आर्थिक चमत्कार
इन दिनों साम्राज्यवाद, एकाधिकार और वित्त
पूंजी के सबसे बड़े प्रवक्ता वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक हैरान करने वाला लेख छपा है
, जिसमे वह अनिच्छा से स्वीकार करता है दुनिया की सबसे आश्चर्यजनक आर्थिक सफलता की
कहानी है : उत्तर कोरिया(सही नाम :जनवादी कोरिया) ." यही बात जनवादी कोरिया
के समर्थक समूहों और जूछे विचार के अनुयायियों द्वारा हमेशा से कही जा रही है और
अब आख़िरकार साम्राज्यवादी इस सच्चाई स्वीकार कर रहे हैं. यह लेख दाशेल यून और टिमोथी
डब्ल्यू. मार्टिन द्वारा लिखा गया है. बकौल डरमट हडसन(Dr. Dermot Hudson) जो जनवादी कोरिया
की 15 बार से ज्यादा यात्रा कर चुके हैं और ब्रिटेन के कोरियाई मैत्री संगठन(KFA-UK) के अध्यक्ष हैं
उनकी जनवादी कोरिया की यात्रा के बारे में अप्रैल 2024 में
दाशेल यून ने उनका विस्तृत साक्षात्कार लिया था लेकिन उसने वह लेख कभी प्रकाशित नहीं
किया. इसके बजाय, उसने एक पूंजीवादी पर्यटन कंपनी के एक टूर
गाइड का विवरण लेना चुना, जो इस साल मई में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
मेले के लिए कुछ दिनों के लिए जनवादी कोरिया में था.
बकौल हडसन जब
उन्होंने अप्रैल 2024 और अक्टूबर 2025 में
अपनी यात्राओं के दौरान अपनी आँखों से जो देखा वो निर्माण और विकास का वास्तव में अद्भुत
और असाधारण स्तर था. जब वे अप्रैल 2024 में जनवादी
कोरिया गए जो 5 वर्षों
में उनकी पहली यात्रा थी और वास्तव में वे 2020 के बाद जनवादी
कोरिया का दौरा करने वाला पहला ब्रिटिश नागरिक थे. यह काफी अद्भुत था.निर्माण कार्य
के कारण, बस को फ्यंगयांग हवाई अड्डे से कोरियो होटल तक एक अलग रास्ता अपनाना पड़ा
और उन्होंने नया
हवासोंग जिला देखा ,जो बिल्कुल अद्भुत
था और यह उच्च गुणवत्ता
वाला निर्माण था. और
जैसा कि उनके गाइड ने कहा, कुछ साल पहले यह सिर्फ खेत थे और पूरे फ्यंगयांग
में निर्माण कार्य चल रहा था. हवासोंग स्ट्रीट का एक नया चरण खोला गया था, जब वे
2025 में फिर जनवादी कोरिया आए तो और भी निर्माण कार्य हो चुका था. फ्यंगयांग
का पूरा चेहरा बदल गया था. और वे हवाई अड्डे से मध्य फ्यंगयांग तक के मार्ग से बहुत
परिचित भी हैं.
और जैसा की उन्हें याद है कि इस इलाके में केवल एक सिंगल रेलवे लाइन और
खेत थे.अब वह पूरा इलाका अपार्टमेंट ब्लॉकों और दुकानों से भरा हुआ है. यह वास्तव में
दर्शाता है कि जनवादी कोरिया में निर्माण कार्य का स्तर काफी तेज हो गया है और बड़े
पैमाने पर किया जा रहा है.
हडसन के मुताबिक और जब उन्होंने 1992, 1993 की शुरुआत में जनवादी कोरिया का दौरा किया था, तो उन्होंने फ्यंगयांग में कुछ बहुत बड़ी निर्माण परियोजनाओं को अभी-अभी पूरा किया था. और मूल रूप से, निर्माण कार्य में तेजी पिछले 10 या 12 वर्षों के भीतर, लगभग 2015 के आसपास आई थी. इस दौरान मीरे वैज्ञानिक स्ट्रीट ,साइटेक कॉम्प्लेक्स, रयम्यंग स्ट्रीट और सामजियन शहर का पुनर्निर्माण और रीमॉडलिंग जैसे निर्माण कार्य संपन्न हुए.
