दक्षिण कोरिया के कठपुतली राष्ट्रपति यून सक यल ने यह दावा करते हुए मार्शल लॉ घोषित कर दिया कि "उत्तर (कोरिया ) समर्थकों को जड़ से उखाड़ फेंकना" आवश्यक था. हलांकि केवल कुछ ही घंटों बाद यून ने मार्शल लॉ रद्द कर दिया. तो यून ने मार्शल लॉ क्यों लगाया और फिर इसे रद्द कर दिया और मार्शल लॉ की घोषणा का क्या मतलब था? अंतिम प्रश्न का उत्तर पहले दिया जा सकता है. 1960, 1970 और 1980 के दशक में दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ आम बात थी. पार्क छंग ही, छन दू ह्वान और रोह ते वू जैसे सफल तानाशाह तुरंत ही मार्शल लॉ या आपातकाल की घोषणा कर देते थे. 1980 में मार्शल लॉ घोषित होने के बाद दक्षिण कोरियाई कठपुतली सेना द्वारा दक्षिण पूर्वी शहर क्वांगजू के लगभग 5,000 नागरिकों की हत्या कर दी गई थी.कई दक्षिण कोरियाई शासक दक्षिण कोरियाई सेना से आए थे और उन्हें अमेरिका में प्रशिक्षित किया गया था.माना जाता है कि 1980 के दशक के अंत में दक्षिण कोरिया का 'लोकतंत्रीकरण' हुआ लेकिन यह धोखाधड़ी थी. इसका सीधा सा मतलब था कि सैन्य फा...

दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ-1

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3 दिसंबर 2024 को अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया के फासीवादी यून शासन द्वारा मार्शल लॉ की घोषणा से पता चलता है कि दक्षिण कोरियाई कठपुतली शासन प्रणाली गहरे संकट में है और बहुत अस्थिर है. फासीवादी यून शासन संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहा है और सोचता है कि मार्शल लॉ घोषित करना ही उसकी समस्याओं का समाधान है. निःसंदेह दक्षिण कोरिया में "स्वतंत्रता", "लोकतंत्र" और "मानवाधिकार" केवल एक भ्रम हैं.दक्षिण कोरिया में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा नियंत्रित एक फासीवादी शासन है. वैसे भी वहाँ लिबरलों और फासीवादियों में बारीक अंतर है. लिबरिज्म यानि उदारवाद को फासीवाद का "दोस्ताना चेहरा" ही कहा जाता है. हलांकि 6 घंटों के बाद ही दक्षिण कोरिया ने स्पष्ट रूप से मार्शल लॉ हटा लिया.(लेकिन इसे फिर से लगाये जाने की संभावना है).  अचानक मार्शल लॉ घोषित करने वाला यून सक यल 299 सदस्यीय दक्षिण कोरिया के संसद (नेशनल एसेंबली) के 190 सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से पारित मार्शल लॉ को अवैध घोषित करने के फैसले का क्यों सम्मान करने लगा? उसने अपनी थू थू कराने या मिट्टी पलीद करा...