दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों द्वारा प्रोपेगेंडा लाउडस्पीकर हटाने के संबंध में

 


अभी हाल में दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों द्वारा बहुप्रचारित और ढिंढोरा पीटने वाले जनवादी कोरिया के सीमा पर लगे" प्रोपेगेंडा लाउडस्पीकरों को हटाने" के संबंध में कई टिप्पणियां की जा सकती हैं.


सबसे पहले यह अर्थहीन है, जैसा कि जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति की उपाध्यक्षा कॉमरेड किम य जंग ने बताया, "जहां तक जनवादी कोरिया विरोधी मनोवैज्ञानिक प्रचार प्रसारण को निलंबित करने का सवाल है, जिसे दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने दक्षिण और उत्तर के बीच विश्वास की बहाली के लिए पहला संकेत बताया था, यह सब वह संकट है जिसे उन्होंने स्वेच्छा से आमंत्रित किया है और इस प्रकार यह उनका अपना मुद्दा है, चाहे वे इसे कैसे भी सुलझाएं और यह कुछ भी नहीं बल्कि उस चीज से पीछे हटने जैसा है जो उन्हें पहले नहीं करना चाहिए था".

दूसरी बात,  यह जनवादी कोरिया को नरम करने, "सुधार" और "खुलेपन" को अपनाने के लिए फुसलाने की दक्षिण कोरिया की एक घटिया चाल के अलावा और कुछ नहीं है. जब कभी दक्षिण कोरिया "शांति" और "एकीकरण" की बात करता है, तो उसका असल मतलब जनवादी कोरिया की समाजवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकना और उसे अपना उपनिवेश बनाना होता है. 90 के दशक के उतरार्ध की दक्षिण कोरिया की बहुप्रचारित तथाकथित "सनशाईन पाॅलिसी' भी एक छलावा साबित हुई.

कॉमरेड किम जंग उन ने स्वयं कहा था कि "दक्षिण कोरिया वर्तमान में एक अर्धांगघाती(hemiplegic) विकृति और औपनिवेशिक अधीनस्थ राज्य के अलावा कुछ नहीं है, जिसकी राजनीति पूरी तरह से अव्यवस्थित है, पूरा समाज अमेरिकी संस्कृति से कलंकित है, और रक्षा एवं सुरक्षा पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर है."

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