इसके अलावा
ह्वासंग जिले के विभिन्न चरण, बोथोंग नदी के किनारे पर नया विकास और सभी
प्रकार की विभिन्न निर्माण परियोजनाएँ भी पूरे हुए और यह मत भूलिए कि ग्रामीण इलाकों
में भारी मात्रा में आवास का निर्माण किया गया है और 20x10 क्षेत्रीय
विकास कार्यक्रम लागू किया जा रहा है . साम्राज्यवादियों को भी इसे स्वीकार करना पड़ा
है.
इतना ही नहीं अभी हाल में 8 वर्षो के बाद पहली बार जनवादी कोरिया का
दौरा कर के लौटे सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन (Vivian Balakrishnan) ने भी कहा “इन 8 वर्षों में
फ्यंगयांग लगातार बढ़ा और विकसित हुआ है. मैंने नए आवासीय परिसरों को बनते देखा.
फ्यंगयांग एक साफ-सुथरा, आधुनिक, सुव्यवस्थित और
योजनाबद्ध शहर है. लोग अपने-अपने जीवन में व्यस्त हैं” और “यह दक्षिण-पूर्व एशिया
ही नहीं, बल्कि
पूरे पूर्वोत्तर एशिया के किसी भी आधुनिक शहर से तुलना करने पर भी कम नहीं है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि जनवादी कोरिया लगातार आर्थिक विकास कर रहा है, और विशेष रूप से
कोविड-19 महामारी
के दौरान झेली गई अलगाव की स्थिति को देखते हुए यह और भी आश्चर्यजनक है”.
साम्राज्यवादी अब... "ओह,
वहां सब सब भूखे
मर रहे हैं, बिजली नहीं है, ब्ला ब्ला ब्ला" जैसी बात नहीं कह
सकते, कम से कम अधिक तर्कसंगत लोग तो नहीं. लेकिन यून
और मार्टिन का वॉल स्ट्रीट जर्नल लेख में यह कहना कि रूस को हथियारों की बिक्री से शासन पहले से कहीं अधिक धनी है यह मूल रूप
से सच नहीं है.
यह तथ्यों को विकृत कर रहा है. फिर से वही घिसी पिटी बात कि जनवादी
कोरिया के पीछे चीन और रूस हैं. एक ब्रिटिश कम्युनिस्ट नेता ने 1989 में जनवादी कोरिया का दौरा
किया और वे पश्चिम सागर बैराज देखने गए. और उस नेता ने कहा कि यह सब सोवियत सहायता
से बनाया गया था. जब उन्होंने ऐसा
कहा तो वहाँ उपस्थित कोरियाई लोग स्तब्ध रह गए क्योंकि यह सच नहीं था. दिलचस्प बात
यह है. कि उस नेता ने यह भी कहा कि इसे बनाने में आपको 7 अरब
डॉलर खर्च करने पड़े होंगे... इसके कारण आप बहुत अधिक कर्ज में डूबे होंगे और आपको
कर्जे की जरुरत होगी”. और राष्ट्रपति
कॉमरेड किम इल संग ने कहा कि हमें किसी कर्ज की आवश्यकता नहीं है. हमने इसे अपने संसाधनों
से बनाया है. और यही जनवादी कोरिया के वर्तमान तीव्र विकास के मामले में भी सच है.
यह आत्मनिर्भरता के कारण है. यह जूछे विचार की सच्चाई, आत्मनिर्भरता
की सच्चाई को साबित करता है कि यदि आप अपने संसाधनों का उपयोग करके विकास करते हैं,
तो आप वास्तव में तेजी से विकास कर सकते हैं. और इसी बात को वॉल स्ट्रीट
जर्नल के अलावा वामपंथ के कुछ धड़े ख़ारिज
करते हैं और कहते हैं जनवादी कोरिया किसी देश पर निर्भर है.
