जनता के चुनाव के नतीजे
अभी हाल ही में रविवार, 15 मार्च को जनवादी कोरिया के नागरिकों ने 15वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली
(Supreme People's Assembly ,SPA) के
चुनावों में भाग लिया और चुनाव परिणामों के अनुसार, देश भर में मतदाता सूची में पंजीकृत 99.99 प्रतिशत मतदाताओं ने चुनाव में भाग लिया. 0.0037 प्रतिशत मतदाता चुनाव में भाग नहीं ले सके
क्योंकि वे विदेश में हैं या समुद्र में कार्यरत हैं, और 0.00003 प्रतिशत ने मतदान से परहेज़ किया. 99.93
प्रतिशत मतदाताओं ने समर्थन में और 0.07 प्रतिशत ने विरोध में मतदान किया. परिणामस्वरूप,
जनवादी कोरिया के सभी स्तरों की पीपल्स असेंबली के प्रतिनिधियों
के चुनाव संबंधी कानून के तहत 687 श्रमिकों,
किसानों, श्रमिक
बुद्धिजीवियों, सैनिकों और अधिकारियों को सुप्रीम
पीपल्स असेंबली के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया.
पर जैसा की अपेक्षित था साम्राज्यवादी
और बुर्जुआ मुख्यधारा मीडिया तथा उससे जुड़े सोशल मीडिया जनवादी कोरिया के 15वीं सुप्रीम पीपल्स असेंबली के चुनाव परिणामों को
बदनाम कर रहे हैं.
डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया या जनवादी
कोरिया की जनवादी लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली पर इन हमलों में इस बात को
बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है कि 0.07 प्रतिशत
लोगों ने विरोध में वोट देकर साहस का काम किया है और इस तरह की फूहड़ और हास्यास्पद
बातें की है कि विरोध में वोट करने से उनकी जान खतरे में है
जनवादी कोरिया की चुनाव प्रणाली की कई आलोचनाएँ बहुत
अज्ञानतापूर्ण हैं. उदाहरण के लिए, इसकी
तुलना भारत के 66 प्रतिशत ब्रिटेन में 59 प्रतिशत,
अमेरिका में 55
प्रतिशत , स्विट्जर्लैंड में 38 प्रतिशत
मतदान से की जा सकती है. जनवादी कोरिया में 99.99 प्रर्तिशत मतदान हो गया तो ऐसे लोगों के पेट में मरोड़ उठने लग गया.
15वीं SPA के चुनावों का सफल आयोजन जनवादी कोरिया के लोगों की कॉमरेड किम जंग उन, वर्कर्स पार्टी और जूछे विचारधारा के प्रति
एकजुटता का शक्तिशाली प्रदर्शन है. ऐसी एकता दुनिया में कहीं और नहीं मिलती. जनवादी
कोरिया के लोग कहते हैं कि एकजुटता परमाणु
बम से भी अधिक शक्तिशाली होती है.
जनवादी कोरिया की प्रणाली पश्चिम की बुर्जुआ लोकतंत्र से भिन्न
है (जो वास्तव में लोकतंत्र नहीं है), बल्कि
यह जनवादी लोकतंत्र, समाजवादी लोकतंत्र और सर्वहारा
लोकतंत्र है.
जनवादी कोरिया में उम्मीदवारों का चयन पहले मतदाताओं की जनसभाओं
द्वारा किया जाता है, न कि कुछ लोगों के छोटे समूह द्वारा.
जिस व्यक्ति को जनता का समर्थन नहीं मिलता, वह उम्मीदवार नहीं बन सकता यह इतना सरल है कि चुनाव के दिन मतदाता
उम्मीदवारों को बस स्वीकृति देते हैं.
