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जनवादी कोरिया की रूस और चीन पर मजबूत पकड़

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  जनवादी कोरिया   की चीन और रूस के प्रति कूटनीति को लेकर साम्राज्यवादी मीडिया और भाड़े के कोरिया विशेषज्ञ मानते हैं कि वह चीन और रूस की प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाकर अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाता है. पहले जनवादी कोरिया   की कूटनीतिक रणनीति को ' समानार्थी कूटनीति ( Equalistic diplomacy ) ' कहा जाता था. 1950 के दशक के मध्य में जब चीन और सोवियत संघ के बीच टकराव हुआ , तो जनवादी कोरिया   ने दोनों देशों के बीच रस्सी पर चलने की तरह कूटनीति करके चीन और सोवियत संघ दोनों से लाभ प्राप्त किया.   लेकिन इस दृष्टिकोण से जनवादी कोरिया   की कूटनीति का सार ठीक से नहीं समझा जा सकता. जनवादी कोरिया   के दृष्टिकोण से , उसकी कूटनीति ' वश में करने वाली ' और ' नियंत्रित करने वाली ' कूटनीति है. लेकिन सामने वाले को वश में करने का तरीका अमेरिका की तरह सैन्य और आर्थिक शक्ति से दबाव डालना और धमकाना नहीं है. उसकी कूटनीति का सार है सामने वाले का मन जीतना.   जनवादी कोरिया   का राजनीतिक दर्शन हर काम को ' लोगों के साथ काम ' मानता है. और ' लोगों के साथ काम ' का सार ...

अम्नोक नदी पुल का उद्घाटन

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  विगत 15 अक्टूबर 2026 को   जनवादी कोरिया के सिनुइजू और चीन के तानदोंग को जोड़ने वाले नए अम्नोक नदी पुल का   उद्घाटन किया गया.   जनवादी कोरिया और चीन के बीच द्विपक्षीय आदान-प्रदान तथा सहयोग को गहरा करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाई जा रही है और उन्हें जोरदार ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है. इसी सिलसिले में दोनों देशो को जोड़ने अम्नोक नदी पुल का निर्माण पूरा किया गया. यह पुल जनवादी कोरिया-चीन मैत्री की अटूट जीवनशक्ति और विकास का सार समेटने वाला एक निर्माण है.   अम्नोक नदी पर ऐसे पुल का निर्माण किया गया है , जो विभिन्न प्रकार के परिवहन साधनों की सुरक्षित आवाजाही और लोगों के आवागमन को सुनिश्चित कर सकता है. इसके साथ ही यात्रियों की जांच के केंद्र तथा आयात-निर्यात वस्तुओं की जांच और संगरोध केंद्र भी व्यावहारिक एवं आधुनिक तरीके से तैयार किए गए हैं. इससे जनवादी कोरिया और चीन के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना संभव हो सकेगा. जनवादी कोरिया की ओर से उद्घाटन समारोह में निम्नलिखित लोगों ने भाग लिया: कॉमरेड यांग म्यंग छल , कोरियाई वर्कर्स पार्टी की उत्...

बारूदी सुरंग के विस्फोट का सच

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  21 सितंबर 2026 को हुई को जनवादी कोरिया- दक्षिण कोरिया सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना हुई. जैसा की अपेक्षित था कि दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों ने इसका जिम्मेदार जनवादी कोरिया को ठहराया. पर सच्चाई कुछ और है. अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया की तरफ से जनवादी कोरिया- दक्षिण कोरिया के सीमावर्ती इलाकों की कमान सँभालने वाले   संयुक्त राष्ट्र कमान ( UNC) के अनुसार बारूदी सुरंग विस्फोट वाली जगह सैन्य सीमांकन रेखा ( MDL ) के उत्तर की ओर थी. तो क्या दक्षिण कोरिया को माफी नहीं मांगनी चाहिए ? 21 सितंबर को पश्चिमी मोर्चे पर जहां बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ , वहां जून में ही भू-भाग में बदलाव देखा गया था. क्या उस समय कठपुतली दक्षिण कोरिया के   रक्षा मंत्रालय और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने संयुक्त राष्ट्र कमान से पूछा था कि क्या यह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन नहीं है. उस समय संयुक्त राष्ट्र कमान ने एक फैक्टशीट भी जारी की थी. उसमें कहा गया था कि यह हमला करने वाला ढांचा नहीं , बल्कि रक्षात्मक व्यवस्था है. इसलिए इसे समस्या नहीं माना गया. संयुक्त राष्ट्र कमान ने यह भी कहा था कि जनवादी ...