पहले, चीन के साथ जनवादी कोरिया के व्यापार के
मुद्दे पर विचार करें. यह वास्तव में अभी भी 2020 से पहले के स्तर
पर पूरी तरह से वापस नहीं आया है, जो एक तथ्य है. और तथ्य यह था कि जनवादी
कोरिया ने वास्तव में 2020 में अपनी सीमाओं को बंद कर दिया था. और
2023 के अंत में, 2024 में उन्हें फिर से खोलना शुरू किया और
उसके पहले वास्तव में,
2020 और 2021 में
चीन के साथ व्यापार लगभग समाप्त हो गया था और अब भी यह जनवादी कोरिया में सकल
घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का केवल एक छोटा प्रतिशत है. और वास्तव में यह इस साल ही है
कि चीन से एयर चाइना की उड़ानें और चीन से रेल क्रॉसिंग फिर से शुरू हुई हैं. और बहुत
सारे बुर्जुआ विश्लेषक और तथाकथित कोरिया विशेषज्ञ और वामपंथ के कुछ लोग भी भूल जाते
हैं, वे जनवादी कोरिया की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को नहीं समझते हैं,
वे स्वतंत्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को नहीं समझते हैं. और तथ्य यह भी है कि जनवादी कोरिया के सकल घरेलू उत्पाद या सकल राष्ट्रीय
उत्पाद का केवल एक छोटा सा प्रतिशत वास्तव में विदेशी व्यापार से आता है, यह लगभग
4% है या निश्चित रूप से 10% से कम है. और यहाँ
तक कि यदि आप जनवादी कोरिया पर बुर्जुआ विशेषज्ञों के कुछ बढ़ाए गए, भ्रामक
और विकृत आंकड़ों पर विश्वास करते हैं, तो चीन के साथ व्यापार
जनवादी कोरिया के कथित सकल घरेलू उत्पाद आंकड़े का केवल 10% है.
जनवादी कोरिया की जीडीपी वास्तव में तथाकथित पश्चिमी विशेषज्ञों द्वारा
दावा किए गए से बहुत अधिक है. अगर आप इस तथ्य पर विश्वास भी करते हैं कि चीन के साथ
व्यापार केवल 10% है, तो इसका मतलब है कि अन्य 90% जनवादी
कोरिया के आंतरिक संसाधनों से आता है.
हडसन जो पिछले 34 वर्षों से जनवादी
कोरिया का दौरा कर रहे हैं उनका कहना है कि उन्होंने वहां की दुकानों में चीनी सामान
पहले की तुलना में कम देखा है. पिछली कुछ यात्राओं में, 2025 और
2024 और यहाँ तक कि 2019 में भी, उन्होंने बहुत सारे
चीनी सामान नहीं देखे.
राष्ट्रपति कॉमरेड किम इल संग ने हमेशा जोर दिया कि यद्यपि आत्मनिर्भरता
का मतलब निरंकुश शासन (Autarchy) नहीं है, लेकिन
इसका अर्थ है कि आप मूल रूप से अपनी शक्तियों, अपने आंतरिक संसाधनों
पर निर्भर रहते हैं और कोई भी सहायता या सहयोग गौण है. यदि आपके अपने लोग प्रयास नहीं
करते हैं, तो बाहरी लोगों द्वारा दी गई या बेची गई कोई भी चीज बेकार हो जाती है.
