जनवादी कोरिया और वेनेजुएला स्थिति के सबक
हाल ही में प्रगतिशीलों, समाजवादियों और साम्राज्यवाद-विरोधियों को इस खबर से झटका लगा कि अमेरिका ने न केवल वेनेजुएला पर पूरी तरह से अकारण हमला किया, जिसमें अब हम जानते हैं कि कई लोग मारे गए, बल्कि एक अत्यंत घृणित राज्य आतंकवादी हमले में राष्ट्रपति मादुरो का अपहरण कर लिया और अमेरिका ले जाकर कैद कर लिया.ये कार्रवाइयाँ वस्तुतः अभूतपूर्व हैं.
वेनेजुएला में अमेरिका का उद्देश्य दोहरा (या संभवतः तिहरा) है. पहला, राष्ट्रपति मादुरो की साम्राज्यवाद-विरोधी स्वतंत्र सरकार, जो काॅमरेड ह्यूगो शावेज़ ,जिन्होंने वेनेजुएला में बोलिवेरियाई क्रांति का नेतृत्व किया, के नक्शेकदम पर चलते हैं , को गिराना और एक कठपुतली शासन स्थापित करना. दूसरा उद्देश्य वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करना है, जैसा कि अमेरिका ने इराक में किया. तर्कसंगत रूप से, वेनेजुएला में अमेरिका के आक्रामक कार्य का एक तीसरा उद्देश्य एप्स्टीन घोटाले से ध्यान हटाना था, जिसने अमेरिकी साम्राज्य के केंद्र में भ्रष्टाचार और पतनशीलता को दिखाया.
अमेरिका जनवादी कोरिया के साथ भी वही करना चाहेगा जो उसने वेनेजुएला के साथ किया, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकता! वास्तव में, वह कोशिश करने की हिम्मत भी नहीं करेगा!
पहला, जनवादी कोरिया ने अपनी स्वयं की शक्तिशाली परमाणु निवारक क्षमता का निर्माण किया. इसने 6 परमाणु परीक्षण किए, जिनमें से पहला 2006 में हुआ. जनवादी कोरिया ने कई वर्षों तक सनगुन (सेना पहले) की नीति लागू की. जनवादी कोरिया एक समाजवादी परमाणु शक्ति और एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) शक्ति बन गया.
दूसरा, जनवादी कोरिया हमेशा सतर्क रहता है.2018 में, जनवादी कोरिया के दौरे पर गए एक प्रतिनिधिमंडल में एक उदारवादी झुकाव वाले व्यक्ति ने देखा कि सुबह 3 बजे एक श्रमिक-किसान रेड गार्ड सड़क पर गश्त कर रहा था और उसने सोचा कि यह मजाकिया है और "दुश्मन पैराशूटिस्टों के उतरने" के बारे में मजाक बनाया. लेकिन जैसा कि हम वेनेजुएला से जानते हैं, दुश्मन पैराशूटिस्टों का खतरा बहुत वास्तविक है. इस प्रकार जनवादी कोरिया अमेरिकी साम्राज्यवादियों के खिलाफ सतर्कता बनाए रखता है.
तीसरा, सबूत सामने आ रहे हैं (हालांकि खंडित) कि वास्तव में काॅमरेड मादुरो को अंदर से धोखा दिया गया और वेनेजुएला की सेना एक तरफ खड़ी रही, या कम से कम इतना करने में बहुत अक्षम थी, जिससे उनके राष्ट्रपति का अपहरण हो सका. जनवादी कोरिया ने हमेशा किसी भी आंतरिक गद्दारों को कुचल दिया है, चाहे वह 1956 में गुटबाजीवादी (सोवियत समर्थक और चीनी समर्थक) हों, 1967 में पार्टी-विरोधी संशोधनवादी हों या 2013 में छंग सांग थेक हो. इसके अलावा, काॅमरेड मादुरो ने वास्तव में अमेरिका से बात की और पकड़े जाने से पहले अमेरिका को रियायतें देने की भी पेशकश की. वहीं जनवादी कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण के बारे में अमेरिका से बात करने को खारिज कर दिया.
चौथा, जनवादी कोरिया ने समाजवादी परिवर्तन (1950 के दशक में ही) पूरा कर लिया और पूंजीपति वर्ग को समाप्त कर दिया . बकौल ब्रिटिश काॅमरेड डरमट हडसन अक्टूबर 2005 में वेनेजुएला में एक अंतरराष्ट्रीय जूछे साम्राज्यवाद-विरोधी कांग्रेस में भाग लेने के लिए गए थे, जो जनवादी कोरिया द्वारा आयोजित की गई थी लेकिन वेनेजुएला सरकार द्वारा समर्थित और आयोजित की गई थी (उन दिनों काॅमरेड शावेज़ थे). विडंबना यह है कि सम्मेलन हिल्टन होटल में आयोजित किया गया था, इससे यह बहुत स्पष्ट था कि वहाँ पूंजीपति और प्रतिक्रियावादी तत्व मौजूद थे; लिफ्ट में काॅमरेड हडसन ने अमीर लोगों को "कम्युनिस्ट!" फुसफुसाते सुना जब उन लोगों ने उन्हें देखा. न केवल एक हिल्टन होटल था (हो सकता है कि वेनेजुएला सरकार ने इसे अपने उपयोग के लिए अपने अंदर ले लिया था), बल्कि होटल के कमरे की खिड़की से एक एचएसबीसी (HSBC) बैंक दिखाई देता था.
बेशक यह सच है कि काॅमरेड शावेज़ ने विदेशी तेल कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया और एक विदेशी निगम की इमारत को मजदूरों के विश्वविद्यालय में बदल दिया. साथ ही, वेनेजुएला अपने पड़ोसी ब्राजील के विपरीत तेजी से नई सड़कों और आवासों का निर्माण कर रहा था. हालाँकि, समाजवादी परिवर्तन के मामले में वेनेजुएला जनवादी कोरिया से वर्षों, वास्तव में दशकों पीछे था और उसमें जनवादी कोरिया की स्थिरता और एकता का अभाव था.
अंत में, जनवादी कोरिया ने अमेरिका के साथ बातचीत को पूरी तरह से खारिज नहीं करते हुए भी, अपने मौलिक हितों पर अमेरिका के साथ वार्ता को अस्वीकार कर दिया है, इसलिए वह अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण के बारे में बात नहीं करेगा, जबकि काॅमरेड मादुरो ने अमेरिका से बात करने की कोशिश की.
उपर्युक्त महत्वपूर्ण सबक हैं.
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