बेरोजगारी से मुक्त देश
यूरोप इस
समय आर्थिक मंदी से जूझ रहा है.
जर्मनी में
केवल 2026 की पहली
छमाही में ही ऑटोमोबाइल, धातु और अन्य क्षेत्रों की लगभग 12,000 कंपनियां बंद हो गईं.
ब्रिटेन में
बेरोजगारी का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है. इसका असर खासकर 24 वर्ष से कम उम्र के
युवाओं पर पड़ रहा है.
फ्रांस में
बेरोजगारी 2021 के बाद के
सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. 2026 की दूसरी तिमाही में बेरोजगार लोगों की
संख्या 27 लाख हो गई.
यह पिछली तिमाही की तुलना में 62,000 अधिक है.
EUROSTAT ने बताया कि यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में फिनलैंड की
बेरोजगारी दर सबसे अधिक है.
नौकरी के
अवसर लगातार कम हो रहे हैं. यहां तक कि उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों के लिए भी नौकरी
पाना मुश्किल होता जा रहा है.
माना जाता
है कि बढ़ती ऊर्जा कीमतें इस वैश्विक चिंता का एक मुख्य कारण हैं.
भारत की बात करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार, 15-25 आयु वर्ग के लगभग 40% और 25-29 आयु वर्ग के 20% स्नातक बेरोजगार हैं. CMIE के आँकड़े बताते हैं कि स्नातकों में बेरोजगारी दर 14.5% थी, जबकि 20-24 आयु वर्ग में यह 36% तक थी.अप्रैल-जून 2026 में 15-29 आयु वर्ग की युवा बेरोजगारी दर 15.9% के शिखर पर पहुंच गई. युवा महिलाओं में यह दर 19.6% थी. NITI आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 15-29 आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा NEET (न तो शिक्षा, न नौकरी, न प्रशिक्षण) की श्रेणी में हैं
लेकिन एक
ऐसा देश भी है जहां स्थिति अलग है— वह है जनवादी कोरिया
यह
उल्लेखनीय है कि जनवादी कोरिया के कामकाजी लोग ‘बेरोजगारी’ शब्द से ही परिचित नहीं हैं.
बताया जाता
है कि जब लोग काम करने की उम्र में पहुंचते हैं, तो राज्य उन्हें उनकी रुचि, क्षमता और प्रतिभा के
अनुसार नौकरी चुनने का अवसर देता है.
युवा लोग
कठिन और मेहनत वाले क्षेत्रों में काम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं. वे
अपना जीवन देश के लिए समर्पित करते हैं.
वे इसे अपना
पवित्र नागरिक कर्तव्य और देशभक्ति की अभिव्यक्ति मानते हैं.
हाल के
वर्षों में जनवादी कोरिया अपने समाजवादी निर्माण के व्यापक विकास को आगे बढ़ा रहा
है.
कई नए
औद्योगिक प्रतिष्ठान बनाए गए हैं. कई पुराने प्रतिष्ठानों का नवीनीकरण और
आधुनिकीकरण भी किया गया है.
इससे
अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है.
इसका एक
उदाहरण यह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हल्के उद्योगों के कारखाने बनाए जा
रहे हैं.
कोरियाई
वर्कर्स पार्टी की क्षेत्रीय विकास 20×10 नीति के अनुसार,
2024 से हर वर्ष 20
शहरों और
काउंटी में आधुनिक क्षेत्रीय उद्योगों के कारखाने बनाए जा रहे हैं.
इन कारखानों
का निर्माण संबंधित क्षेत्रों की आर्थिक विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा
है.
इसके
परिणामस्वरूप 40 शहरों और
काउंटी में हल्के उद्योगों के कारखाने बन चुके हैं.
यह संख्या
देश की कुल क्षेत्रीय प्रशासनिक इकाइयों का लगभग पांचवां हिस्सा है.
जहां
राजधानी फ्यंगयांग में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है, वहीं पूरे देश में
आधुनिक ग्रामीण मकानों के निर्माण की परियोजना भी तेजी पकड़ रही है.
निर्माण
क्षेत्र की इस तेज वृद्धि का धातु, निर्माण सामग्री, रसायन और उससे जुड़े अन्य उद्योगों पर भी
सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.
इसके अलावा,
खनन,
मछली पालन,
पशुपालन,
पर्यटन और
कई अन्य क्षेत्रों में भी फिर से गतिविधियां बढ़ रही हैं.
कई पुराने
प्रतिष्ठानों का पुनर्गठन किया जा रहा है. नए प्रतिष्ठान बनाए जा रहे हैं और
पुराने प्रतिष्ठानों को आधुनिक बनाया जा रहा है.
यह सब
रोजाना आगे बढ़ रहा है.स्पष्ट रूप से, इससे नौकरी के अवसरों में और
वृद्धि होगी. तब तक तथाकथित लिबरल डेमोक्रेसी में रहने वाले लोग बेरोजगारी को
एन्जॉय करते रहें.

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