महामारी से सफलतापूर्वक लड़ाई-2

 अप्रैल 2022 के आखिरी सप्ताह से  फैलनी शुरू हुई कोविड महामारी के खिलाफ जनवादी कोरिया की लड़ाई  बिना किसी बाहरी मदद के खुद के संसाधनों से सफलतापूर्वक जारी है.

 देश की राजधानी फ्यंगयांग ही नहीं  देश के दूर दराज में बसे इलाकों में भी महामारी से सफलतापूर्वक लड़ा जा रहा है. जनवादी कोरिया के उत्तर पश्चिम में स्थित छागांग प्रांत (자강도) का अधिकांश भाग दुर्गम पहाड़ों से घिरा हुआ है परंतु प्रांत के ऐसे दुर्गम और दूर दराज वाले इलाकों के भी एक एक घर में कोविड संक्रमितों की जांच और इलाज के लिए त्वरित चलंत दस्ता (Quick Mobile Squad) जा रहा है. गंभीर मरीजों के इलाज के लिए टेलि मेडिसिन (Tele Medicine) की मदद ली जा रही है.


जनवादी कोरिया में किसी को तथाकथित "विकसित और लोकतांत्रिक" देशों के नागरिकों की तरह तिल तिल कर मरने के लिए नहीं छोड़ा जा रहा पर शैतान  दक्षिण कोरिया के एक कारपोरेटी कठपुतली अखबार द कोरिया टाईम्स ने अनुमान लगाया है कि कोविड से जनवादी कोरिया में एक लाख मौतें हुई हैं. पर असल में जनवादी कोरिया में अब तक यानि 31 मई 2022 तक केवल 70 लोग ही मरे हैं जो दक्षिण कोरियाई अनुमान का 0.001 प्रतिशत ही है. जबकि इसी दक्षिण कोरिया में आधिकारिक रूप से 31 मई 2022 तक कोविड से 24,176 मौतें हो चुकी हैं जो कि जनवादी कोरिया से 342 गुणा ज्यादा है! जनवादी कोरिया ने मात्र तीन हफ्तों के भीतर ही सख्त लाॅकडाउन और कोरियाई जन सेना (Korean People's Army) के स्वास्थ्य तक को लामबंद कर नए मामलों और मौतों की संख्या घटाने में सफलता प्राप्त की. ताजा आंकड़ों के अनुसार  अप्रैल अंत से लेकर 30 मई 2022 तक  36 लाख45 हजार620 लोग संक्रमित हो चुके हैं  और इसमें से 94.98% यानि 34 लाख 62 हजार 610 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और लगभग 5% यानि 1 लाख 82 हजार 940 लोगों का इलाज चल रहा है और अबतक 70 लोगों की मौत (मृत्यु दर  0.002%) हुई है. 

यहां आंकड़ों और भविष्यवाणियों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक मुद्दा यह है कि तथाकथित मुख्यधारा के मीडिया के साथ-साथ उदारवादी और यहां तक ​​कि कुछ वामपंथी भी दक्षिण कोरियाई फासीवादी कठपुतली मीडिया द्वारा जनवादी कोरिया के बारे में कही गई या लिखी गई किसी भी बात को पत्थर की लकीर मान लेते हैं और बस इसे ही दोहराते रहते हैं और कॉपी और पेस्ट करते हैं. उसी दक्षिण कोरियाई मीडिया का जिसकी जनवादी कोरिया के बारे में 99.9999% खबरें अंत में सिर्फ झूठ और पूरी तरह बकवास साबित हुई हैं.

चलिए मौकापरस्त लिबरलों को छोड़ देते हैं और उन वामपंथियों से कहते हैं, जो दक्षिण कोरिया द्वारा उत्पादित फासीवादी झूठ को तोते जैसे रटते रहते हैं . ऐसे लोगों से यही कहना है कि'आप उस शैतानी दक्षिण कोरियाई शासक वर्ग के झूठ को दोहरा रहे हैं जिन्होंने क्वांगजू नरसंहार, जेजू द्वीप हत्याकांड को अंजाम दिया और जिन्होंने कई कम्युनिस्टों  समेत देशभक्त नागरिकों को मार डाला, आप उसी दक्षिण कोरियाई शासन द्वारा उत्पादित जनवादी कोरिया संबंधित तमाम झूठों को दोहरा रहे हैं जिसने अभी तक दुनिया के सबसे अभूतपूर्व  फासीवादी दमनकारी कानूनों में से एक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को बरकरार रखा है. मोदी और शाह जैसे शैतानो ने अगर अपने ही हमशैतान दक्षिण कोरियाई शासक वर्गों से प्रेरणा ली भी होगी तो इसमें कोई अचंभे की बात नहीं है.

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