बारूदी सुरंग के विस्फोट का सच
21 सितंबर 2026 को हुई को जनवादी कोरिया- दक्षिण कोरिया सीमा पर बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना हुई. जैसा की अपेक्षित था कि दक्षिण कोरियाई कठपुतलियों ने इसका जिम्मेदार जनवादी कोरिया को ठहराया. पर सच्चाई कुछ और है. अमेरिकी कठपुतली दक्षिण कोरिया की तरफ से जनवादी कोरिया- दक्षिण कोरिया के सीमावर्ती इलाकों की कमान सँभालने वाले संयुक्त राष्ट्र कमान ( UNC) के अनुसार बारूदी सुरंग विस्फोट वाली जगह सैन्य सीमांकन रेखा ( MDL ) के उत्तर की ओर थी. तो क्या दक्षिण कोरिया को माफी नहीं मांगनी चाहिए ? 21 सितंबर को पश्चिमी मोर्चे पर जहां बारूदी सुरंग विस्फोट हुआ , वहां जून में ही भू-भाग में बदलाव देखा गया था. क्या उस समय कठपुतली दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने संयुक्त राष्ट्र कमान से पूछा था कि क्या यह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन नहीं है. उस समय संयुक्त राष्ट्र कमान ने एक फैक्टशीट भी जारी की थी. उसमें कहा गया था कि यह हमला करने वाला ढांचा नहीं , बल्कि रक्षात्मक व्यवस्था है. इसलिए इसे समस्या नहीं माना गया. संयुक्त राष्ट्र कमान ने यह भी कहा था कि जनवादी ...