क्यों अव्यवहारिक है जनवादी कोरिया की परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग
दक्षिण कोरिया के कठपुतली राष्ट्रपति ली जे म्यंग ने 23 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने मुख्य भाषण में जनवादी कोरिया के "परमाणु निरस्त्रीकरण" ( Denuclearization) का फिर से आह्वान किया. उसने कहा कि "परमाणु निरस्त्रीकरण एक महत्वपूर्ण कार्य है ," लेकिन इसे अल्पावधि में हासिल करना मुश्किल है , और उसने रोकना–कम करना–समाप्त करना’ के चरणबद्ध दृष्टिकोण का प्रस्ताव रखा. पदभार ग्रहण करने के बाद से , ली ने इस स्सल दक्षिण कोरिया के स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन सहित हर अवसर पर जनवादी कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की लगातार वकालत की है. इसलिए ली द्वारा बार-बार किए जा रहे जनवादी कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण ) संबंधी दावे को अनुचित बताते हुए आलोचनाएँ सामने आ रही हैं. पूर्व एकीकरण मंत्री जंग से-ह्योन ने कहा , “ विदेश और सुरक्षा मामलों के सलाहकारों में समस्या है” जबकि विशेषज्ञ किम दोंग यप ने कहा कि सरकार “निरस्त्रीकरण के जाल से बाहर नहीं निकल पा रही है” और रोकना–कम करना–समाप्त करना’ जैसे पारंपरिक चरणबद्ध सिद्धांत पर अटकी हुई ...





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