अमेरिकी सशस्त्र जासूसी जहाज फ्यंगयांग में लंगरबंद
आज से 58 वर्ष पूर्व, 23 जनवरी 1968 को अमेरिकी सशस्त्र जासूसी जहाज 'प्यूब्लो' को कोरियाई जन सेना की नौसेना के सैनिकों द्वारा देश के पूर्वी हिस्से में वनसान के समुद्री क्षेत्र में जासूसी करते हुए पकड़ लिया गया था. यह अमेरिका के इतिहास में पहली बार था जब उसका एक सशस्त्र जासूसी जहाज किसी अन्य देश द्वारा पकड़ा गया. अमेरिका ने "बदला" लेने का शोर मचाते हुए कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति को युद्ध के कगार पर पहुँचा दिया. जनवादी कोरिया के सभी लोग "बदले" के बदले में प्रतिशोध और "पूर्ण युद्ध" के लिए पूर्ण युद्ध की क्रांतिकारी इच्छाशक्ति के साथ अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए उठ खड़े हुए. अंततः अमेरिकी प्रशासन के पास जनवादी कोरिया सरकार को माफीनामा लिखने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. अब प्यूब्लो जहाज फ्यंगयांग के बोथोंग नदी के तट पर बंधा हुआ है , जहाँ विजयी पितृभूमि मुक्ति युद्ध संग्रहालय स्थित है. सीआईए द्वारा भेजे गए प्यूब्लो जहाज में आधुनिक सुविधाएं चालक दल के पास मौजूद वे मानचित्र जो जनवादी कोरिया में सैन्य अड्डों की स्थिति दर्शाते...