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बेरोजगारी से मुक्त देश

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  यूरोप इस समय आर्थिक मंदी से जूझ रहा है. जर्मनी में केवल 2026 की पहली छमाही में ही ऑटोमोबाइल , धातु और अन्य क्षेत्रों की लगभग 12,000 कंपनियां बंद हो गईं. ब्रिटेन में बेरोजगारी का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है. इसका असर खासकर 24 वर्ष से कम उम्र के युवाओं पर पड़ रहा है. फ्रांस में बेरोजगारी 2021 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. 2026 की दूसरी तिमाही में बेरोजगार लोगों की संख्या 27 लाख हो गई. यह पिछली तिमाही की तुलना में 62,000 अधिक है. EUROSTAT ने बताया कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में फिनलैंड की बेरोजगारी दर सबसे अधिक है. नौकरी के अवसर लगातार कम हो रहे हैं. यहां तक कि उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों के लिए भी नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है. माना जाता है कि बढ़ती ऊर्जा कीमतें इस वैश्विक चिंता का एक मुख्य कारण हैं. भारत की बात करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार , 15-25 आयु वर्ग के लगभग  40%  और 25-29 आयु वर्ग के  20%  स्नातक बेरोजगार हैं. CMIE के आँकड़े बताते हैं कि स्नातकों में बेरोजगारी दर  14.5%  थी , जबकि 20-24 आयु वर्ग में यह  3...

जनवादी कोरिया और साइबर हैकिंग (?)

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  अमेरिकी कंपनी गूगल की साइबर खतरा विश्लेषण टीम ने 8 सितम्बर 2026 को एक रिपोर्ट जारी की और दावा किया कि जनवादी कोरियाई हैकिंग संगठन कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( AI) का इस्तेमाल करके क्रिप्टोकरेंसी चुरा रहे हैं. यह दावा कि जनवादी कोरियाई हैकर क्रिप्टोकरेंसी चुराते हैं , पहले से ही बार-बार सामने आता रहा है. यहां तक कि ऐसे विश्लेषण भी सामने आए हैं कि जनवादी कोरिया की तेजी से हो रही आर्थिक वृद्धि के पीछे क्रिप्टोकरेंसी की चोरी भी एक कारण है. दक्षिण कोरियाई न्यूज़िस ने 21 अगस्त को प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि जनवादी कोरिया स्पष्ट रूप से समृद्ध हुआ है और इसके पीछे के कारणों में यह भी शामिल है कि “जनवादी कोरिया द्वारा की जा रही क्रिप्टोकरेंसी हैकिंग भी विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक प्रमुख साधन है.” जनवादी कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया के सरकारी कार्यालयों या वित्तीय संस्थानों को हैक करने , अथवा विदेशों की किसी वेबसाइट को हैक करने की खबरें समय-समय पर नियमित समाचार सामग्री के रूप में सामने आती रही हैं. अब तो स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि जब भी कोई हैकिंग की घटना होती है , तो उसे जनव...

जनवादी कोरिया के बारे में एक बार फिर पागलपन भरी रिपोर्ट

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जनवादी कोरिया  की अंतरराष्ट्रीय स्थिति के तेजी से ऊँची होने और उसकी अर्थव्यवस्था के तेजी से विकसित होने से दक्षिण कोरियाई कार्पोरेटी गोदी मीडिया पागल हो गया है और वह फिर से जनवादी कोरिया के खिलाफ अनाप शनाप रिपोर्टिंग कर रहा है. दक्षिण कोरिया के कार्पोरेटी गोदी मीडिया SBS न्यूज़ ने पिछले 7 अगस्त को एक रिपोर्ट प्रसारित की और बताया कि जनवादी कोरिया के कोरियन सेंट्रल टीवी में धूप का चश्मा पहने हुए जनवादी कोरियाई नागरिक दिखाई दिए.   इसके साथ ही उसने दक्षिण कोरिया के तथाकथित ‘ 2024 एकीकरण मंत्रालय की 202   की जनवादी कोरिया   मानवाधिकार रिपोर्ट’ को आधार बनाकर बताया गया कि जनवादी कोरिया   में धूप का चश्मा पहनना ‘प्रतिक्रियावादी कृत्य’ माना जाता है.   ऐसा लगता है कि SBS न्यूज़ इस रिपोर्ट के माध्यम से दो चीजों को लक्ष्य बना रहा था.   एक है जनवादी कोरिया के एक बंद समाज होने की धारणा फैलाना.   दूसरी है यह धारणा पैदा करना कि नागरिकों पर नियंत्रण इतना नहीं रह गया है कि ‘प्रतिक्रियावादी कृत्य’ खुले तौर पर सरकारी प्रसारण पर दिखाई देने की स्थित...