म्योह्यांग पर्वत में शरद ऋतु

 

उत्तर कोरिया के खूबसूरत पहाड़ों में शुमार म्यौह्यांग पर्वत शरद ऋतु में कुछ ऐसा दिखता है जब मैपल वृक्ष के पत्ते पूरी तरह से लाल हो जाते हैं. अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में ये नजारा चरम पर रहता है. साथ में हैं शीशे की तरह पारदर्शी पानी वाले झरने और नदियाँ.

ऐसा नजारा तो पूंजीवादी व्यवस्था वाले ठंढी जलवायु वाले देशों में भी देखा जा सकता है तो उत्तर कोरिया में क्या खास है. खास है ये म्यौह्यांग पर्वत जहाँ 60-70 के दशक में सोने के विशाल भंडारों का पता चला था पर उत्तर कोरिया के समाजवाद ने पैसे की जगह प्रकृति को तरजीह दी. अगर ऐसा अंधाधुंध मुनाफे के हवसी धनपशुओं के गढ़ अमेरिका या दक्षिण कोरिया में होता तो क्या होता? भारत में बक्सवाहा के जंगलों पर क्यों खतरा मंडरा रहा है? 

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