पश्चिमी दुनिया में व्यक्ति पूजा का पाखंड
पश्चिमी मुख्यधारा के मीडिया द्वारा यह कहा और प्रचारित किया जाता है कि तथाकथित व्यक्ति पूजा ( Personality Cult) केवल उन देशों में होती है जिन्हें पश्चिमी छद्म लोकतंत्र ( pseudo-democracies) अधिनायकवादी ( authoritarian) अथवा सर्वसत्तावादी ( totalitarian) मानते हैं. व्यक्ति पूजा की पहचान मुख्यतः समाजवादी देशों और कुछ हद तक फासीवादी देशों से जोड़ी गई है (विशेषकर समाजवादी देशों से). लगभग सभी लोगों ने रोमानिया (कॉमरेड निकोलाए चाउशेस्कु) , जनवादी कोरिया (कॉमरेड किम इल संग , कॉमरेड किम जंग इल तथा वर्तमान नेता कॉमरेड किम जंग उन) और पूर्व सोवियत संघ (कॉमरेड लेनिन तथा कॉमरेड स्टालिन) में व्यक्ति पूजा के बारे में सुना है. क्या वास्तव में इन देशों में व्यक्ति पूजा थी , यह एक अलग चर्चा का विषय है. अनेक संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि यह पूँजीवादी प्रचारतंत्र द्वारा जानबूझकर गढ़ा गया आख्यान है , जो हर प्रकार के साम्यवाद से घृणा करता है. यह भी उल्लेखनीय है कि कॉमरेड स्टालिन के कथित व्यक्ति पूजा के सिद्धांत को सोवियत संघ में सत्ता में आए निकिता ख्रुश्चेव और उनके सहयोगियों ने प्रच...