जनवादी कोरिया की रूस और चीन पर मजबूत पकड़
जनवादी कोरिया की चीन और रूस के प्रति कूटनीति को लेकर साम्राज्यवादी मीडिया और भाड़े के कोरिया विशेषज्ञ मानते हैं कि वह चीन और रूस की प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाकर अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाता है. पहले जनवादी कोरिया की कूटनीतिक रणनीति को ' समानार्थी कूटनीति ( Equalistic diplomacy ) ' कहा जाता था. 1950 के दशक के मध्य में जब चीन और सोवियत संघ के बीच टकराव हुआ , तो जनवादी कोरिया ने दोनों देशों के बीच रस्सी पर चलने की तरह कूटनीति करके चीन और सोवियत संघ दोनों से लाभ प्राप्त किया. लेकिन इस दृष्टिकोण से जनवादी कोरिया की कूटनीति का सार ठीक से नहीं समझा जा सकता. जनवादी कोरिया के दृष्टिकोण से , उसकी कूटनीति ' वश में करने वाली ' और ' नियंत्रित करने वाली ' कूटनीति है. लेकिन सामने वाले को वश में करने का तरीका अमेरिका की तरह सैन्य और आर्थिक शक्ति से दबाव डालना और धमकाना नहीं है. उसकी कूटनीति का सार है सामने वाले का मन जीतना. जनवादी कोरिया का राजनीतिक दर्शन हर काम को ' लोगों के साथ काम ' मानता है. और ' लोगों के साथ काम ' का सार ...