जनवादी कोरिया का दक्षिण कोरिया से सुलह समझौते से इंकार

 जनवादी कोरिया ने दक्षिण कोरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद उससे किसी भी तरह के सुलह समझौते से साफ इंकार कर दिया है.

पर तथाकथित मुख्यधारा का मीडिया दक्षिण कोरिया की नई कठपुतली सरकार के तथाकथित "अंतर-कोरियाई संबंधों में सुधार" संबंधी बयानों को खूब प्रचारित कर रहा है. 28 जुलाई 2025 को अपनी प्रेस वार्ता में, जनवादी कोरिया की वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय समिति की उपाध्यक्षा कॉमरेड किम य जंग ने दक्षिण कोरिया की नई ली जे म्यंग सरकार के प्रति जनवादी कोरिया के रुख को पूरी तरह स्पष्ट किया है 

और अंतर-कोरियाई संबंधों के मुद्दे पर जनवादी कोरिया की स्थिति को दोहराया है.

कॉमरेड किम य जंग ने स्पष्ट किया कि जनवादी कोरिया को इस बात में कोई रुचि नहीं है कि दक्षिण कोरिया में कौन सत्ता में है, उन्होंने कहा कि "हमें इसकी परवाह नहीं है कि वहाँ राष्ट्रपति कौन चुना जाता है या वहाँ क्या नीति अपनाई जा रही है और इसलिए, हमने अभी तक इसका कोई आकलन नहीं किया है".

सत्ता परिवर्तन के बाद जनवादी कोरिया विरोधी मनोवैज्ञानिक युद्ध अभियानों को कम करने जैसे दक्षिण कोरिया के बहुचर्चित उपायों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इस उपाय में कुछ भी विशेष या उदार नहीं है, क्योंकि ऐसे अभियान पहले ही शुरू किए जाने चाहिए थे. अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया का रवैया किसी अपराधी की तरह है जो किसी के घर में चोरी न करने पर प्रशंसा या पुरस्कार की उम्मीद करता है.

जनवादी कोरिया ने निष्कर्ष निकाला कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दक्षिण कोरियाई कठपुतली शासन "उदारवादी" मुखौटा पहने या फासीवादी, सुलह और सहयोग संभव नहीं है.

इसके अलावा, ली जे म्यंग सरकार तथाकथित "अमेरिका- दक्षिण कोरिया गठबंधन" को जारी रखने का वादा कर रही है, और साथ में जबकि "अंतर-कोरियाई संबंधों में सुधार" की बात भी कर रही है. पर जनवादी कोरिया का कहना है कि नई सरकार का अमेरिका दक्षिण कोरिया गठबंधन के प्रति अंध वफादारी और हमसे टकराव की कोशिश पिछली सरकारों से जरा सा भी अलग नहीं है. 

 वास्तव में दक्षिण कोरिया का नए कठपुतली राष्ट्रपति ली जे म्यंग ने अपने शपथग्रहण से पहले से ही अमेरिका- दक्षिण कोरिया गठबंधन पर बार-बार ज़ोर दिया है, और उसने इसी 27 जुलाई को वाशिंगटन, डी.सी. में आयोजित कोरिया युद्धविराम समझौते के स्मरणोत्सव समारोह में कहा कि "संयुक्त राज्य अमेरिका से हमारा खून का गठबंंधन है और वह हमारा सबसे मज़बूत सहयोगी है."

जनवादी कोरिया इसे पिछली धुर फासीवादी यून सक यल सरकार के विचारों से अलग नहीं मानता.

काॅमरेड किम य जंग ने कहा कि "बड़े पैमाने पर, आक्रामक संयुक्त सैन्य अभ्यासों के निरंतर कार्यान्वयन से जल्द ही स्थिति बिगड़ेगी और दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारी कोरियाई प्रायद्वीप में बिगड़ती स्थिति की ज़िम्मेदारी जनवादी कोरिया पर डाल देंगे".

 अगस्त 2025 में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच उल्ची फ्रीडम गार्डियन संयुक्त सैनिक अभ्यास और सितम्बर 2025 में दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच फ्रीडम एज संयुक्त सैनिक अभ्यास होने वाला है.

दक्षिण कोरिया में 4 जून 2025 से तथाकथित "उदारवादी", और " प्रगतिशील " सरकार के सत्ता संभालने के बाद भी शीतयुद्धकालीन घोर फासीवादी कानून राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का दमनचक्र जारी है.

▲26 जून को, सियोल मेट्रोपॉलिटन पुलिस एजेंसी के सुरक्षा जाँच प्रभाग ने जापान-विरोधी कार्रवाई समूह के प्रमुख को गिरफ़्तार किया और उसकी तलाशी ली.

 ▲1 जुलाई को, क्यंगबुक प्रांतीय पुलिस एजेंसी और सियोल मेट्रोपॉलिटन पुलिस एजेंसी ने प्रगतिशील ऑनलाइन अखबार फ्रीडम टाइम्स के तीन वर्तमान और पूर्व पत्रकारों को गिरफ़्तार किया.

▲17 जुलाई को, सियोल महानगर पुलिस एजेंसी के सुरक्षा जांच प्रभाग ने पूर्व पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि और पार्टी मुख्यालय पर छापा मारा.

▲24 जुलाई को, क्यंगी उत्तरी पुलिस एजेंसी ने ऑनलाइन अखबार फ्रीडम टाइम्स के ही एक रिपोर्टर को एक अतिरिक्त समन जारी किया.

▲28 जुलाई को, देजन महानगर पुलिस एजेंसी के सुरक्षा जांच प्रभाग ने एक अन्य प्रगतिशील ऑनलाइन अखबार साराम इल्बो के कार्यालय पर छापा मारा.

▲29 जुलाई को, इनछन महानगर पुलिस एजेंसी के सुरक्षा जांच प्रभाग ने प्रगतिशील कवियत्री क्वन माल सन को गिरफ्तार किया. यह काफी है बताने के लिए कि फासीवादी दक्षिण कोरिया में ज्यादा कुछ नहीं बदला है.

 कॉमरेड किम य जंग ने सही ही कहा है, "हम एक बार फिर आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हैं कि सियोल में चाहे कोई भी नीति अपनाई जाए और कोई भी प्रस्ताव रखा जाए, हमें उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और न ही दक्षिण कोरिया के साथ मिलने का कोई कारण है और न ही इस मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए."

यह एक सही और न्यायसंगत रुख है. दक्षिण कोरिया द्वारा अंतर कोरियाई संबंध सुधार की बात , जनवादी कोरिया को अपनी सतर्कता कम करने के लिए एक चाल मात्र हैं. तथाकथित प्रगतिशील ली जे म्यंग सरकार अभी भी "विलय के माध्यम से एकीकरण" और जनवादी कोरिया में समाजवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और जनवादी कोरिया को उपनिवेश बनाने की योजना बना रहा है. हालाँकि, जनवादी कोरिया दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों की इन चालाक चालों को भाँप चुका है. इसलिए कठपुतली दक्षिण कोरिया से सुलह समझौते से इंकार कर जनवादी कोरिया ने बिल्कुल सही कदम उठाया है. 



 


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