तथाकथित मुख्यधारा का मीडिया यह दावा
करता है कि जनवादी कोरिया के चुनावों में ‘कोई विकल्प नहीं’ है, लेकिन कई पूंजीवादी देशों में वास्तविक विकल्प क्या है, जहाँ अधिकांश पार्टियाँ पूंजीवाद का समर्थन करती
हैं(? वास्तव में, पूंजीवादी देशों में चुनाव अक्सर यह तय करने के बारे में होते हैं कि
कौन धनपशुओं के लिए कितनी दलाली करेगा और खुद के लिए कितना वेतन बढ़ाएगा.
जनवादी कोरिया में पेशेवर राजनेताओं
का कोई वर्ग नहीं है. यहाँ सामान्य श्रमिक, यहाँ तक कि सड़क सफाई कर्मी भी SPA के लिए चुने जाते हैं, जो
किसी पूंजीवादी समाज में लगभग असंभव है. भारत में लोकसभा के 543 सांसदों में कितने
सांसद किसान(नाम के नहीं) और श्रमिक पृष्टभूमि से हैं ? वैसे ही ब्रिटेन में 650
सांसदों में से केवल एक या दो ही श्रमिक वर्ग
पृष्ठभूमि से आते हैं, जो 0.5 प्रतिशत से भी कम है. वहीँ जनवादी कोरिया में जनवादी कोरिया में SPA के लगभग 50 प्रतिशत प्रतिनिधि श्रमिक और किसान हैं.SPA के 20 प्रतिशत प्रतिनिधि महिलाएँ हैं.
जनवादी कोरिया के चुनाव वास्तव में जनवादी लोकतंत्र का वास्तविक
उदाहरण हैं!
कई टिप्पणीकारों ने जनवादी कोरिया में “संसदीय चुनाव” या “रबर स्टैम्प
संसद” जैसे शब्दों का प्रयोग किया है, जबकि
वास्तव में जनवादी कोरिया में संसद नहीं है बल्कि एक सुप्रीम पीपल्स असेंबली
है, जो जनता की शक्ति का एक अंग है और जिसमें भारत और पश्चिमी देशों की
तरह पेशेवर करियर राजनेता नहीं होते.
वास्तव में जनवादी कोरिया में मतदाताओं के पास लोकतांत्रिक
अधिकार है की वे सूची के खिलाफ भी वोट कर सकते हैं और इसके लिए कोई सजा नहीं है ,
तो किसी को चिंतित होने की जरुरत नहीं है, आपलोग
अपने तथाकथित महान “लिबरल डेमोक्रेसी” से चिपके रहिये.
सवाल है तो फिर जनवादी कोरिया में 0.07 प्रतिशत लोगों ने विरोध में वोट क्यों दिया?
भला जीवनपर्यंत स्थायी रोजगार, टैक्स मुक्त व्यवस्था, मुफ्त आवास, मुफ्त
चिक्तिसा, मुफ्त शिक्षा और लगभग मुफ्त भोजन के खिलाफ कौन होगा? ऐसा करना तो पागलपन होगा!
यह तथ्य कि जनवादी कोरिया में केवल 0.07 प्रतिशत लोगों ने ही सूची के खिलाफ वोट दिया, देश में एकजुटता की भावना और समाजवादी व्यवस्था की मजबूती का प्रमाण
है.
जनवादी कोरिया में कोई बुर्जुआ या
पूँजीपति वर्ग नहीं है जो आम जनता की चुनाव सूची के खिलाफ वोट करे.
जनवादी कोरिया में जरुर कुछ अवशिष्ट
वर्ग शत्रु और प्रतिक्रियावादी तत्व हैं (संभवतः पूर्व शोषक वर्ग के वंशज जो
दक्षिण कोरिया नहीं गए), लेकिन बाद में उनकी कोई प्रासंगिकता
नहीं रह जाएगी और खुद ब खुद वे भी समाप्त हो जाएँगे.
जनवादी कोरिया वास्तव में पूर्ण एकता
का देश है.
जनवादी कोरिया के चुनाव वास्तव में जनवादी लोकतंत्र का वास्तविक
उदाहरण हैं! यह जनता का अपना चुनाव है.

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