और वास्तव में, जनवादी कोरिया का विकास और भी अधिक चमत्कारिक या प्रेरणादायक हो जाता
है जब आप विचार करते हैं कि जनवादी कोरिया बहुत सख्त नाकाबंदी के अधीन है. क्यूबा भी
ऐसा ही है. इन दोनों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर है
क्यूबा को ज्यादातर अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकाबंदी का सामना करना पड़ता है,
और यूरोपीय संघ से भी शायद. लेकिन जनवादी कोरिया के खिलाफ न केवल अमेरिकी
नाकाबंदी है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध भी हैं. और इसके
अलावा यूरोपीय संघ , ब्रिटेन
और जापान और तरह-तरह की जगहों से से भी प्रतिबन्ध हैं (सनद रहे stastista. com वेबसाईट
के मुताबिक जनवादी कोरिया पर 2,098 तरह
के आर्थिक प्रतिबंध लगे हुए हैं, वहीं ऐसे कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे क्यूबा
पर 208 तरह
के प्रतिबंध लगे हैं). अभी रूस और चीन जनवादी
कोरिया के साथ हैं नहीं तो एक समय वे भी अमेरिका के साथ मिलकर उस पर दबाव डालते
रहे. वे एक समय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका द्वारा प्रस्तावित जनवादी
कोरिया के खिलाफ प्रतिबंधों और निंदा प्रस्तावों का समर्थन करते थे और वास्तव में
प्रतिबंधों को सख्ती से लागू भी करते थे.
इसलिए जनवादी कोरिया की आर्थिक वृद्धि इन अत्यधिक गहन प्रतिबंधों के बावजूद
हासिल की गई है, और वर्षों तकसीमा बंद होने के बावजूद, और वैश्विक स्वास्थ्य
संकट तथा जनवादी कोरिया के भीतर प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद. बाढ़ की कई घटनाएँ हुईं,
जिसका अर्थ था कि जनवादी कोरिया को बाढ़ से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों के
पुनर्निर्माण के लिए संसाधनों, सामग्रियों और श्रम को मोड़ना पड़ा. इसलिए जनवादी कोरिया को इन सभी समस्याओं, बाधाओं
और चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन फिर भी वह
चकाचौंध सफलता के साथ उभरा है. और यही वह चमत्कार है जिसे जूछे कहा जाता है. और इन
दो बुर्जुआ पत्रकारों के इस लेख के बारे में एक आखिरी बात, वे यह भी संकेत
देते हैं कि जनवादी कोरिया की सफलता तथाकथित "प्रतिबंध तोड़ने" के कारण है.
यह इस वास्तविकता से इनकार करता है कि जनवादी कोरिया के पास एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था
है जो अपने स्वयं के विकास के लिए आवश्यक अधिकांश संसाधनों का उत्पादन करने में सक्षम
है.
पर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है जिसमें जनवादी कोरिया के खिलाफ
प्रतिबंधों को और अधिक सख्ती से लागू किया जा सकता है जिसमें जनवादी कोरिया पर अधिक
प्रतिबंध लगाए जाएंगे. यकीन है कि कुछ साम्राज्यवादी योजनाकार यह लेख पढ़कर यह जरुर
कहेंगे कि हमने जनवादी
कोरिया पर पर्याप्त प्रतिबंध नहीं लगाए हैं, हमें और प्रतिबंधों
की आवश्यकता है, हमें यह सुनिश्चित करने के लिए और अधिक जहाजों को गश्त करने की आवश्यकता
है कि जनवादी कोरिया में कुछ भी न जाए. लेकिन साम्राज्यवादी शैतान जूछे विचार की शक्ति और आत्मनिर्भरता पर आधारित
स्वतंत्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और निश्चित रूप से कॉमरेड किम जंग उन के नेतृत्व में
वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नीतियों की शुद्धता के कारण जनवादी कोरिया को कुचलने में
हमेशा की तरह असफल रहेंगे और एक बार फिर से मुंह की खाएंगे.
जनवादी कोरिया आधुनिक इतिहास का सबसे आजाद मुल्क
है. पूर्ण आजादी और आत्मनिर्भरता जनवादी कोरिया की स्थापना का मूलमंत्र रहा है. आजाद , आत्मनिर्भर और
दृढ़ कम्युनिस्ट विचार की चाहत रखने वाले हरेक व्यक्ति को जनवादी कोरिया को पढ़ना चाहिए, उससे सीखना चाहिए और अपने भीतर उसे हर हमेशा जिंदा
रखना चाहिए क्योंकि आज की तारीख में कोई दूसरा विकल्प है ही नहीं.

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